मोदी-नॉर्वे PM की ओस्लो में बैठक: ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर सहमति, भारत को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 मई को ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसे उन्होंने 'बेहद सार्थक' बताया। इस बैठक में दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के रूप में उन्नत करने पर सहमति जताई — जो स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास, ब्लू इकॉनमी और ग्रीन शिपिंग समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देगी। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की पाँच देशों की यात्रा का चौथा चरण थी।
ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप: मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि द्विपक्षीय साझेदारी को 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के तौर पर अपग्रेड करना इस बातचीत का सबसे अहम पहलू रहा। उन्होंने कहा कि इससे स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास, ब्लू इकॉनमी और ग्रीन शिपिंग के क्षेत्रों में सहयोग और मज़बूत होगा।
दोनों नेताओं ने इनोवेशन, रिसर्च, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास में संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के रास्तों पर भी विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि नॉर्वे अब 'इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव' में शामिल हो गया है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से रेखांकित किया।
राजकीय स्वागत और किंग हेराल्ड से मुलाकात
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने स्वयं एयरपोर्ट पर पहुँचकर मोदी का स्वागत किया — जो किसी विदेशी नेता के प्रति विशेष सम्मान का प्रतीक माना जाता है। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर और नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गंगटे भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो के रॉयल पैलेस में नॉर्वे के राजा हेराल्ड-V से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारतीय और नॉर्वेजियन कंपनियों के बीच बढ़ते सहयोग पर विशेष चर्चा की। किंग हेराल्ड ने बाद में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में लंच का भी आयोजन किया।
नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
इस यात्रा का एक ऐतिहासिक पहलू यह रहा कि प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे द्वारा विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान — 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' — से नवाज़ा गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद मोदी ने कहा, 'यह सम्मान भारत की जनता को समर्पित है और भारत-नॉर्वे की मजबूत दोस्ती का प्रतीक है। यह वैश्विक प्रगति के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'
साझा मूल्य और भविष्य की राह
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, मोदी ने नॉर्वे की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की दोस्ती लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों-केंद्रित प्रशासन जैसे साझा मूल्यों की बुनियाद पर और मज़बूत होती जा रही है। यह साझेदारी ऐसे समय में और महत्त्वपूर्ण हो जाती है जब वैश्विक स्तर पर हरित ऊर्जा संक्रमण तेज़ गति पकड़ रहा है और भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में अग्रसर है।