10 जुलाई 2026
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दिल्ली MCD में BJP को बहुमत: IVP के 16 पार्षदों के विलय से सदन में संख्या 139 हुई

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दिल्ली MCD में BJP को बहुमत: IVP के 16 पार्षदों के विलय से सदन में संख्या 139 हुई

सारांश

AAP से टूटकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी एक साल में ही BJP में समा गई। 16 पार्षदों के इस विलय ने 250 सदस्यीय MCD सदन में BJP को 139 सीटें दिला दीं — और दिल्ली की नगर राजनीति में AAP के सिकुड़ते दायरे को उजागर कर दिया।

मुख्य बातें

इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के सभी 16 नगर पार्षदों ने 10 जुलाई 2026 को BJP में विलय किया।
विलय के बाद 250 सदस्यीय MCD सदन में BJP की संख्या बढ़कर 139 हो गई, जिससे पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला।
IVP का गठन 2025 में AAP से अलग होकर मुकेश गोयल के नेतृत्व में हुआ था।
विलय समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता , BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा , मेयर प्रवेश वाही और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
इस विलय से 16 वार्डों के लगभग 11–12 लाख निवासी BJP सरकार की योजनाओं से सीधे जुड़ेंगे।

नई दिल्ली में 10 जुलाई 2026 को राजनीतिक समीकरण बदल गए, जब इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के सभी 16 नगर पार्षदों ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय कर लिया। इस विलय के बाद 250 सदस्यीय दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन में BJP की कुल संख्या बढ़कर 139 हो गई, जिससे पार्टी को स्पष्ट बहुमत हासिल हो गया।

विलय का घटनाक्रम

गुरुवार शाम IVP के संस्थापक और नेता मुकेश गोयल ने दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर पार्टी के विलय की औपचारिक अनुमति माँगी। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विलय की घोषणा की गई। इस अवसर पर दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, MCD सदन नेता जयभगवान यादव और दिल्ली BJP महासचिव विष्णु मित्तल भी उपस्थित रहे।

IVP का गठन और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 2025 में आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर मुकेश गोयल के नेतृत्व में इन्हीं 16 नगर पार्षदों ने इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन किया था। अब एक वर्ष से भी कम समय में यह पार्टी BJP में समाहित हो गई है — जो दिल्ली की नगर राजनीति में AAP के कमज़ोर होते प्रभाव का संकेत माना जा रहा है।

नेताओं की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विलय का स्वागत करते हुए कहा, 'मैं भाजपा में शामिल हुए सभी पार्षदों और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करती हूँ कि उन्हें BJP परिवार में पूरा सम्मान और सेवा करने का हर अवसर मिलेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित वार्डों के निवासियों को अब दिल्ली की 'ट्रिपल-इंजन सरकार' की विकास पहलों का पूरा लाभ मिलेगा।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि यह विलय 16 पार्षदों की उस इच्छा से प्रेरित है कि वे अपने वार्ड के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में रेखा गुप्ता सरकार के सर्वांगीण विकास एजेंडे से जोड़ सकें। दिल्ली BJP मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि नए सदस्यों के पास व्यापक नगर निगम अनुभव है जो MCD के कामकाज के लिए मूल्यवान साबित होगा।

आम जनता पर असर

मल्होत्रा के अनुसार इस विलय से 16 नगर निगम वार्डों में रहने वाले लगभग 11 से 12 लाख निवासी BJP सरकार की विकास पहलों से सीधे जुड़ जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विधानसभा और नगर निगम दोनों स्तरों पर BJP की पकड़ मज़बूत हो रही है।

आगे की राह

MCD सदन में 139 सदस्यों के साथ BJP अब नीतिगत निर्णयों और बजट पारित करने में अधिक सहज स्थिति में होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विलय आगामी नगर निगम चुनावों से पहले BJP की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब उसका BJP में विलय यह बताता है कि दिल्ली की नगर राजनीति में तीसरी ताकत के लिए अभी कोई ठोस ज़मीन नहीं है। सवाल यह है कि जो पार्षद एक बार AAP छोड़ चुके हैं, वे BJP की अनुशासन-संस्कृति में कितने सहज रहेंगे। MCD में बहुमत मिलना BJP के लिए सुविधाजनक है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या इन 16 वार्डों में विकास की रफ्तार बदलती है — या यह विलय महज़ संख्याओं का खेल बनकर रह जाता है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का BJP में विलय कब और कैसे हुआ?
10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान IVP के सभी 16 नगर पार्षदों ने औपचारिक रूप से BJP में विलय किया। मुकेश गोयल ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा से अनुमति माँगी थी, जिसके बाद शुक्रवार को शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी से यह विलय संपन्न हुआ।
इस विलय के बाद MCD में BJP की कुल सीटें कितनी हो गईं?
16 IVP पार्षदों के विलय के बाद 250 सदस्यीय MCD सदन में BJP की संख्या बढ़कर 139 हो गई, जिससे पार्टी को स्पष्ट बहुमत हासिल हो गया।
इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन कैसे हुआ था?
2025 में आम आदमी पार्टी से अलग होकर मुकेश गोयल के नेतृत्व में 16 नगर पार्षदों ने इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का गठन किया था। अब एक वर्ष से भी कम समय में यह पार्टी BJP में विलीन हो गई।
इस विलय से दिल्ली के आम नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा?
BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के अनुसार, इस विलय से 16 नगर निगम वार्डों के लगभग 11 से 12 लाख निवासी BJP सरकार की विकास पहलों से सीधे जुड़ जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन वार्डों को अब 'ट्रिपल-इंजन सरकार' की योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।
MCD में बहुमत मिलने से BJP को क्या फायदा होगा?
250 सदस्यीय MCD सदन में 139 सीटों के साथ BJP अब नीतिगत प्रस्तावों, बजट और प्रशासनिक निर्णयों को आसानी से पारित कर सकेगी। इससे पार्टी की नगर निगम में कार्यकारी पकड़ और मज़बूत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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