10 जुलाई 2026
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NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने कन्नौज में पॉश प्रशिक्षण का नेतृत्व किया, सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण

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NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने कन्नौज में पॉश प्रशिक्षण का नेतृत्व किया, सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण

सारांश

NCW अध्यक्ष विजया राहटकर का कन्नौज-कानपुर दौरा महज़ औपचारिकता नहीं था — यह पॉश अधिनियम को ज़मीन पर उतारने की कोशिश थी। सखी वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण से लेकर महिला जनसुनवाई तक, यह अभियान उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के संस्थागत ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने 10 जुलाई 2026 को कन्नौज में सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC) का निरीक्षण किया।
पॉश अधिनियम, 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन, पारदर्शी शिकायत निवारण और आंतरिक समितियों (IC) के गठन पर बल दिया गया।
असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए स्थानीय समितियों (LC) के बारे में जागरूकता फैलाने की अपील की गई।
लाभार्थियों को मोबाइल फोन, बच्चों को चेक और संस्थानों को वैज्ञानिक उपकरण वितरित किए गए।
कानपुर में 'महिला जनसुनवाई' आयोजित हुई और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा पर चर्चा की गई।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया राहटकर ने 10 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC) का निरीक्षण किया और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम से संबंधित पॉश (POSH) प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस दौरे का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसर वाले कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में जागरूकता बढ़ाना था।

पॉश प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य बिंदु

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए राहटकर ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण तभी संभव है जब प्रत्येक कार्यस्थल सुरक्षित, सम्मानजनक हो और समान अवसर प्रदान करे। उन्होंने पॉश अधिनियम, 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष बल दिया।

NCW अध्यक्ष ने शिकायतों के पारदर्शी, गोपनीय और समयबद्ध समाधान की आवश्यकता को रेखांकित किया। साथ ही, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए स्थानीय समितियों (LC) के बारे में जागरूकता फैलाने और नियोक्ताओं व कर्मचारियों की नियमित क्षमता वृद्धि के लिए सक्षम एवं निष्पक्ष आंतरिक समितियों (IC) के गठन पर भी ज़ोर दिया।

सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण

NCW ने एक्स (सोशल मीडिया) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राहटकर ने कन्नौज स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं को शीघ्र, संवेदनशील और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की जाए।

NCW अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षित कार्यस्थल केवल एक कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला भी है।

लाभार्थियों को वितरण और सामाजिक कार्यक्रम

कन्नौज दौरे के दौरान राहटकर ने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ वितरित किए। उन्होंने नवजात शिशुओं के अन्नप्राशन समारोह और गोद भराई कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस अवसर पर महिलाओं को मोबाइल फोन, बच्चों को चेक और विभिन्न संस्थानों को वैज्ञानिक उपकरण प्रदान किए गए।

कानपुर दौरे में लैंगिक संवेदनशीलता पर जोर

इससे एक दिन पहले, गुरुवार को राहटकर ने कानपुर का दौरा किया जहाँ उन्होंने लैंगिक संवेदनशीलता से संबंधित पुलिसिंग, कार्यस्थल सुरक्षा, शिकायत निवारण और महिला सशक्तिकरण के लिए संस्थागत सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।

कानपुर में सर्किट हाउस में आयोजित 'महिला जनसुनवाई' में उन्होंने महिलाओं की समस्याएँ सुनीं और बाद में कानपुर मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। 'शक्ति और सुरक्षा' के उद्घाटन सत्र में उन्होंने लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़ी पुलिसिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

आगे की राह

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामले राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय स्थान रखते हैं। NCW का यह अभियान उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पॉश अधिनियम के अनुपालन और जागरूकता को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी असंगठित क्षेत्र में आंतरिक समितियों की उपस्थिति नगण्य है। जागरूकता कार्यक्रम तब तक पर्याप्त नहीं होंगे जब तक अनुपालन की जाँच के लिए स्वतंत्र और नियमित ऑडिट तंत्र न हो। NCW के दौरों की प्रतीकात्मक उपयोगिता से इनकार नहीं, लेकिन असली परीक्षा यह है कि इन निरीक्षणों के बाद जवाबदेही सुनिश्चित होती है या नहीं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने कन्नौज में क्या किया?
विजया राहटकर ने 10 जुलाई 2026 को कन्नौज स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और पॉश (POSH) प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व किया। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं को शीघ्र और संवेदनशील सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
पॉश अधिनियम 2013 क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
पॉश (POSH) अधिनियम 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण के लिए बनाया गया भारतीय कानून है। यह नियोक्ताओं को आंतरिक शिकायत समितियाँ गठित करने और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बाध्य करता है।
सखी वन स्टॉप सेंटर क्या होता है?
सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC) हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और पुलिस सहायता उपलब्ध कराने वाली सरकारी सुविधा है। यह केंद्र सरकार की 'मिशन शक्ति' योजना के तहत संचालित होते हैं।
राहटकर के कानपुर दौरे में क्या हुआ?
कानपुर दौरे में NCW अध्यक्ष ने सर्किट हाउस में 'महिला जनसुनवाई' आयोजित की और कानपुर मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा व कल्याण पर चर्चा की। 'शक्ति और सुरक्षा' सत्र में लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़ी पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए NCW ने क्या सुझाव दिया?
NCW अध्यक्ष ने असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए स्थानीय समितियों (LC) के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं तक पॉश अधिनियम के लाभ पहुँचाने के लिए नियमित क्षमता निर्माण कार्यक्रम ज़रूरी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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