25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नवादा में आकाशीय बिजली का कहर: चार की मौत, दो महिलाएं गंभीर — पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नवादा में आकाशीय बिजली का कहर: चार की मौत, दो महिलाएं गंभीर — पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी

सारांश

बिहार के नवादा में तूफान के दौरान पेड़ के नीचे शरण लेना चार लोगों की जान ले गया। शंभू कुमार, मदन राजवंशी, भुवनेश्वर राजवंशी और 12 वर्षीय सोनू कुमार की मौत, दो महिलाएं गंभीर। मानसून में बिजली गिरने का खतरा एक बार फिर सुर्खियों में।

मुख्य बातें

24 जुलाई को बिहार के नवादा जिले के संगोवर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की मृत्यु हो गई।
मृतकों में शंभू कुमार (45) , मदन राजवंशी (50) , भुवनेश्वर राजवंशी (50) और 12 वर्षीय सोनू कुमार शामिल हैं।
सुनीता देवी और शोभा देवी गंभीर रूप से घायल, नारदीगंज PHC में उपचार जारी।
सभी पीड़ित तेज बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी बिजली सीधे पेड़ पर गिरी।
नवादा जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन मानदंडों के तहत मृतक परिवारों को अनुग्रह राशि देने का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की — तूफान में पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में शरण न लें ।

बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक स्थित संगोवर गांव में शुक्रवार, 24 जुलाई को आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। अचानक आए तूफान के दौरान सभी पीड़ित एक पेड़ के नीचे शरण लिए हुए थे, तभी बिजली सीधे उस पेड़ पर गिरी और यह हादसा हुआ।

घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी

उस दिन संगोवर गांव के कई ग्रामीण अपने खेतों में काम कर रहे थे। दोपहर बाद मौसम अचानक बिगड़ा और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वे एक बड़े पेड़ के नीचे एकत्रित हो गए। इसी दौरान आकाशीय बिजली सीधे उस पेड़ पर गिरी, जिससे पेड़ के नीचे खड़े लोग चपेट में आ गए।

बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की तत्काल मृत्यु हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी छह पीड़ितों को नारदीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित किया।

मृतकों और घायलों की पहचान

मृतकों की पहचान शंभू कुमार (45 वर्ष), मदन राजवंशी (50 वर्ष), भुवनेश्वर राजवंशी (50 वर्ष) और सोनू कुमार (12 वर्ष) के रूप में की गई है। इनमें एक बच्चे की मौत ने गांव के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घायल महिलाओं की पहचान सुनीता देवी और शोभा देवी के रूप में हुई है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत

नवादा जिला प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने संगोवर गांव का दौरा किया, घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

अधिकारियों के अनुसार, आपदा प्रबंधन मानदंडों के तहत मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही घायल महिलाओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।

आम जनता पर असर और सुरक्षा अपील

इस त्रासदी के बाद संगोवर गांव में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजन और स्थानीय निवासी अस्पताल तथा पीड़ितों के घरों पर जमा हो गए। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में शरण न लें, क्योंकि आकाशीय बिजली के पेड़ों पर गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। विशेषज्ञ भी मानसून के मौसम में इस तरह के खतरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हैं।

बिहार में बिजली गिरने की बढ़ती घटनाएं

यह घटना ऐसे समय में आई है जब बिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों का सिलसिला हर वर्ष चिंता का विषय बनता है। गौरतलब है कि राज्य में मानसून सत्र के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती हैं। प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद ऐसी त्रासदियाँ रुक नहीं रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अचानक तूफान, और पेड़ के नीचे शरण की घातक भूल। सवाल यह है कि जागरूकता अभियानों के बावजूद यह संदेश अभी तक आखिरी गांव तक क्यों नहीं पहुंचा। 12 वर्षीय सोनू कुमार की मौत इस बात की याद दिलाती है कि यह केवल आंकड़ों की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर आपदा-सुरक्षा तंत्र की विफलता है। अनुग्रह राशि राहत तो दे सकती है, लेकिन बिना व्यापक सामुदायिक प्रशिक्षण के ऐसी मौतें रोकना संभव नहीं होगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के नवादा में बिजली गिरने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 24 जुलाई को बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक के संगोवर गांव में हुई। तेज बारिश के दौरान पीड़ित एक पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी आकाशीय बिजली उस पेड़ पर गिरी।
नवादा बिजली हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और घायल कौन हैं?
इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई — शंभू कुमार (45), मदन राजवंशी (50), भुवनेश्वर राजवंशी (50) और 12 वर्षीय सोनू कुमार। दो महिलाएं — सुनीता देवी और शोभा देवी — गंभीर रूप से घायल हैं और नारदीगंज PHC में उनका उपचार जारी है।
नवादा के पीड़ित परिवारों को क्या सरकारी सहायता मिलेगी?
जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि आपदा प्रबंधन मानदंडों के अनुसार मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। घायल महिलाओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है।
तूफान के दौरान बिजली गिरने से कैसे बचें?
प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में शरण न लें, क्योंकि बिजली के पेड़ों पर गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। पक्के मकान या किसी सुरक्षित इमारत के अंदर शरण लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
बिहार में मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं कितनी आम हैं?
बिहार में मानसून सत्र के दौरान आकाशीय बिजली से होने वाली मौतें हर वर्ष एक गंभीर समस्या बनती हैं, विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों के लिए। राज्य सरकार जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर सुरक्षा उपायों की जानकारी का अभाव बना रहता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले