क्या औरंगाबाद में आशा बहाली में रिश्वतखोरी का मामला है? पीड़िता ने सीएमओ से न्याय की गुहार लगाई

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क्या औरंगाबाद में आशा बहाली में रिश्वतखोरी का मामला है? पीड़िता ने सीएमओ से न्याय की गुहार लगाई

सारांश

बिहार के औरंगाबाद में आशा कार्यकर्ताओं की बहाली में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं ने सीएमओ से न्याय की गुहार लगाई, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।

Key Takeaways

  • रिश्वतखोरी का मामला स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचाने वाला है।
  • पीड़ित महिलाएं सीएमओ से न्याय की मांग कर रही हैं।
  • जांच टीम का गठन किया गया है।
  • भ्रष्टाचार से गरीब महिलाओं का शोषण हो रहा है।
  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है।

औरंगाबाद, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के औरंगाबाद में बारुण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं की बहाली को लेकर एक गंभीर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। पीड़ित महिलाओं ने जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएमओ) को आवेदन देकर न्याय की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में प्रखंड मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान भोपतपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य बलवंत कुमार ने आरोप लगाया कि बीसीएम कुसुम कुमारी ने आशा चयन में हेराफेरी करते हुए लगभग एक लाख साठ हजार रुपए रिश्वत के रूप में लिए हैं।

वहीं, खैरा पंचायत की निवासी सविता देवी ने भी बीसीएम पर आशा में बहाली कराने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया है। लेकिन इसके बावजूद काम नहीं हुआ और पैसे वापस न मिलने पर अधिकारीयों के चक्कर काट रही हैं।

पीड़िता सविता देवी ने इस संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने, ली गई राशि वापस दिलाने तथा दोषी पदाधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन में कहा गया है कि आशा बहाली जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इस प्रकार का कथित भ्रष्टाचार न केवल गरीब महिलाओं का शोषण कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की छवि को भी धूमिल कर रहा है।

इस मामले पर जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि खैरा पंचायत की एक महिला द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें आशा बहाली के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर पीड़िता बीसीएम कुसुम कुमारी से अपने पैसे की मांग करती नजर आ रही है। वीडियो में बीसीएम द्वारा पैसे लौटाने की बात और यह दावा करने का दृश्य भी बताया जा रहा है कि पैसे आपस में बांट लिए जाते हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Point of View

वे न केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं, बल्कि यह समाज के उन वर्गों के लिए भी चिंताजनक है जो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह जरूरी है कि इस मामले की न्यायपूर्ण जांच हो और दोषियों को सजा मिले।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है।
क्या वीडियो की पुष्टि हुई है?
इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पीड़ित महिलाओं ने किससे न्याय की मांग की है?
पीड़ित महिलाओं ने जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएमओ) से न्याय की मांग की है।
क्या रिश्वतखोरी का आरोप सही है?
आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।
इस मामले का सामाजिक प्रभाव क्या होगा?
इससे स्वास्थ्य विभाग की छवि प्रभावित हो सकती है और गरीब महिलाओं का शोषण भी हो सकता है।
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