PM मोदी नॉर्वे से इटली रवाना, भारत-नॉर्डिक समिट में 10 वर्षों में 4 गुना व्यापार वृद्धि का जिक्र
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के अंतिम चरण में 19 मई को ओस्लो से इटली के लिए रवाना हो गए। नॉर्वे से प्रस्थान से पूर्व उन्होंने नॉर्डिक देशों के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई तथा तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया।
भारत-नॉर्डिक समिट के प्रमुख निर्णय
समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों ने अपने संबंधों को ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन रणनीतिक साझेदारी तक विस्तारित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह साझेदारी इनोवेशन को स्केल और टैलेंट के साथ जोड़ेगी तथा सस्टेनेबिलिटी, भरोसेमंद तकनीक और मानवता के बेहतर भविष्य के प्रति साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगी।
व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि
समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार चार गुना बढ़ा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इसी अवधि में नॉर्डिक देशों से भारत में निवेश में लगभग 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। नॉर्डिक निवेश फंड अब भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं और हज़ारों नई नौकरियों का सृजन कर रहे हैं।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय वार्ता
ओस्लो में प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। मोदी ने इसे 'बेहद फायदेमंद दौरा' बताया और कहा कि कई क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए। उन्होंने नॉर्वे की जनता, प्रधानमंत्री स्टोरे और नॉर्वे सरकार को उनके आत्मीय स्वागत के लिए धन्यवाद दिया।
भविष्य की प्राथमिकताएँ
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत नॉर्डिक देशों के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग जारी रखेगा — अधिक व्यापार और निवेश, सस्टेनेबल ग्रोथ, इनोवेशन, क्लाइमेट एक्शन और आर्कटिक में सहयोग। गौरतलब है कि यह भारत-नॉर्डिक फॉर्मेट आठ वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति साझा प्रतिबद्धता को संस्थागत रूप देना था। अब इटली में अगले चरण की कूटनीतिक बैठकें प्रधानमंत्री के दौरे को नई दिशा देंगी।