10 जुलाई 2026
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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के बाद टॉड मैक्ले बोले — एग्री-टेक्नोलॉजी से बढ़ेगी ग्रामीण आय, मोदी की यात्रा ऐतिहासिक

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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के बाद टॉड मैक्ले बोले — एग्री-टेक्नोलॉजी से बढ़ेगी ग्रामीण आय, मोदी की यात्रा ऐतिहासिक

सारांश

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए सिर्फ व्यापार समझौता नहीं — यह खेती की दिशा बदलने का दांव है। न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि उनकी एग्री-टेक्नोलॉजी 2030 तक भारतीय किसानों की आय 50% बढ़ाने के लक्ष्य में सहायक बन सकती है, और मोदी की यात्रा 40 साल बाद इस रिश्ते को नई ऊंचाई देगी।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने 10 जुलाई को भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को आर्थिक साझेदारी का नया आधार बताया।
मैक्ले ने कहा कि न्यूजीलैंड की एग्री-टेक्नोलॉजी 2030 तक भारतीय किसानों की आय 50% बढ़ाने के लक्ष्य में सहयोग कर सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।
यात्रा एफटीए पर हस्ताक्षर के कुछ महीनों बाद हो रही है; ऑकलैंड में बड़े स्वागत की तैयारी।
मैक्ले ने भारत की युवा कार्यबल नीति और मोदी नेतृत्व में देश के बदलाव को 'शानदार' बताया।

न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने 10 जुलाई को कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि न्यूजीलैंड की कृषि विशेषज्ञता और एग्री-टेक्नोलॉजी भारत की ग्रामीण आय बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

एफटीए से साझेदारी का नया अध्याय

मैक्ले ने कहा, 'भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दोनों देशों को आर्थिक साझेदारी को गहरा करने के लिए एक मजबूत मंच देता है। इस समझौते के बाद भारत के साझेदार के रूप में न्यूजीलैंड, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में मदद करेगा।' उन्होंने इस एफटीए को दोनों देशों के संबंधों में एक संरचनात्मक बदलाव बताया।

कृषि और एग्री-टेक्नोलॉजी में सहयोग की संभावना

मैक्ले ने स्पष्ट किया कि खेती, इनोवेशन और एग्री-टेक्नोलॉजी में न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता भारत की कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आय को बढ़ाने में अहम योगदान दे सकती है। उन्होंने कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद कर सकते हैं और 2030 तक भारतीय किसानों की आय 50 प्रतिशत बढ़ाने के उनके संकल्प में शामिल हो सकते हैं। न्यूजीलैंड के पास अब इसमें भूमिका निभाने और इसे सफल बनाने की क्षमता है।'

भारत के बदलाव पर मैक्ले की राय

मैक्ले ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में आए बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि वे पहले भी कई बार भारत आ चुके हैं और आज के भारत में जो परिवर्तन दिखता है, वह उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा, 'यहां की युवा आबादी शिक्षित हो रही है। भारत उन्हें काम करने और अनुभव हासिल करने के लिए दुनिया भर में भेजना चाहता है और फिर उन्हें वापस लाकर अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद लेना चाहता है।'

मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा — चार दशकों में पहली

मैक्ले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी न्यूजीलैंड यात्रा को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने बताया कि यह 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है, जो एफटीए पर हस्ताक्षर के कुछ ही महीनों बाद हो रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे सबसे बड़े शहर में एक बड़ा जश्न मनाया जाएगा और न्यूजीलैंड के सभी लोग, खासकर भारतीय-न्यूजीलैंड समुदाय, प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।'

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और न्यूजीलैंड जैसे विकसित कृषि-अर्थव्यवस्था वाले देशों के साथ तकनीकी सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। एफटीए के क्रियान्वयन की रूपरेखा और कृषि-तकनीक साझेदारी के विवरण आने वाले महीनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे घरेलू नीति-निर्माता भी पूरी तरह हासिल नहीं कर पाए हैं। न्यूजीलैंड की एग्री-टेक्नोलॉजी निस्संदेह उन्नत है, लेकिन भारत के विविध कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र में उसका व्यावहारिक अनुप्रयोग कितना संभव है, यह प्रश्न अनुत्तरित है। मोदी की यात्रा का प्रतीकात्मक महत्व स्पष्ट है, पर असली कसौटी यह होगी कि एफटीए के तहत कृषि-तकनीक हस्तांतरण के लिए कोई बाध्यकारी ढाँचा बनता है या नहीं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए क्या है और इससे क्या बदलेगा?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए हस्ताक्षरित एक द्विपक्षीय आर्थिक करार है। न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को गहरा करने का मजबूत मंच प्रदान करता है।
न्यूजीलैंड की एग्री-टेक्नोलॉजी भारतीय किसानों की कैसे मदद करेगी?
टॉड मैक्ले के अनुसार, न्यूजीलैंड के पास खेती, इनोवेशन और एग्री-टेक्नोलॉजी में विशेष विशेषज्ञता है, जो भारत की कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग 2030 तक भारतीय किसानों की आय 50% बढ़ाने के प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य को पूरा करने में भूमिका निभा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा ऐतिहासिक क्यों है?
यह 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है। यह यात्रा एफटीए पर हस्ताक्षर के कुछ ही महीनों बाद हो रही है, जो इसे कूटनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से किसे फायदा होगा?
मैक्ले के अनुसार, एफटीए से दोनों देशों के व्यापारियों, किसानों और निवेशकों को लाभ होगा। विशेष रूप से भारत के ग्रामीण क्षेत्र और कृषि समुदाय को न्यूजीलैंड की एग्री-टेक्नोलॉजी तक पहुँच मिल सकती है, जबकि न्यूजीलैंड को भारत के बड़े बाजार में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय की क्या भूमिका है?
मैक्ले ने बताया कि भारतीय-न्यूजीलैंड समुदाय प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान ऑकलैंड में बड़े स्वागत की तैयारी में उत्साहित है। यह समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु की भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
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