जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा सही समय पर बहाल होगा: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 10 जुलाई 2026 को पटना में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार उचित समय आने पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करेगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने स्टेटहुड की माँग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है और 'इंडिया' ब्लॉक के दलों से समर्थन माँगा है।
मुख्य बयान: राज्य दर्जे पर केंद्र का रुख
गिरिराज सिंह ने कहा, 'सरकार सही समय पर राज्य का दर्जा देगी।' उन्होंने यह नहीं बताया कि यह 'सही समय' कब होगा, लेकिन उनके बयान को केंद्र सरकार की इस दिशा में प्रतिबद्धता की पुनरावृत्ति के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था, और तब से राज्य दर्जे की बहाली एक प्रमुख राजनीतिक माँग बनी हुई है।
फारूक अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना
केंद्रीय मंत्री ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अब्दुल्ला और उनके परिवार ने 'हमेशा पाकिस्तान के पक्ष में बात की है और अलगाववादियों को मुख्यधारा की राजनीति में लाने की वकालत की है।' गिरिराज सिंह ने कहा, 'जब कश्मीर में हिंदुओं की हत्या हो रही थी, तब वे सत्ता का आनंद ले रहे थे। वे चाहते हैं कि अलगाववादियों और आतंकवादियों को मुख्यधारा की राजनीति में लाया जाए।' नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अखिलेश यादव की 'सनातन' टिप्पणी पर पलटवार
गिरिराज सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की 'जो सनातन है, वही समाजवाद है' वाली टिप्पणी पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अखिलेश यादव को एक कदम आगे बढ़कर यह कहना चाहिए था कि समाजवाद ही सनातन है।' उन्होंने आगे कहा, 'गांव की कहावत है कि नया मियां ढेर प्याज खाता है।'
केंद्रीय मंत्री ने रामगोपाल यादव और मुलायम सिंह यादव के पुराने बयानों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव ने कथित तौर पर कहा था कि 'जो गुंबद पर चढ़ गए उन्हें जिंदा नीचे नहीं उतरने दिया।' साथ ही उन्होंने मुलायम सिंह यादव के एक पुराने बयान का उल्लेख किया जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि 'एक लाश क्या, सैकड़ों लाश बिछाने पड़ेंगी तो बिछा दूंगा और रामभक्तों को मारूंगा, लेकिन मस्जिद का गुंबद ढहने नहीं दूंगा।'
सनातन और राष्ट्रीय पहचान पर जोर
गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि सनातन के बिना भारत की पहचान अधूरी है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे मस्जिदों में जाकर टोपी पहनते हैं, लेकिन सनातन मूल्यों से दूरी बनाए रखते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह 'राम के अस्तित्व को ही भूल गई।'
आगे क्या
नेशनल कॉन्फ्रेंस का दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और 'इंडिया' ब्लॉक की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे का मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में कितना केंद्रीय स्थान लेता है। केंद्र सरकार की ओर से अभी कोई ठोस समयसीमा सामने नहीं आई है।