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नॉर्वे राजदूत मे एलिन स्टेनर बोलीं — भारत जल्द बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, डोसा है पसंदीदा

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नॉर्वे राजदूत मे एलिन स्टेनर बोलीं — भारत जल्द बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, डोसा है पसंदीदा

सारांश

नॉर्वे की राजदूत मे एलिन स्टेनर का यह बयान महज तारीफ नहीं — यह एक विदेशी राजनयिक की नजर से भारत की आर्थिक छलाँग का प्रमाण है। तीन सालों में पाँचवीं से चौथी और जल्द तीसरी अर्थव्यवस्था बनने तक का यह सफर, और साथ में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप — भारत नॉर्वे रिश्ते एक नई ऊँचाई पर हैं।

मुख्य बातें

नॉर्वे की राजदूत मे एलिन स्टेनर ने कहा कि भारत जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा; उनके कार्यकाल में भारत पाँचवीं से चौथी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
राजदूत ने अपने तीन वर्षीय कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के नॉर्वे दौरे और ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का उल्लेख किया।
ओस्लो में लगभग 100 भारतीय रेस्तराँ हैं; स्टेनर ने भारत आने से पहले ही भारतीय खाने को अपना लिया था।
स्टेनर की पसंदीदा भारतीय डिश डोसा है, जो उन्हें नॉर्वे में उपलब्ध नहीं थी।
दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

भारत में नॉर्वे की राजदूत मे एलिन स्टेनर ने 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत के दौरान कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अपने तीन वर्षीय राजदूत कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत नॉर्वे संबंधों को गहराते और रणनीतिक धरातल पर मजबूत होते देखा है।

तीन साल में क्या बदला — द्विपक्षीय संबंधों का सफर

राजदूत स्टेनर ने अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "इन तीन सालों में जब मैं यहाँ थी, तो सबसे खास बात मई में प्रधानमंत्री मोदी का नॉर्वे दौरा रहा। फिर हमने नॉर्वे और भारत के बीच संबंधों को ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाया और हमारे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों के बारे में मैं जो कह रही थी, वह औपचारिक रूप से मजबूत हुआ।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि ये तीन वर्ष "बहुत ही रोमांचक" रहे हैं — भारत नॉर्वे के संबंध अधिक रणनीतिक, व्यापक और ठोस हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक उपस्थिति तेजी से बढ़ा रहा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर राजदूत का आकलन

स्टेनर ने भारत की आर्थिक प्रगति पर खुलकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "जब मैं भारत में हूँ, तो आप पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं और मुझे लगता है कि आप जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाएंगे।"

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में भ्रमण के दौरान वे इस विकास को "लगभग अपनी आँखों से" महसूस कर सकती हैं — निर्माणाधीन इमारतें और हर ओर बेहतर होता बुनियादी ढाँचा इसका प्रमाण हैं। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष सहित कई वैश्विक एजेंसियाँ भारत को इस दशक के भीतर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर मान रही हैं।

भारतीय खाने से लगाव — डोसा से ओस्लो तक

राजदूत स्टेनर ने बताया कि भारतीय भोजन से उनका परिचय नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में ही हो गया था। उनके अनुसार, "ओस्लो में लगभग 100 भारतीय रेस्तराँ हैं और हम वहाँ भी अच्छा भारतीय खाना बनाते हैं, जो नॉर्वे के लोगों में बहुत मशहूर है।"

भारत आने के बाद उन्हें जो नई विविधता मिली, उसने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "मुझे डोसा बहुत पसंद है, जो नॉर्वे में ज्यादा नहीं मिलता क्योंकि दक्षिण भारत का खाना वहाँ उतना मशहूर नहीं है। भारत के उत्तर और दक्षिण के बीच खाने की जो विविधता है, वह अद्भुत है।"

आर्थिक और व्यापारिक संबंध — आगे की राह

स्टेनर के अनुसार नॉर्वे और भारत के बीच व्यावसायिक एवं आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "नॉर्वे और भारत के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं और यह एक ऐसा रिश्ता है जो दिन ब दिन बढ़ रहा और मजबूत होता जा रहा है।"

ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के अंतर्गत दोनों देशों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री अर्थव्यवस्था और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ और भी विस्तृत होने की उम्मीद है। राजदूत के इस कार्यकाल की समाप्ति के बाद दोनों देशों के बीच इस नई साझेदारी की अगली कड़ी क्या होगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

नई नहीं है — लेकिन इसका संदर्भ महत्वपूर्ण है। नॉर्वे जैसे छोटे लेकिन समृद्ध देश के साथ ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप भारत की बहुआयामी कूटनीति का हिस्सा है, जो सिर्फ बड़ी शक्तियों तक सीमित नहीं रही। हालाँकि, आर्थिक रैंकिंग में छलाँग और आम नागरिक के जीवन स्तर में सुधार के बीच की खाई पर यह बातचीत मौन रही — यह वह सवाल है जो मुख्यधारा की कवरेज अक्सर छोड़ देती है। भारत नॉर्वे ग्रीन पार्टनरशिप में नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री क्षेत्र की असली संभावनाएँ अभी सुर्खियों से बाहर हैं।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्वे की राजदूत मे एलिन स्टेनर ने भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में क्या कहा?
राजदूत स्टेनर ने कहा कि भारत उनके कार्यकाल के दौरान पाँचवीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में घूमते हुए वे इस विकास को निर्माणाधीन इमारतों और बेहतर होते बुनियादी ढाँचे के रूप में साफ देख सकती हैं।
भारत नॉर्वे ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप क्या है?
यह दोनों देशों के बीच एक उन्नत द्विपक्षीय साझेदारी है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान औपचारिक रूप दिया गया। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और समुद्री अर्थव्यवस्था में सहयोग शामिल है।
मे एलिन स्टेनर को भारतीय खाने में क्या पसंद है?
राजदूत स्टेनर को भारतीय खाने में डोसा सबसे ज्यादा पसंद है, जो उन्हें नॉर्वे में आसानी से नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि ओस्लो में लगभग 100 भारतीय रेस्तराँ हैं, इसलिए भारतीय खाने से उनका परिचय भारत आने से पहले ही हो चुका था।
नॉर्वे के राजदूत के रूप में मे एलिन स्टेनर का कार्यकाल कितने साल का रहा?
मे एलिन स्टेनर ने भारत में नॉर्वे की राजदूत के रूप में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत नॉर्वे संबंधों को ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक विकसित होते देखा।
नॉर्वे और भारत के बीच आर्थिक संबंध कैसे हैं?
राजदूत स्टेनर के अनुसार दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंध दिन ब दिन मजबूत हो रहे हैं। ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग और विस्तृत होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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