भारत-नॉर्वे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत: राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने संयुक्त सचिव अपर्णा रे से की बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारत और नॉर्वे के बीच कूटनीतिक सहयोग को नई गति मिली है। नई दिल्ली में 15 जून 2026 को भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने विदेश मंत्रालय में नीति नियोजन एवं अनुसंधान की संयुक्त सचिव अपर्णा रे से मुलाकात की। इस बैठक में बदलती वैश्विक प्राथमिकताओं और भारत-नॉर्वे के बहुआयामी संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में क्या हुई चर्चा
राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, "संयुक्त सचिव (नीति नियोजन और अनुसंधान) अपर्णा रे से मिलकर खुशी हुई। हमने दुनिया में बदलती प्राथमिकताओं और भारत-नॉर्वे के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। मैं हमारे करीबी सहयोग को आगे भी जारी रखने के लिए उत्सुक हूं।" यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क पिछले कुछ हफ्तों में काफी बढ़ा है।
मोदी की नॉर्वे यात्रा और 'ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप'
गौरतलब है कि पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नॉर्वे गए थे, जहाँ उन्होंने इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया और कई द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। ओस्लो में प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोर से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों को 'ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "ओस्लो में प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोर के साथ मेरी बातचीत बहुत सकारात्मक रही। हमारी बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हमारे द्विपक्षीय संबंधों को 'ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' तक बढ़ाना रहा। इससे स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ विकास, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग और कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा।"
व्यापार, शोध और स्वच्छ ऊर्जा में सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टोर ने ओस्लो सिटी हॉल में आयोजित बिजनेस और रिसर्च समिट में भी संयुक्त रूप से भाग लिया। इस अवसर पर मोदी ने भारत में जारी आर्थिक सुधारों की जानकारी दी और नॉर्वे को भारत की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन, ऊर्जा और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
मोदी ने एक्स पर लिखा, "हमारे दोनों देश खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग कर सकते हैं। जहाज निर्माण का क्षेत्र भी असीम संभावनाएं रखता है।" इसके अतिरिक्त नवाचार, शोध, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भी संबंध गहरे करने पर सहमति बनी।
मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान
इस यात्रा के दौरान नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम ने ओस्लो में प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से नवाज़ा। यह उन्हें मिला 32वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान था, जो भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
नई दिल्ली में हुई यह बैठक ओस्लो शिखर वार्ता के बाद की कूटनीतिक अनुवर्ती कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच 'ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' के तहत स्वच्छ ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक सहयोग के क्षेत्र में ठोस परियोजनाओं की रूपरेखा आने वाले महीनों में सामने आने की उम्मीद है।