कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: गुजरात में आयोजन कंपनी के बोर्ड की पहली बैठक, अहमदाबाद की तैयारी तेज
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 7 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की आयोजन कंपनी के प्रस्तावित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की औपचारिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के लिए रोडमैप, योजना और समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। अहमदाबाद को मेजबान शहर के रूप में पुष्टि मिलने के बाद यह बैठक राज्य की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
बैठक में क्या हुआ
संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई पोस्ट में लिखा, 'इस प्रतिष्ठित वैश्विक खेल आयोजन की मेजबानी के लिए जरूरी रोडमैप, योजना और मिलकर किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा करने के लिए आयोजन कंपनी के प्रस्तावित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में शामिल हुआ।' उन्होंने यह भी कहा कि सभी पक्ष मिलकर विश्व-स्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और एथलीट्स के लिए अवसर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यह बैठक गांधीनगर में आयोजित हुई और इसमें राज्य सरकार, केंद्र सरकार तथा खेल निकायों के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।
आयोजन कंपनी का ढाँचा
अधिकारी एक समर्पित आयोजन कंपनी बनाने पर काम कर रहे हैं, जो योजना, बुनियादी ढाँचे का विकास, परिचालन समन्वय और इवेंट की देखरेख करेगी। इस ढाँचे का उद्देश्य राज्य सरकार, केंद्र सरकार, खेल निकायों और अन्य हितधारकों को एक साझा मंच पर लाना है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में तैयारी का काम तेजी से आगे बढ़ा है और गवर्नेंस व आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाएं आकार ले रही हैं।
ऐतिहासिक महत्व
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 इस श्रृंखला का 100वाँ (शताब्दी) संस्करण होगा, जो अक्टूबर 2030 में भारत की मेजबानी में आयोजित होगा। इससे पहले भारत ने 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का आयोजन किया था। इन गेम्स में 74 कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन के एथलीट्स के भाग लेने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी में अपनी साख को और मजबूत करने में जुटा है।
ओलंपिक 2036 से जुड़ी महत्वाकांक्षा
अहमदाबाद की सफल बोली भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह वैश्विक खेल मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है। ओलंपिक गेम्स 2036 की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जाती है। वेन्यू और सुविधाओं को तैयार करने का काम भी समानांतर रूप से जारी है।
आने वाले महीनों में आयोजन कंपनी के औपचारिक गठन और बुनियादी ढाँचे से जुड़े फैसलों पर नज़रें टिकी रहेंगी।