चमोली में दीवार गिरने से डॉ. नवीन चंद्र डिमरी की मौत, नारायणबगड़ सरकारी अस्पताल में हादसा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चमोली जिले में शनिवार, 11 जुलाई को नारायणबगड़ स्थित सरकारी अस्पताल परिसर में मरम्मत कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल के अचानक ढह जाने से चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उप चिकित्सालय कर्णप्रयाग में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। इस दर्दनाक घटना से स्थानीय निवासी और व्यापारी गहरे सदमे में हैं।
हादसे का घटनाक्रम
25 जून को हुई भारी बारिश के बाद बाढ़ के मलबे ने अस्पताल की बाउंड्रीवाल को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। शनिवार को उसी दीवार की मरम्मत का काम चल रहा था। डॉ. डिमरी मरम्मत कार्य का निरीक्षण करने के लिए मौके पर पहुँचे थे कि तभी पहले से खोखली हो चुकी दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ी और वे मलबे के नीचे दब गए।
बचाव और उपचार
हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय व्यापारियों ने तत्काल बचाव अभियान चलाया और डॉ. डिमरी को मलबे से बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणबगड़ ले जाया गया। चिकित्सकों के परामर्श पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उप चिकित्सालय कर्णप्रयाग रेफर किया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।
उत्तराखंड में बारिश का कहर
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तराखंड के कई जिले भारी मानसूनी बारिश की मार झेल रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र में बिल्जू नदी उफान पर आने से मिलम जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया है। इससे क्षेत्र के लगभग 80 से 90 परिवारों का बाकी दुनिया से संपर्क कट गया है।
आम जनता पर असर
ग्रामीणों का कहना है कि पुल न होने के कारण राशन, दवाइयाँ और अन्य जरूरी सामान लाना-ले जाना बेहद मुश्किल हो गया है। जो लोग आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलने को मजबूर हैं, उन्हें उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा है। किसी स्वास्थ्य आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता तक पहुँचना भी बड़ी चुनौती बन गई है।
क्या होगा आगे
डॉ. डिमरी की असामयिक मृत्यु ने सरकारी स्वास्थ्य ढाँचे की जर्जर स्थिति और मानसून से पहले रखरखाव में हुई चूक पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की माँग है कि प्रशासन क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की तत्काल मरम्मत करे और कटे हुए क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए।