गिरिडीह में नवविवाहिता रजिया खातून की संदिग्ध मौत, परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया; जमुआ-खोरीमहुआ मार्ग जाम
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र में विवाह के लगभग एक माह बाद ही रजिया खातून नामक नवविवाहिता की गुरुवार, 10 जुलाई की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है और शुक्रवार को शव के साथ जमुआ-खोरीमहुआ मुख्य मार्ग पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए यातायात बाधित कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
जिले के भूचारोबाद (आजाद नगर) निवासी रजिया खातून का विवाह हीरोडीह थाना क्षेत्र के कुरूमडीहा गाँव के अब्जल अंसारी से हुआ था। गुरुवार की शाम उसकी संदिग्ध मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुँचे और ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने गुरुवार को ही शव को अपने कब्जे में लेकर गिरिडीह सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सड़क जाम और विरोध-प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को जब परिजन शव लेकर गाँव पहुँचे, तो उन्होंने शव को जमुआ-खोरीमहुआ मुख्य मार्ग पर रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने ससुराल पक्ष की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की।
दहेज उत्पीड़न का आरोप
मृतका के परिजनों का कथित तौर पर कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल की माँग कर रहा था। परिजनों के अनुसार, यह माँग पूरी न होने पर रजिया को लगातार प्रताड़ित किया जाता था और इसी प्रताड़ना के चलते उसकी हत्या की गई। हालाँकि, ये आरोप अभी पुलिस जाँच के अधीन हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच की स्थिति
हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और काफी देर तक वार्ता के बाद परिजनों को जाम समाप्त करने के लिए राजी किया, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार कराया गया। थाना प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि मौत हत्या का मामला है या आत्महत्या का। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
थाना प्रभारी के अनुसार, परिजनों से लिखित शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच आगे बढ़ाई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाएगी, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।