10 जुलाई 2026
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असमसैट और एयरोस्पेस क्षेत्र में ₹100 करोड़ का निवेश, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा ऐलान

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असमसैट और एयरोस्पेस क्षेत्र में ₹100 करोड़ का निवेश, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा ऐलान

सारांश

असम ने भारत का पहला राज्य-स्वामित्व वाला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 'असमसैट' लॉन्च करने की घोषणा की है। ₹100 करोड़ के निवेश से एयरोस्पेस विनिर्माण, AI-आधारित नागरिक सेवाएँ और डिजिटल न्याय व्यवस्था को मज़बूत किया जाएगा — पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वाकांक्षी तकनीकी छलांग।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 10 जुलाई 2026 को ₹100 करोड़ के तकनीकी निवेश की घोषणा की।
असमसैट भारत का पहला राज्य-स्वामित्व वाला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह होगा, जो कृषि, बाढ़ निगरानी और शहरी नियोजन के लिए रियल-टाइम डेटा देगा।
बजट में एयरोस्पेस कंपोनेंट विनिर्माण उद्योग विकसित करने का प्रावधान; लक्ष्य निवेश आकर्षण और उच्च-कौशल रोज़गार सृजन।
नागरिक सेवा पोर्टल 'सेवा सेतु' का AI-आधारित नया संस्करण लॉन्च होगा।
ई-कोर्ट विस्तार और ई-एचआरएमआईएस व आईएफएमआईएस के एकीकरण से डिजिटल शासन को मज़बूती मिलेगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 10 जुलाई 2026 को गुवाहाटी में डिजिटल शासन और तकनीकी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इनमें सबसे उल्लेखनीय है भारत के पहले राज्य-स्वामित्व वाले पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 'असमसैट' के प्रक्षेपण और एयरोस्पेस कंपोनेंट विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ के बजट प्रावधान की घोषणा। यह ऐलान 2026-27 के असम बजट के बाद पत्रकारों से बातचीत में किया गया।

बजट में क्या है प्रावधान

वित्त मंत्री जयंता मल्लबरुआ द्वारा विधानसभा में 2026-27 का राज्य बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने विस्तार से घोषणाएँ कीं। उन्होंने बताया कि ₹100 करोड़ का यह निवेश एयरोस्पेस विनिर्माण, असमसैट परियोजना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित नागरिक सेवाओं — तीनों क्षेत्रों में किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य असम को डिजिटल बुनियादी ढाँचे और उन्नत विनिर्माण में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।

असमसैट: भारत का पहला राज्य उपग्रह

असमसैट को भारत का पहला सरकारी स्वामित्व वाला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह उपग्रह कृषि, आपदा प्रबंधन, बाढ़ की निगरानी, शहरी नियोजन, वन संरक्षण और बुनियादी ढाँचा विकास के लिए रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा। गौरतलब है कि असम प्रतिवर्ष बाढ़ से भारी नुकसान उठाता है और उपग्रह-आधारित निगरानी इस चुनौती से निपटने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

एयरोस्पेस और AI पहल

सरमा ने बताया कि बजट में असम में एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के निर्माण का उद्योग विकसित करने का स्पष्ट प्रावधान है। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश आकर्षित करना, उच्च-कौशल वाले रोज़गार पैदा करना और असम को एयरोस्पेस क्षेत्र के उभरते केंद्र के रूप में पहचान दिलाना है। इसके अतिरिक्त, नागरिक सेवा पोर्टल 'सेवा सेतु' का AI-आधारित नया संस्करण भी लॉन्च किया जाएगा, जो सरकारी सेवाओं को अधिक तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा।

डिजिटल शासन की व्यापक योजना

इन घोषणाओं के अलावा बजट में ई-कोर्ट के विस्तार और डिजिटल न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि नागरिकों की न्यायिक सेवाओं तक पहुँच सरल हो और लंबित मामलों के निपटारे में तेज़ी आए। सरकार ई-एचआरएमआईएस और आईएफएमआईएस प्रणालियों को एकीकृत करेगी, जिससे मानव संसाधन और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

आगे की राह

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि ये सभी प्रस्ताव असम को डिजिटल रूप से सशक्त और नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य तकनीकी निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और पूर्वोत्तर भारत में औद्योगिक विकास की माँग तेज़ हो रही है। इन पहलों के सफल क्रियान्वयन पर ही असम की तकनीकी महत्वाकांक्षा की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — 'असमसैट' की घोषणा के साथ प्रक्षेपण की कोई ठोस समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की गई है। एयरोस्पेस विनिर्माण एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी और पूँजी-गहन क्षेत्र है, जहाँ तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्य पहले से स्थापित हैं। पूर्वोत्तर में लॉजिस्टिक्स और कुशल जनशक्ति की चुनौतियों को देखते हुए, बिना विस्तृत उद्योग-भागीदारी योजना के यह निवेश केवल बजट की सुर्खी बनकर रह सकता है। 'सेवा सेतु' का AI अपग्रेड और उपग्रह-आधारित बाढ़ निगरानी जैसी पहलें व्यावहारिक रूप से अधिक तात्कालिक प्रभाव डाल सकती हैं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असमसैट क्या है और यह क्यों खास है?
असमसैट भारत का पहला राज्य सरकार के स्वामित्व वाला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह होगा। यह कृषि, बाढ़ निगरानी, शहरी नियोजन और वन संरक्षण के लिए रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे असम में शासन और आपदा प्रबंधन को सीधा लाभ मिलेगा।
असम के एयरोस्पेस क्षेत्र में ₹100 करोड़ का निवेश कहाँ खर्च होगा?
यह ₹100 करोड़ का प्रावधान असमसैट परियोजना, एयरोस्पेस कंपोनेंट विनिर्माण उद्योग और AI-आधारित नागरिक सेवाओं — तीनों के लिए है। इसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना और उच्च-कौशल रोज़गार पैदा करना है।
'सेवा सेतु' का AI अपग्रेड क्या बदलेगा?
'सेवा सेतु' असम सरकार का नागरिक सेवा पोर्टल है। इसके AI-आधारित नए संस्करण में सरकारी सेवाएँ अधिक तेज़, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से मिलेंगी, जिससे आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
असम बजट 2026-27 में डिजिटल न्याय के लिए क्या प्रस्ताव है?
बजट में ई-कोर्ट के विस्तार का प्रस्ताव है, जिसका लक्ष्य नागरिकों की न्यायिक सेवाओं तक पहुँच आसान बनाना और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज़ करना है। साथ ही ई-एचआरएमआईएस और आईएफएमआईएस प्रणालियों का एकीकरण भी प्रस्तावित है।
असम को एयरोस्पेस हब बनाने की योजना कितनी व्यावहारिक है?
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य असम को एयरोस्पेस क्षेत्र के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करना है। हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर में लॉजिस्टिक्स और कुशल जनशक्ति की चुनौतियों को देखते हुए, इसके लिए दीर्घकालिक उद्योग-भागीदारी और ठोस नीतिगत ढाँचे की आवश्यकता होगी।
राष्ट्र प्रेस
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