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हैदराबाद में मानसून की पहली बारिश में करंट से दो की मौत, 80 जगह पेड़ गिरे

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हैदराबाद में मानसून की पहली बारिश में करंट से दो की मौत, 80 जगह पेड़ गिरे

सारांश

मानसून की पहली ही बारिश में हैदराबाद के बंदलागुडा इलाके में टूटे बिजली के तारों ने दो युवकों की जान ले ली। शहर के 80 से अधिक स्थानों पर पेड़ गिरे, प्रमुख सड़कों पर जलभराव हुआ और आईटी कॉरिडोर ठप रहा — यह हर साल दोहराई जाने वाली त्रासदी का एक और अध्याय है।

मुख्य बातें

जफर (25) और अबू (16) की बंदलागुडा , हैदराबाद में टूटे बिजली के तार से करंट लगने से मौत हो गई।
दोनों युवक ऑटो-रिक्शा से उतरकर जलभराव वाली सड़क पर चल रहे थे, जहाँ बिजली का तार पानी के नीचे था।
शहर में 80 स्थानों पर पेड़ गिरे; बंसीलालपेट में सर्वाधिक 8.7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज।
माधापुर , गाचीबौली , सिकंदराबाद समेत कई इलाकों में जलभराव और यातायात जाम।
DRF , GHMC , HYDRAA और यातायात पुलिस की टीमें राहत कार्य में जुटीं।
पुराने शहर के चटबाजार में एक पुराना मेहराब ढहा, कोई हताहत नहीं।

मानसून की पहली भारी बारिश ने मंगलवार, 9 जून की शाम हैदराबाद में तबाही मचा दी — बंदलागुडा इलाके में टूटे बिजली के तारों की चपेट में आने से जफर (25) और अबू (16) नाम के दो युवकों की मौत हो गई। दोनों एक ऑटो-रिक्शा से उतरे और सड़क पर जमा पानी के नीचे दबे टूटे बिजली के तार के संपर्क में आ गए।

मौत की वजह: टूटे तार और जलभराव का घातक संयोग

अधिकारियों के अनुसार, तेज आँधी के कारण पुराने शहर के बंदलागुडा क्षेत्र में बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिर गया था। भारी बारिश से सड़क पर पानी भर जाने के कारण यह तार पानी के नीचे छिप गया। जब जफर और अबू ऑटो-रिक्शा से उतरकर उस पानी में चले, तो करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह ऐसे समय में हुआ जब दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस सीज़न में पहली बार शहर पर पूरी ताकत से दस्तक दी।

शहर में जलभराव और यातायात ठप

मध्य हैदराबाद, सिकंदराबाद, माधापुर, गाचीबौली के आईटी कॉरिडोर और उपनगरीय इलाकों की प्रमुख सड़कों पर व्यापक जलभराव दर्ज किया गया। नयनी नरसिम्हा रेड्डी स्टील ब्रिज — शहर के सबसे लंबे फ्लाईओवरों में से एक — पर भी पानी भर गया। टोली चौकी को आईटी कॉरिडोर से जोड़ने वाले शेखपेट पुल के रैंप पर भी जलभराव की सूचना मिली। माधापुर, मियापुर, रायदुर्गम और पीवीएनआर एक्सप्रेसवे के आसपास भारी यातायात जाम रहा।

राहत और बचाव कार्य

आपदा प्रतिक्रिया बल (DRF), ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC), हैदराबाद आपदा प्रबंधन एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (HYDRAA) और यातायात पुलिस की टीमें जलभराव वाले इलाकों में तैनात रहीं। यातायात पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने, वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। पुराने शहर के चटबाजार इलाके में एक पुराना मेहराब ढह गया, हालाँकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

बारिश के आँकड़े और नुकसान

कई क्षेत्रों में दो घंटे से भी कम समय में भारी बारिश दर्ज की गई। बंसीलालपेट में सर्वाधिक 8.7 सेंटीमीटर बारिश हुई। विठ्ठलवाड़ी और हिमायतनगर में 7.8 सेंटीमीटर तथा विद्यानगर में 7.3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण शहर के 80 स्थानों पर पेड़ गिरे, जिन्हें हटाने में नगर निगम के कर्मचारी जुटे रहे।

आगे क्या

गौरतलब है कि हैदराबाद में हर मानसून सीज़न में जलभराव और बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाएँ बड़ी चुनौती बनती हैं। इस बार भी पहली ही भारी बारिश में दो जानें जाने के बाद GHMC और HYDRAA पर बुनियादी ढाँचे की तैयारी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे शेष मानसून सीज़न से पहले खतरनाक बिजली लाइनों की पहचान और मरम्मत को प्राथमिकता देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

टूटे तार और करंट से मौतें होती हैं, फिर भी GHMC और HYDRAA की 'तैयारी' सवालों के घेरे में रहती है। बंदलागुडा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में भूमिगत केबलिंग और तत्काल तार-मरम्मत प्रोटोकॉल की माँग वर्षों पुरानी है, लेकिन क्रियान्वयन अधूरा है। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और ढाँचागत सुधार नहीं होते, ये मौतें हर मानसून में दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद में करंट से मरने वाले दोनों युवक कौन थे और हादसा कैसे हुआ?
मृतकों की पहचान जफर (25) और अबू (16) के रूप में हुई है। दोनों बंदलागुडा इलाके में ऑटो-रिक्शा से उतरे और जलभराव वाली सड़क पर चलने लगे, जहाँ आँधी से टूटा बिजली का तार पानी के नीचे छिपा था — संपर्क में आते ही करंट लगने से दोनों की मौत हो गई।
हैदराबाद में 9 जून को कितनी बारिश हुई?
कई इलाकों में दो घंटे से कम समय में भारी बारिश हुई। बंसीलालपेट में सर्वाधिक 8.7 सेंटीमीटर, विठ्ठलवाड़ी और हिमायतनगर में 7.8 सेंटीमीटर तथा विद्यानगर में 7.3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
हैदराबाद में जलभराव से कौन-कौन से इलाके प्रभावित हुए?
माधापुर, गाचीबौली, सिकंदराबाद, मध्य हैदराबाद, हिमायतनगर, मियापुर, रायदुर्गम और पीवीएनआर एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में व्यापक जलभराव और यातायात जाम की सूचना मिली। नयनी नरसिम्हा रेड्डी स्टील ब्रिज पर भी पानी भर गया।
राहत कार्य में कौन-सी एजेंसियाँ सक्रिय थीं?
आपदा प्रतिक्रिया बल (DRF), ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC), हैदराबाद आपदा प्रबंधन एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (HYDRAA) और यातायात पुलिस की टीमें जलभराव हटाने, पेड़ साफ करने और यातायात नियंत्रण में जुटी रहीं।
क्या इस बारिश में कोई अन्य संपत्ति नुकसान भी हुआ?
हाँ, तेज हवाओं के कारण शहर के 80 स्थानों पर पेड़ गिरे। पुराने शहर के चटबाजार इलाके में एक पुराना मेहराब ढह गया, हालाँकि उसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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