भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार, ICT समेत कई सेक्टर्स में बढ़ेगा सहयोग: टॉड मैक्ले
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने 10 जुलाई को कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाई देगा और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) समेत अनेक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मज़बूत करेगा। एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मैक्ले ने इस समझौते को 'उच्च गुणवत्ता वाला व्यापार समझौता' बताया और कहा कि यह दोनों देशों की कंपनियों के लिए दीर्घकालिक साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करेगा।
एफटीए से क्या बदलेगा
मैक्ले ने कहा, "इससे बेहतर सहयोग की गुंजाइश बनती है। मुझे लगता है कि इस एफटीए से ICT समेत कई क्षेत्रों में आप दोनों देशों में सहयोग को बढ़ते हुए देखेंगे। दोनों सरकारों ने कहा है कि उन्हें एक-दूसरे पर भरोसा है, उन्होंने नियम तय किए हैं और वे उनका पालन करेंगी। इससे अब व्यापार जगत के लिए अच्छे पार्टनर खोजने और लंबे समय तक चलने वाले मज़बूत रिश्ते बनाने का रास्ता खुल गया है।" मंत्री के अनुसार यह समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान, संस्कृति, खेल और लोगों के बीच आपसी मेल-जोल को भी गति देगा।
PM मोदी की ऐतिहासिक न्यूजीलैंड यात्रा का महत्व
मैक्ले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी न्यूजीलैंड यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, "40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की यह पहली यात्रा है। जाहिर है, यह हमारे मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही महीनों बाद हो रही है। हमारे सबसे बड़े शहर में एक बड़ा जश्न मनाया जाएगा और न्यूजीलैंड के सभी लोग, खासकर भारतीय-न्यूजीलैंड समुदाय, प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।" यह यात्रा एफटीए पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
भारतीय-न्यूजीलैंड समुदाय की भूमिका
मैक्ले ने बताया कि न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय, जो वहाँ के सबसे बड़े जातीय समूहों में से एक है, प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित होगा। यह समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु की भूमिका निभाता रहा है। गौरतलब है कि न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के नागरिकों की संख्या में पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI की संभावनाएँ
मंत्री ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी तकनीकों के न्यूजीलैंड में अपनाए जाने की संभावना पर उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था बहुत खुली है। हालाँकि आपको हमारे नियमों का पालन करना होगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह कोई बड़ी चुनौती होगी। आखिरकार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वपूर्ण है। हम अपनी अर्थव्यवस्था को आधुनिक बना रहे हैं और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इसे आसान बनाता है और ज़्यादा निश्चितता पैदा करता है।" यह संकेत भारत की डिजिटल कूटनीति के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे की राह
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार समझौतों का विस्तार कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के लिए कृषि, डेयरी, आईटी सेवाओं और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगा। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा इस साझेदारी को राजनयिक स्तर पर और मज़बूती देने का अवसर होगी।