बीसीसीआई एजीएम: अजीत अगरकर के भविष्य पर फैसला टला, चयन समिति के अधिकार बोर्ड अधिकारियों को
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की 18 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित सालाना आम बैठक (एजीएम) में पुरुष चयन समिति से जुड़े सभी निर्णय लेने का अधिकार बोर्ड अधिकारियों को सौंपा गया, लेकिन मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अगरकर का मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक है और उनके अनुबंध के नवीनीकरण पर अभी स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।
एजीएम में क्या हुआ
बीसीसीआई मुख्यालय में आयोजित एजीएम के बाद बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई और सभी प्रस्ताव सहमति से पारित किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीनियर और जूनियर पुरुष चयन समितियों के मामलों के लिए आवश्यक मंजूरी मिल गई है, लेकिन चयनकर्ताओं को लेकर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में अरुण धूमल और खैरुल जमाल मजूमदार को निर्विरोध पुनः निर्वाचित किया गया। यह दोनों पहले से इस परिषद के सदस्य थे।
अगरकर की अनिश्चित स्थिति
सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त होने वाला है। यह अभी तय नहीं है कि वह 2027 में ज़िम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप तक इस पद पर बने रहेंगे या नहीं। गौरतलब है कि अगरकर 3 सितंबर को हुई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध न होने के कारण शामिल नहीं हो पाए थे।
हालांकि, इसके बाद वह नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली गई टी20 सीरीज के दौरान अपनी चयन समिति के सदस्यों आरपी सिंह और अजय रात्रा के साथ उपस्थित दिखे।
पार्थिव पटेल संभावित उत्तराधिकारी
यदि बीसीसीआई चयन पैनल में बदलाव करने का निर्णय लेता है, तो भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल को प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है। इस संभावना की चर्चा मार्च 2026 से ही समय-समय पर होती रही है। पार्थिव फिलहाल आईपीएल टीम गुजरात टाइटंस के सहायक कोच के रूप में कार्यरत हैं और क्रिकेट कमेंट्री से भी जुड़े हुए हैं।
चूँकि पार्थिव को सक्रिय क्रिकेट से संन्यास लिए पाँच वर्ष से अधिक हो चुके हैं, इसलिए वह बीसीसीआई की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। यदि अगरकर का स्थान रिक्त होता है तो बीसीसीआई को सार्वजनिक विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित करने होंगे और साक्षात्कार के बाद नए मुख्य चयनकर्ता का चयन किया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को बीसीसीआई की सदस्यता देने का प्रस्ताव एजेंडे में था, लेकिन कानूनी बाधाओं के चलते एफिलिएट सदस्यता आवेदन पर फैसला टाल दिया गया। इसके अतिरिक्त, घरेलू क्रिकेट से जुड़े अंपायरों, मैच रेफरी और स्कोरर्स की फीस में बढ़ोतरी की संभावना है — इसके लिए तीन सदस्यों की समिति गठित करने पर विचार किया जा रहा है।
मंगलवार को खेले गए भारत-अफगानिस्तान दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान स्टेडियम में राजीव शुक्ला के साथ आईसीसी चेयरमैन जय शाह, बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
वेन्यू और प्रारूप बदलाव
रांची में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट के संभावित वेन्यू परिवर्तन के बारे में पूछे जाने पर राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि बैठक में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि जो मुकाबले पहले 50 ओवर के होते थे, वे अब 20 ओवर के प्रारूप में खेले जाएंगे। आने वाले हफ्तों में बीसीसीआई के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।