जम्मू-कश्मीर जल्द पाएगा राज्य का दर्जा, BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने उमर अब्दुल्ला पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने 16 जून 2026 को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा शीघ्र ही बहाल किया जाएगा और इस दिशा में केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग को लेकर इंडिया ब्लॉक से समर्थन माँगा है और सियासी तापमान बढ़ गया है।
खटाना का विपक्ष पर पलटवार
BJP सांसद खटाना ने कहा, 'लोकतंत्र है, और हम किसी को विरोध करने से नहीं रोकते। लेकिन सवाल यह है कि आज के राजनीतिक स्टंट लोगों को पसंद नहीं आते। पहले, जब अनुच्छेद 370 लागू था, तब ये स्टंट काम करते थे।' उन्होंने कहा कि जनता ने अपना जनादेश दे दिया है और अब राजनीतिक नाटकबाजी का वक्त नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सीएम जनता के बीच से गायब हैं और उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना चाहिए।
राज्य के दर्जे पर केंद्र का वादा
खटाना ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री ने सार्वजनिक रूप से वादा किया है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा भी देंगे।' गौरतलब है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था, और तब से राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग लगातार उठती रही है।
जम्मू-कश्मीर के विकास का दावा
BJP सांसद ने कहा कि जो लोग यह कहते हैं कि कश्मीर में कुछ नहीं हुआ, वे 'अंधेरे में' हैं। उन्होंने गिनाया कि कश्मीर के केसर को जीआई टैग मिला है, साथ ही अखरोट, सेब और होमस्टे को भी। उन्होंने कहा कि छोटे वेंडर से लेकर बड़े व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, पर्यटन संचालक और होमस्टे मालिक — हर वर्ग आज बेहतर स्थिति में है।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कश्मीर के सेब अब बिना कोल्ड स्टोरेज की प्रतीक्षा किए सीधे दिल्ली पहुँच रहे हैं — जो बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पहले जिन माताओं और बच्चों का इस्तेमाल पत्थरबाजी और बंद के लिए किया जाता था, वे आज शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं।
ईरान-अमेरिका समझौते पर भारत का रुख
खटाना ने ईरान-अमेरिका के बीच हाल के समझौते पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'हम शुरू से ही कह रहे हैं कि ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे विवाद को बातचीत और कूटनीति से सुलझाया जा सकता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल के साथ भारत के तकनीकी संबंध हैं, लेकिन भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है और 140 करोड़ नागरिकों के हित में संचालित होती है।
पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार का बचाव
भाजपा सांसद ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड काल में देश को संभाला, उसी तरह मौजूदा वैश्विक युद्ध जैसे हालात में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित रखा गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अफरातफरी फैलाने की कोशिश की, लेकिन प्रभावी प्रबंधन से स्थिति काबू में रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आएगी।