जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दो: फारूक अब्दुल्ला ने PM मोदी से वादा निभाने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार, 10 जून को श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के अपने सार्वजनिक वादे को पूरा करने की माँग की। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने जताई गई थी, इसलिए इसे अब और नहीं टाला जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बार-बार उठाया मुद्दा
डॉ. अब्दुल्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा कई बार उठाया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया बिना किसी और देरी के पूरी होगी।
जम्मू-कश्मीर के लोगों की केंद्रीय माँग
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जोर दिया कि राज्य का दर्जा बहाल करना जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक केंद्रीय और अनुत्तरित माँग बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वहाँ की जनता बेसब्री से इस बहाली का इंतजार कर रही है और नेतृत्व पर भरोसा बनाए हुए है।
संसद के मानसून सत्र में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा और संवैधानिक गारंटी बहाल करने की माँग उठाई जाएगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और अन्य समान विचारधारा वाले दलों से भी इस प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया है।
पार्टी के भीतर भी उठी अनुच्छेद 370 की आवाज़
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है। हालाँकि उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अनुच्छेद 370 की बहाली नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्राथमिक माँग बनी रहनी चाहिए — जो पार्टी के भीतर एक अलग स्वर को दर्शाता है।
आगे क्या होगा
मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन संसदीय दबाव की रणनीति का हिस्सा है। यह देखना अहम होगा कि विपक्षी दल इस साझा मंच पर एकजुट होते हैं या नहीं, और केंद्र सरकार राज्य के दर्जे पर कोई ठोस समयसीमा देती है या नहीं।