उमर अब्दुल्ला का आरोप: NC तोड़ने की साजिश, विधायकों को ₹20-30 करोड़ की पेशकश
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 12 जुलाई 2025 को सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) को तोड़ने की सुनियोजित साजिश का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जम्मू से पार्टी के एक विधायक को पाला बदलने के एवज में ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य का दर्जा दिलाने का प्रलोभन दिया जा रहा है। यह खुलासा उन्होंने श्रीनगर के हज़रतबल में अपनी दादी बेगम अकबर जहाँ (मादर-ए-मेहरबान) की 26वीं पुण्यतिथि पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए किया।
क्या है पूरा आरोप
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब पैसों और मंत्री पदों की पेशकश नाकाम रही, तो बंद दरवाजों के पीछे से विधायकों को लुभाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने विधायक का नाम उजागर किए बिना कहा, 'मुझे बताया गया है कि जम्मू से हमारे एक विधायक को उनके साथ जुड़ने पर ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) परोक्ष रूप से सरकार में प्रवेश न कर सके।
राज्य के दर्जे पर बढ़ता तनाव
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर केंद्र सरकार को अपने वादे पूरे करने का समय दिया, लेकिन परिसीमन प्रक्रिया और विधानसभा चुनाव पूरे होने के बावजूद राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आश्चर्य जताया कि इतने समय बाद भी यह प्रतिबद्धता क्यों अधूरी है। गौरतलब है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था, और तब से राज्य का दर्जा बहाल करना NC का प्रमुख राजनीतिक एजेंडा रहा है।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से राज्य के दर्जे की बहाली की माँग को और मजबूत करेगी। उमर ने चेतावनी दी, 'जम्मू-कश्मीर के धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए।'
संवाद बनाम संघर्ष की रणनीति
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी लगभग दो वर्षों से संघर्ष के बजाय संवाद के माध्यम से राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने जोर दिया, 'हम बार-बार कहते आए हैं कि हम टकराव नहीं, बातचीत के ज़रिए अपने अधिकार सुरक्षित करना चाहते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य प्रशासन के बीच राज्य के दर्जे को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2024 के विधानसभा चुनावों में जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाई थी। यह पहली बार नहीं है जब पार्टी पर दबाव की राजनीति के आरोप लगे हों — इससे पहले भी विपक्षी दलों ने NC के विधायकों को तोड़ने की कोशिशों के आरोप लगाए हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे आरोप अक्सर राजनीतिक दबाव के दौर में सामने आते हैं, और इनकी स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी है।