नवादा में आकाशीय बिजली का कहर: चार की मौत, दो महिलाएं गंभीर — पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक स्थित संगोवर गांव में शुक्रवार, 24 जुलाई को आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। अचानक आए तूफान के दौरान सभी पीड़ित एक पेड़ के नीचे शरण लिए हुए थे, तभी बिजली सीधे उस पेड़ पर गिरी और यह हादसा हुआ।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी
उस दिन संगोवर गांव के कई ग्रामीण अपने खेतों में काम कर रहे थे। दोपहर बाद मौसम अचानक बिगड़ा और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वे एक बड़े पेड़ के नीचे एकत्रित हो गए। इसी दौरान आकाशीय बिजली सीधे उस पेड़ पर गिरी, जिससे पेड़ के नीचे खड़े लोग चपेट में आ गए।
बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की तत्काल मृत्यु हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी छह पीड़ितों को नारदीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित किया।
मृतकों और घायलों की पहचान
मृतकों की पहचान शंभू कुमार (45 वर्ष), मदन राजवंशी (50 वर्ष), भुवनेश्वर राजवंशी (50 वर्ष) और सोनू कुमार (12 वर्ष) के रूप में की गई है। इनमें एक बच्चे की मौत ने गांव के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घायल महिलाओं की पहचान सुनीता देवी और शोभा देवी के रूप में हुई है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत
नवादा जिला प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने संगोवर गांव का दौरा किया, घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
अधिकारियों के अनुसार, आपदा प्रबंधन मानदंडों के तहत मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही घायल महिलाओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।
आम जनता पर असर और सुरक्षा अपील
इस त्रासदी के बाद संगोवर गांव में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजन और स्थानीय निवासी अस्पताल तथा पीड़ितों के घरों पर जमा हो गए। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में शरण न लें, क्योंकि आकाशीय बिजली के पेड़ों पर गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। विशेषज्ञ भी मानसून के मौसम में इस तरह के खतरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हैं।
बिहार में बिजली गिरने की बढ़ती घटनाएं
यह घटना ऐसे समय में आई है जब बिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों का सिलसिला हर वर्ष चिंता का विषय बनता है। गौरतलब है कि राज्य में मानसून सत्र के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती हैं। प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद ऐसी त्रासदियाँ रुक नहीं रही हैं।