कांकेर में आकाशीय बिजली का कहर: मनरेगा मजदूरों पर गिरी बिजली, उप सरपंच समेत 3 की मौत, 5 घायल
सारांश
मुख्य बातें
कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक के कालगाव गांव में शुक्रवार, 12 जून को मनरेगा कार्यस्थल पर भारी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उप सरपंच मनराज पटेल समेत तीन लोगों की मौत हो गई और पाँच अन्य घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब 50 से 60 मजदूर तालाब गहरीकरण के काम में लगे थे और अचानक मौसम बदलने पर पास के एक पेड़ के नीचे शरण लेने लगे।
घटना का क्रम
अंतागढ़ पुलिस के अनुसार, मजदूर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत तालाब को गहरा करने का काम कर रहे थे। दोपहर में अचानक मौसम तूफानी हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचाव के लिए मजदूरों का समूह एक पेड़ के नीचे एकत्रित हो गया। कुछ ही क्षणों बाद उस पेड़ पर एक शक्तिशाली बिजली गिरी, जिससे सीधे प्रभावित 8 लोगों में से 3 की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान कालगाव के उप सरपंच मनराज पटेल, संतोष पटेल और प्रकाश पटेल के रूप में की गई है। तीनों शवों को मानक प्रक्रिया के अनुसार पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घायलों की स्थिति
अंतागढ़ पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि घायलों में पाँच महिलाएं शामिल हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए कांकेर रेफर किया गया है। शेष घायलों का उपचार अंतागढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में आई है जब मानसून के आगमन के साथ मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में गरज के साथ बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल रही हैं। स्थानीय अधिकारियों से मनरेगा कार्यस्थलों पर मौसम संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। गौरतलब है कि खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे काम करने वाले मजदूर बिजली गिरने के सबसे अधिक जोखिम में होते हैं।
शोक में डूबा गांव
कालगाव गांव इस दुखद घटना से स्तब्ध है। प्रशासन का ध्यान फिलहाल शोक संतप्त परिवारों को आवश्यक सहायता पहुँचाने और घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।