मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर NC का प्रदर्शन, J&K राज्य दर्जे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने 6 जुलाई 2026 को घोषणा की कि संसद के आगामी मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करेगी। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराना और भारत-पाकिस्तान के बीच संवाद की बहाली की माँग करना है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने बताया कि यह निर्णय पार्टी की हालिया बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा, 'पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से राज्य का दर्जा बहाल करने का जो वादा किया था, उसे अब पूरा किया जाना चाहिए।' गौरतलब है कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं और पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक में इस आंदोलन की रूपरेखा तय की गई थी।
केंद्र सरकार को वादे की याद दिलाने की तैयारी
सादिक ने स्पष्ट किया कि यह वादा देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और सर्वोच्च न्यायालय की कार्यवाही के दौरान भी सामने आ चुका है। उन्होंने कहा, 'मानसून सत्र के पहले दिन हम दिल्ली जाएंगे और केंद्र सरकार को उसका वादा याद दिलाएंगे।' सादिक ने यह भी जोड़ा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज भी आधिकारिक रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने की घोषणा कर दे तो प्रदर्शन की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।
भाजपा पर सीधा निशाना
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता ने भाजपा को उसके अपने चुनावी घोषणापत्र की याद दिलाई। उनके अनुसार, 'राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा स्वयं भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किया था। यदि यह वादा किया गया था तो अब तक उसे पूरा क्यों नहीं किया गया। केंद्र सरकार को इस संबंध में स्पष्ट समयसीमा बतानी चाहिए।' पार्टी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकार की माँग करना है।
भारत-पाकिस्तान संवाद पर NC का रुख
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बोलते हुए सादिक ने कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा पाकिस्तान से बातचीत की वकालत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी मुद्दे पर अन्य दलों के नेताओं के बयानों पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस कथन का भी हवाला दिया कि 'दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं।'
इंडिया ब्लॉक और अन्य दलों को आमंत्रण
सादिक ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों को भी आमंत्रित किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक ताकतों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की जाएगी, ताकि राज्य के दर्जे की बहाली की माँग को व्यापक समर्थन मिल सके। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब जम्मू-कश्मीर को 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग लगातार उठती रही है।