परिसीमन 'पिछले दरवाजे से शासन' का हथियार: जम्मू-कश्मीर सीएम उमर अब्दुल्ला का केंद्र पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 12 जुलाई को जम्मू में एक सभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मज़बूत करने के लिए नहीं, बल्कि 'पिछले दरवाजे से शासन' करने के लिए की गई थी। उन्होंने केंद्र पर राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे से बार-बार मुकरने का भी आरोप लगाया।
मुख्य आरोप और बयान
अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने राज्य का दर्जा बहाल होने का बहुत लंबा इंतज़ार किया है और अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार, राजनीतिक नेताओं, संसद और सर्वोच्च न्यायालय — तीनों ने आश्वासन दिया था कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा, फिर भी केंद्र ने बार-बार अपने वादे तोड़े हैं।
सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग केंद्र से कोई एहसान नहीं है — यह जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया वह वादा है जिसे 2024 के विधानसभा चुनाव में लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्र में शामिल किया था।
'ऑपरेशन लोटस' और विपक्षी दलों पर प्रहार
उमर अब्दुल्ला ने BJP पर 'ऑपरेशन लोटस' के ज़रिए देशभर में विपक्षी दलों को तोड़ने और कमज़ोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र में शिवसेना और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP), पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) का ज़िक्र किया।
यह ऐसे समय में आया है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए अपना अभियान तेज़ कर दिया है और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
परिसीमन का संदर्भ
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया 2022 में पूरी हुई थी, जिसके बाद विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई। आलोचकों का कहना है कि इस पुनर्गठन से जम्मू क्षेत्र को अपेक्षाकृत अधिक सीटें मिलीं, जिसे विपक्षी दल राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।
अब्दुल्ला ने BJP को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी किसी ऐसे उम्मीदवार का नाम बताए जिसने 2024 के चुनाव में राज्य का दर्जा बहाल करने का विरोध करते हुए प्रचार किया हो। उन्होंने कहा कि BJP अक्सर दूसरों को उनके चुनावी वादों की याद दिलाती है, लेकिन उसे खुद भी लोगों से किए अपने वादों का हिसाब देना चाहिए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की आगे की रणनीति
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने संकेत दिया है कि राज्य का दर्जा बहाल कराने का मुद्दा आने वाले महीनों में उसके राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में बना रहेगा। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन इस अभियान की अगली कड़ी है, जो राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।