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उमर अब्दुल्ला का आरोप: NC तोड़ने की साजिश, विधायकों को ₹20-30 करोड़ की पेशकश

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उमर अब्दुल्ला का आरोप: NC तोड़ने की साजिश, विधायकों को ₹20-30 करोड़ की पेशकश

सारांश

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हज़रतबल में पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने बड़ा आरोप लगाया — NC के एक विधायक को ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य के दर्जे का प्रलोभन। साथ ही 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान — संवाद की राजनीति अब सड़क पर उतरने को तैयार।

मुख्य बातें

उमर अब्दुल्ला ने 12 जुलाई 2025 को नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया।
जम्मू के एक विधायक को कथित तौर पर ₹20-30 करोड़ , मंत्री पद और राज्य का दर्जा दिलाने का प्रलोभन दिया गया।
उमर ने BJP पर परोक्ष रूप से सरकार में घुसपैठ की कोशिश का आरोप लगाया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राज्य के दर्जे की बहाली के लिए विरोध प्रदर्शन करेगी।
उमर ने चेतावनी दी कि जम्मू-कश्मीर के धैर्य को कमजोरी न समझा जाए।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 12 जुलाई 2025 को सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) को तोड़ने की सुनियोजित साजिश का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जम्मू से पार्टी के एक विधायक को पाला बदलने के एवज में ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य का दर्जा दिलाने का प्रलोभन दिया जा रहा है। यह खुलासा उन्होंने श्रीनगर के हज़रतबल में अपनी दादी बेगम अकबर जहाँ (मादर-ए-मेहरबान) की 26वीं पुण्यतिथि पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए किया।

क्या है पूरा आरोप

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब पैसों और मंत्री पदों की पेशकश नाकाम रही, तो बंद दरवाजों के पीछे से विधायकों को लुभाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने विधायक का नाम उजागर किए बिना कहा, 'मुझे बताया गया है कि जम्मू से हमारे एक विधायक को उनके साथ जुड़ने पर ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) परोक्ष रूप से सरकार में प्रवेश न कर सके।

राज्य के दर्जे पर बढ़ता तनाव

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर केंद्र सरकार को अपने वादे पूरे करने का समय दिया, लेकिन परिसीमन प्रक्रिया और विधानसभा चुनाव पूरे होने के बावजूद राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आश्चर्य जताया कि इतने समय बाद भी यह प्रतिबद्धता क्यों अधूरी है। गौरतलब है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था, और तब से राज्य का दर्जा बहाल करना NC का प्रमुख राजनीतिक एजेंडा रहा है।

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से राज्य के दर्जे की बहाली की माँग को और मजबूत करेगी। उमर ने चेतावनी दी, 'जम्मू-कश्मीर के धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए।'

संवाद बनाम संघर्ष की रणनीति

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी लगभग दो वर्षों से संघर्ष के बजाय संवाद के माध्यम से राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने जोर दिया, 'हम बार-बार कहते आए हैं कि हम टकराव नहीं, बातचीत के ज़रिए अपने अधिकार सुरक्षित करना चाहते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य प्रशासन के बीच राज्य के दर्जे को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2024 के विधानसभा चुनावों में जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाई थी। यह पहली बार नहीं है जब पार्टी पर दबाव की राजनीति के आरोप लगे हों — इससे पहले भी विपक्षी दलों ने NC के विधायकों को तोड़ने की कोशिशों के आरोप लगाए हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे आरोप अक्सर राजनीतिक दबाव के दौर में सामने आते हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन्होंने न विधायक का नाम लिया, न प्रस्ताव देने वाले का — जो इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि को मुश्किल बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के दर्जे पर केंद्र की चुप्पी और NC की बेचैनी दोनों बढ़ रही हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन का ऐलान संकेत देता है कि संवाद की रणनीति अपनी सीमा पर पहुँच रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह प्रदर्शन केंद्र पर दबाव बनाएगा, या महज़ एक राजनीतिक संदेश बनकर रह जाएगा — जैसा पहले भी होता आया है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला ने NC तोड़ने की साजिश का आरोप किस पर लगाया?
उमर अब्दुल्ला ने परोक्ष रूप से BJP पर आरोप लगाया, हालाँकि उन्होंने सीधे किसी नाम का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि BJP परोक्ष रूप से सरकार में प्रवेश न कर सके।
जम्मू के विधायक को क्या पेशकश की गई बताई जा रही है?
उमर अब्दुल्ला के अनुसार, जम्मू से NC के एक विधायक को पाला बदलने के बदले कथित तौर पर ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य का दर्जा दिलाने का वादा किया गया। उन्होंने विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर क्यों प्रदर्शन करेगी?
NC जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग को लेकर 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि परिसीमन और चुनाव के बाद भी केंद्र ने यह वादा पूरा नहीं किया।
जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे का मामला क्या है?
अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। तब से राज्य का दर्जा बहाल करना NC और अन्य दलों की प्रमुख राजनीतिक माँग रही है, जो अब तक पूरी नहीं हुई।
उमर अब्दुल्ला ने यह बयान कहाँ और किस अवसर पर दिया?
उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के हज़रतबल में अपनी दादी बेगम अकबर जहाँ की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन में यह बयान दिया। यह कार्यक्रम 12 जुलाई 2025 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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