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जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग: नेशनल कॉन्फ्रेंस का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, सभी दलों को निमंत्रण

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जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग: नेशनल कॉन्फ्रेंस का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, सभी दलों को निमंत्रण

सारांश

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग को लेकर प्रदर्शन की घोषणा की है। फारूक अब्दुल्ला इंडिया गठबंधन सहित सभी गैर-एनडीए दलों को औपचारिक निमंत्रण भेजेंगे — यह 2019 के बाद से जारी संवैधानिक संघर्ष का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
प्रदर्शन की माँग: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करना और संवैधानिक अधिकारों की पुनर्स्थापना।
पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला स्वयं इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों और गैर-एनडीए दलों को औपचारिक निमंत्रण पत्र भेजेंगे।
1 जुलाई को श्रीनगर के गुपकार आवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक में प्रदर्शन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
अब्दुल्ला ने राज्य के दर्जे की बहाली की संभावना पर कहा — 'यह केवल अल्लाह और दिल्ली में सत्ता में बैठे लोग जानते हैं।'

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी तेज़ कर दी है, जो संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया जाएगा। यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और संवैधानिक अधिकारों की पुनर्स्थापना की मांग को लेकर किया जाएगा।

बैठक और तैयारियाँ

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेताओं ने 1 जुलाई को श्रीनगर के गुपकार स्थित आवास पर पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस बैठक में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों की समीक्षा की गई और उन्हें अंतिम रूप दिया गया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के अन्य राजनीतिक दलों को भी इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उन दलों को भी निमंत्रण भेजा जाएगा जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, किंतु एनडीए (NDA) से भी संबद्ध नहीं हैं।

फारूक अब्दुल्ला स्वयं लिखेंगे पत्र

पार्टी की ओर से सभी राजनीतिक दलों को औपचारिक आमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला स्वयं संबंधित नेताओं को पत्र लिखकर प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण देंगे। यह कदम नेशनल कॉन्फ्रेंस की इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश को दर्शाता है।

अब्दुल्ला का पहले का रुख और बदलाव

गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही फारूक अब्दुल्ला ने स्पष्ट कहा था कि पार्टी किसी को भी इस आंदोलन में शामिल होने के लिए 'भीख माँगने' नहीं जाएगी। उन्होंने कहा था कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होना चाहता है, वह स्वयं आ सकता है। अब औपचारिक निमंत्रण भेजने का निर्णय उनके उस बयान के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

राज्य के दर्जे की बहाली की संभावना पर अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं भगवान नहीं हूँ। यह केवल अल्लाह जानता है और वे लोग जानते हैं जो दिल्ली में सत्ता में हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के तहत उन्हें यह अधिकार है कि जिन अधिकारों को छीना गया है, उनके खिलाफ विरोध किया जाए।

प्रदर्शन का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और संवैधानिक अधिकारों की पुनर्स्थापना की माँग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था, तब से राज्य के दर्जे की बहाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित कई दलों की प्रमुख माँग रही है।

आगे क्या होगा

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर अपना लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेगी। औपचारिक आमंत्रण पत्र जल्द भेजे जाने की उम्मीद है। प्रदर्शन में कितने दल शामिल होते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा और इससे इस मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता का अंदाज़ा लगेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह प्रदर्शन मुख्यतः NC का एकल राजनीतिक संदेश बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल कॉन्फ्रेंस का जंतर-मंतर प्रदर्शन किस मुद्दे पर है?
यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और संवैधानिक अधिकारों की पुनर्स्थापना की माँग को लेकर है। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था, तब से यह माँग नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्राथमिकता रही है।
यह प्रदर्शन कब और कहाँ होगा?
यह प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया जाएगा। सटीक तिथि की घोषणा अभी होनी बाकी है, लेकिन यह जुलाई 2025 में अपेक्षित है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने किन दलों को निमंत्रण देने का फैसला किया है?
पार्टी ने इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों, जम्मू-कश्मीर के अन्य राजनीतिक दलों और उन दलों को भी निमंत्रण देने का निर्णय लिया है जो न इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं और न एनडीए से संबद्ध हैं। पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला स्वयं संबंधित नेताओं को पत्र लिखेंगे।
फारूक अब्दुल्ला ने राज्य के दर्जे की बहाली की संभावना पर क्या कहा?
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वे भगवान नहीं हैं और यह केवल अल्लाह तथा दिल्ली में सत्ता में बैठे लोग जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के तहत उनकी पार्टी को यह अधिकार है कि जिन अधिकारों को छीना गया है, उनके खिलाफ विरोध किया जाए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस प्रदर्शन का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह प्रदर्शन संसद सत्र के पहले दिन रखा गया है, जिससे जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे का मुद्दा संसदीय बहस में केंद्र में आ सके। गैर-एनडीए दलों को व्यापक निमंत्रण देकर नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे पर राष्ट्रीय विपक्षी एकजुटता बनाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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