नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बारिश का कहर: खुले मैनहोल में गिरा 10 वर्षीय बच्चा, सेक्टर-105 में ट्रांसफार्मर डूबे
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 7 जुलाई को हुई तेज बारिश ने एक बार फिर दोनों शहरों की जल निकासी व्यवस्था की खामियाँ उजागर कर दीं। महज एक घंटे की बारिश में सेक्टर-105 समेत कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया, जबकि ग्रेटर नोएडा में एक सड़क किनारे खुले गटर में 10 वर्षीय बच्चा गिर गया — जिसे समय रहते बचा लिया गया।
सेक्टर-105 में नाला ओवरफ्लो, ट्रांसफार्मर खतरे में
सेक्टर-105 स्थित सीएनजी पेट्रोल पंप के सामने से गुजरने वाला मुख्य नाला क्षमता से अधिक भर जाने के कारण पूरी तरह ओवरफ्लो हो गया। दूषित पानी सेक्टर की आंतरिक नालियों और सड़कों पर वापस बहने लगा। एटीएस हेमलेट का बारिश का पानी भी तेज गति से इसी नाले में आने से स्थिति और बिगड़ गई।
ग्रीन बेल्ट और आसपास की कॉलोनियों में पानी भर जाने के बाद सबसे बड़ी चिंता वहाँ स्थापित बिजली के मुख्य ट्रांसफार्मरों को लेकर है। इनसे जुड़ी भूमिगत केबलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पानी नहीं निकाला गया तो शॉर्ट सर्किट और पानी में करंट फैलने से जनहानि का खतरा बना रहेगा।
पिछले साल भी हुई थी 48 घंटे बिजली बाधित
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी प्रकार के जलभराव के कारण भूमिगत बिजली केबलें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे पूरे सेक्टर में लगभग 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। उन्होंने चेताया कि इस बार भी समय रहते कार्रवाई न हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। आरडब्ल्यूए ने नोएडा प्राधिकरण और विद्युत विभाग से तत्काल पंप लगाकर पानी निकालने, नाले के बैकफ्लो को रोकने और बिजली के ढाँचे को सुरक्षित करने की माँग की है।
ग्रेटर नोएडा में खुले मैनहोल में गिरा बच्चा, ARTO ने बचाया
यह ऐसे समय में आया है जब ग्रेटर नोएडा में एक और चिंताजनक घटना सामने आई। सड़क किनारे खुले पड़े गटर में एक 10 वर्षीय बच्चा अचानक गिर गया। बच्चे की माँ की चीख-पुकार सुनकर मौके से गुजर रहे एआरटीओ राजेश मोहन और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए गटर में उतरकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर रेस्क्यू होने से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने खुले मैनहोल और गटरों को लेकर प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सेक्टर-62 से गाजियाबाद मार्ग पर भी जलभराव
सेक्टर-62 स्थित लेबर चौक से गाजियाबाद को जोड़ने वाली सड़क पर भी भारी जलभराव देखा गया। गंदे और दूषित पानी में स्कूटी चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी हुई, कई वाहन बंद हो गए और लंबा जाम लग गया। स्थानीय लोगों के अनुसार दूषित पानी के कारण संक्रामक और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
प्राधिकरण की चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरे हालात
गौरतलब है कि नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पहले ही जलभराव की स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दे चुके थे, लेकिन इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में हालात नहीं सुधरे। यह लगातार दूसरा मानसून है जब दोनों शहरों में इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय निवासी अब माँग कर रहे हैं कि जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, खुले मैनहोल तत्काल बंद किए जाएँ और संवेदनशील इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात की जाएँ।