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मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर NC का प्रदर्शन, J&K राज्य दर्जे की मांग

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मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर NC का प्रदर्शन, J&K राज्य दर्जे की मांग

सारांश

नेशनल कॉन्फ्रेंस मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर उतरेगी — माँग एक ही है: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दो। फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में तय हुई रणनीति, BJP को उसके अपने चुनावी वादे की याद दिलाने की तैयारी।

मुख्य बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर प्रदर्शन करेगी।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराना है।
फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।
NC ने BJP को उसके चुनावी घोषणापत्र में किए राज्य दर्जे के वादे की याद दिलाई और स्पष्ट समयसीमा माँगी।
इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों और जम्मू-कश्मीर की अन्य लोकतांत्रिक ताकतों को भी प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा।
NC ने भारत-पाकिस्तान के बीच संवाद बहाली की भी वकालत की।

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने 6 जुलाई 2026 को घोषणा की कि संसद के आगामी मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करेगी। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराना और भारत-पाकिस्तान के बीच संवाद की बहाली की माँग करना है।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने बताया कि यह निर्णय पार्टी की हालिया बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा, 'पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से राज्य का दर्जा बहाल करने का जो वादा किया था, उसे अब पूरा किया जाना चाहिए।' गौरतलब है कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं और पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक में इस आंदोलन की रूपरेखा तय की गई थी।

केंद्र सरकार को वादे की याद दिलाने की तैयारी

सादिक ने स्पष्ट किया कि यह वादा देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और सर्वोच्च न्यायालय की कार्यवाही के दौरान भी सामने आ चुका है। उन्होंने कहा, 'मानसून सत्र के पहले दिन हम दिल्ली जाएंगे और केंद्र सरकार को उसका वादा याद दिलाएंगे।' सादिक ने यह भी जोड़ा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज भी आधिकारिक रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने की घोषणा कर दे तो प्रदर्शन की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।

भाजपा पर सीधा निशाना

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता ने भाजपा को उसके अपने चुनावी घोषणापत्र की याद दिलाई। उनके अनुसार, 'राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा स्वयं भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किया था। यदि यह वादा किया गया था तो अब तक उसे पूरा क्यों नहीं किया गया। केंद्र सरकार को इस संबंध में स्पष्ट समयसीमा बतानी चाहिए।' पार्टी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकार की माँग करना है।

भारत-पाकिस्तान संवाद पर NC का रुख

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बोलते हुए सादिक ने कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा पाकिस्तान से बातचीत की वकालत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी मुद्दे पर अन्य दलों के नेताओं के बयानों पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस कथन का भी हवाला दिया कि 'दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं।'

इंडिया ब्लॉक और अन्य दलों को आमंत्रण

सादिक ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों को भी आमंत्रित किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक ताकतों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की जाएगी, ताकि राज्य के दर्जे की बहाली की माँग को व्यापक समर्थन मिल सके। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब जम्मू-कश्मीर को 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग लगातार उठती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक निर्णय है जिस पर केंद्र सरकार को स्पष्ट जवाब देना होगा। इंडिया ब्लॉक को साथ लेने की रणनीति प्रदर्शन को व्यापक बनाने की कोशिश है, लेकिन असली दबाव तभी बनेगा जब संसद के भीतर भी यह मुद्दा ज़ोरदार तरीके से उठे।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल कॉन्फ्रेंस का जंतर-मंतर प्रदर्शन कब होगा?
यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा। पार्टी ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई वर्किंग कमेटी की बैठक में इसकी रूपरेखा तय की है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे की माँग क्यों कर रही है?
2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। NC का कहना है कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सर्वोच्च न्यायालय की कार्यवाही में राज्य दर्जा बहाल करने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।
तनवीर सादिक ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि BJP ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार से स्पष्ट समयसीमा देने की माँग की।
क्या इस प्रदर्शन में अन्य दल भी शामिल होंगे?
हाँ, NC ने इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक ताकतों को भी प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण देने की योजना बनाई है।
NC ने भारत-पाकिस्तान संवाद पर क्या कहा?
तनवीर सादिक ने कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद होना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के इस कथन का हवाला दिया कि 'दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं', और कहा कि पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध दोनों देशों के हित में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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