क्या देश का अल्पसंख्यक भारत के विकास के लिए प्रतिबद्ध है: गुलाम अली खटाना?
सारांश
Key Takeaways
- अल्पसंख्यक वर्ग का विकास में योगदान महत्वपूर्ण है।
- जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सरकार की स्थिति पर सवाल उठे हैं।
- सैनिकों की वीरता पर गर्व होना चाहिए।
- समाज की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना आवश्यक है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि वर्तमान में इस देश का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत अभियान' को वास्तविकता में बदलने में अपनी तरफ से महत्वपूर्ण योगदान देना चाहता है।
उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आज का अल्पसंख्यक समुदाय चाहता है कि हमारा देश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े। साथ ही, विकास से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा कि हमारे सैनिकों ने जिस प्रकार से पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकवादियों को माकूल जवाब दिया है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि हमारे सैनिक हर प्रकार की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनके हौसले कभी भी किसी भी विषम परिस्थिति से कमजोर नहीं होंगे। हमारे सैनिकों ने नापाक हरकतें करने वालों को प्रभावी तरीके से जवाब दिया है।
इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर भी उन्होंने अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निस्संदेह यह सही है कि आज जम्मू-कश्मीर में शांति की स्थिति है, लेकिन यह दुख की बात है कि वहां की मौजूदा सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पा रही है। यदि वह उतर पाती, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
उन्होंने कहा कि लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति में जम्मू-कश्मीर की सरकार असमर्थ है, इसलिए लोग अब पूर्ण राज्य के मुद्दे को उठाने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को उचित समय पर पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए हमें सही समय का इंतजार करना होगा।