नॉर्वे राजदूत मे एलिन स्टेनर बोलीं — भारत जल्द बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, डोसा है पसंदीदा
सारांश
मुख्य बातें
भारत में नॉर्वे की राजदूत मे एलिन स्टेनर ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत के दौरान कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अपने तीन वर्षीय राजदूत कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत नॉर्वे संबंधों को गहराते और रणनीतिक धरातल पर मजबूत होते देखा है।
तीन साल में क्या बदला — द्विपक्षीय संबंधों का सफर
राजदूत स्टेनर ने अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "इन तीन सालों में जब मैं यहाँ थी, तो सबसे खास बात मई में प्रधानमंत्री मोदी का नॉर्वे दौरा रहा। फिर हमने नॉर्वे और भारत के बीच संबंधों को ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाया और हमारे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों के बारे में मैं जो कह रही थी, वह औपचारिक रूप से मजबूत हुआ।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये तीन वर्ष "बहुत ही रोमांचक" रहे हैं — भारत नॉर्वे के संबंध अधिक रणनीतिक, व्यापक और ठोस हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक उपस्थिति तेजी से बढ़ा रहा है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर राजदूत का आकलन
स्टेनर ने भारत की आर्थिक प्रगति पर खुलकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "जब मैं भारत में हूँ, तो आप पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं और मुझे लगता है कि आप जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाएंगे।"
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में भ्रमण के दौरान वे इस विकास को "लगभग अपनी आँखों से" महसूस कर सकती हैं — निर्माणाधीन इमारतें और हर ओर बेहतर होता बुनियादी ढाँचा इसका प्रमाण हैं। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष सहित कई वैश्विक एजेंसियाँ भारत को इस दशक के भीतर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर मान रही हैं।
भारतीय खाने से लगाव — डोसा से ओस्लो तक
राजदूत स्टेनर ने बताया कि भारतीय भोजन से उनका परिचय नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में ही हो गया था। उनके अनुसार, "ओस्लो में लगभग 100 भारतीय रेस्तराँ हैं और हम वहाँ भी अच्छा भारतीय खाना बनाते हैं, जो नॉर्वे के लोगों में बहुत मशहूर है।"
भारत आने के बाद उन्हें जो नई विविधता मिली, उसने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "मुझे डोसा बहुत पसंद है, जो नॉर्वे में ज्यादा नहीं मिलता क्योंकि दक्षिण भारत का खाना वहाँ उतना मशहूर नहीं है। भारत के उत्तर और दक्षिण के बीच खाने की जो विविधता है, वह अद्भुत है।"
आर्थिक और व्यापारिक संबंध — आगे की राह
स्टेनर के अनुसार नॉर्वे और भारत के बीच व्यावसायिक एवं आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "नॉर्वे और भारत के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं और यह एक ऐसा रिश्ता है जो दिन ब दिन बढ़ रहा और मजबूत होता जा रहा है।"
ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के अंतर्गत दोनों देशों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री अर्थव्यवस्था और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ और भी विस्तृत होने की उम्मीद है। राजदूत के इस कार्यकाल की समाप्ति के बाद दोनों देशों के बीच इस नई साझेदारी की अगली कड़ी क्या होगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।