11 जुलाई 2026
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असम के बहुविवाह विरोधी प्रस्ताव पर विहिप का समर्थन, मौलाना साजिद के बयान की कड़ी निंदा

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असम के बहुविवाह विरोधी प्रस्ताव पर विहिप का समर्थन, मौलाना साजिद के बयान की कड़ी निंदा

सारांश

असम सरकार के बहुविवाह विरोधी प्रस्ताव पर विहिप ने मुहर लगाई और पूरे देश में UCC लागू करने की माँग उठाई। साथ ही मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर महिला आयोग से तत्काल कार्रवाई की अपील की गई।

मुख्य बातें

असम सरकार के प्रस्ताव के अनुसार एक से अधिक विवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों की नौकरी जाएगी, सुविधाएँ वापस होंगी और जेल भी हो सकती है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 11 जुलाई 2026 को इस प्रस्ताव को 'अनुकरणीय पहल' बताया।
बंसल ने माँग की कि असम की तर्ज पर सभी राज्यों में और शीघ्र ही पूरे भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाए।
मौलाना साजिद रशीदी के 'देर से शादी से दुष्कर्म' वाले बयान पर विहिप ने कड़ी निंदा की और महिला आयोग से तत्काल कार्रवाई की माँग की।
विनोद बंसल ने केरल में हिंदू छात्रा की कथित हत्या का उल्लेख करते हुए धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून की माँग की।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 11 जुलाई 2026 को असम सरकार के उस प्रस्ताव का खुलकर स्वागत किया, जिसमें एक से अधिक विवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने और सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का प्रावधान है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनुकरणीय कदम बताया और साथ ही ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

असम का बहुविवाह विरोधी प्रस्ताव: क्या है प्रावधान

मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा की सरकार द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक से अधिक विवाह करता है तो उसकी सरकारी नौकरी समाप्त कर दी जाएगी, सरकारी योजनाओं का लाभ वापस लिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई के तहत जेल भी हो सकती है। विनोद बंसल ने कहा कि असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड की भावना से लागू यह कदम महिलाओं के जीवन, उनके शरीर और उनके मौलिक अधिकारों के शोषण पर रोक लगाएगा।

विहिप की माँग: पूरे देश में लागू हो समान नागरिक संहिता

विनोद बंसल ने कहा कि असम सरकार की इस पहल को अन्य राज्य सरकारों को भी अपनाना चाहिए और शीघ्र ही पूरे भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मुस्लिम बच्चों और बेटियों को उनके अधिकारों से क्यों वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने हेमंत बिस्वा सरमा की सरकार को इस कदम के लिए साधुवाद दिया।

मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर विवाद

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने हाल ही में एक विवादित बयान देते हुए कहा था कि लड़कियों की देर से शादी उनके साथ दुष्कर्म का कारण बन रही है। इस बयान पर विनोद बंसल ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह इस्लाम के कट्टरपंथियों की महिला विरोधी सोच को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चियों को यौन शोषण का शिकार बनाया जाता है और बड़े होने पर हलाल जैसी कुप्रथाओं में धकेला जाता है। बंसल ने माँग की कि साजिद रशीदी इस बयान के लिए महिला शक्ति से सार्वजनिक माफी माँगें और महिला आयोग इस मामले में तत्काल कार्रवाई करे।

केरल में 'लव-जिहाद' पर विहिप की चिंता

विनोद बंसल ने केरल में एक हिंदू छात्रा के कथित उत्पीड़न, धर्मांतरण के दबाव और अंततः हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केरल 'लव-जिहाद' की विभीषिका झेल रहा है और अन्य राज्यों तथा विदेशों में भी हिंदू लड़कियों को निशाना बनाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने केरल में धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की माँग की।

आगे की राह

असम का यह प्रस्ताव देश में UCC बहस को नई धार देता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पर समान नागरिक संहिता लागू करने का राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि असम का यह कदम अन्य भाजपा-शासित राज्यों के लिए एक नीतिगत मॉडल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित है — जो आबादी का एक छोटा हिस्सा है। विहिप की प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से सुविधाजनक समय पर आई है, जब UCC पर राष्ट्रीय बहस चरम पर है। मौलाना साजिद रशीदी का बयान निःसंदेह विवादास्पद और आपत्तिजनक है, परंतु इसे पूरे समुदाय की सोच से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से भ्रामक हो सकता है। असली प्रश्न यह है कि क्या ऐसे प्रस्ताव महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण की ओर ले जाते हैं, या ये केवल चुनावी एजेंडे को धार देने का माध्यम बनते हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम का बहुविवाह विरोधी प्रस्ताव क्या है?
असम सरकार के इस प्रस्ताव के तहत एक से अधिक विवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा, सरकारी सुविधाएँ वापस ली जाएंगी और उन्हें जेल भी हो सकती है। यह प्रस्ताव समान नागरिक संहिता की भावना से प्रेरित बताया जा रहा है।
विहिप ने इस प्रस्ताव पर क्या कहा?
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे महिला सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए 'अनुकरणीय पहल' बताया। उन्होंने माँग की कि असम की तरह अन्य राज्य और केंद्र सरकार भी समान नागरिक संहिता शीघ्र लागू करें।
मौलाना साजिद रशीदी का विवादित बयान क्या था?
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा था कि लड़कियों की देर से शादी उनके साथ दुष्कर्म का कारण बन रही है। इस बयान को विहिप सहित कई संगठनों ने महिला विरोधी और आपत्तिजनक बताया है।
विहिप ने मौलाना साजिद रशीदी से क्या माँग की?
विहिप के विनोद बंसल ने माँग की कि साजिद रशीदी अपने विवादित बयान के लिए महिला शक्ति से सार्वजनिक माफी माँगें। साथ ही उन्होंने महिला आयोग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की।
केरल में 'लव-जिहाद' पर विहिप की क्या माँग है?
विनोद बंसल ने केरल में एक हिंदू छात्रा के कथित उत्पीड़न और हत्या के मामले का हवाला देते हुए केरल में धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की माँग की। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों और विदेशों में भी हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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