नोएडा सेक्टर-58: खुले नाले में गिरकर 27 वर्षीय आर्यन की मौत, परिजनों ने प्राधिकरण पर लगाया लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-58 में 10 जुलाई को एक दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय युवक आर्यन की खुले नाले में गिरकर मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति में आर्यन नाले और सड़क का अंतर नहीं पहचान सका और गहरे नाले में जा गिरा। इस हादसे ने नोएडा में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था और नोएडा प्राधिकरण की कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
आर्यन रोज़ की तरह अपने कार्यस्थल की ओर जा रहा था, जब सेक्टर-58 के पास भारी बारिश से हुए जलभराव ने सड़क और नाले की सीमा को अदृश्य कर दिया। अचानक वह गहरे नाले में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बाद में उसे नाले से निकाला गया, परंतु उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।
परिजनों और स्थानीय निवासियों का आक्रोश
आर्यन के परिजनों ने नोएडा प्राधिकरण पर कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। परिजनों का कहना है कि यदि नाले को समय पर ढका गया होता या वहाँ चेतावनी संकेत और सुरक्षा बैरिकेड लगाए गए होते, तो आर्यन की जान बचाई जा सकती थी।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं और बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद प्राधिकरण ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति में सड़क और नाले में अंतर करना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन पर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब मानसून के दौरान देश के कई शहरों में खुले नालों और अपर्याप्त जल-निकासी व्यवस्था से जुड़ी दुर्घटनाएँ लगातार रिपोर्ट हो रही हैं। गौरतलब है कि नोएडा जैसे नियोजित शहर में भी खुले नालों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होना प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई थीं, लेकिन खुले नालों को ढकने या बैरिकेडिंग करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
परिवार की माँगें
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जाँच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिलाने की माँग की है। स्थानीय लोगों ने भी प्राधिकरण से तत्काल क्षेत्र के सभी खुले नालों को ढकने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
क्या होगा आगे
पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। यदि जाँच में प्राधिकरण की लापरवाही सिद्ध होती है, तो कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मानसून सीजन में ऐसी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्राधिकरण पर तत्काल कदम उठाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।