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बेंगलुरु: चारदीवारी गिरने से 17 वर्षीय किशोर की मौत, चिक्कबनासवाड़ी में एक घायल

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बेंगलुरु: चारदीवारी गिरने से 17 वर्षीय किशोर की मौत, चिक्कबनासवाड़ी में एक घायल

सारांश

बेंगलुरु के चिक्कबनासवाड़ी में प्रूडेंट होम्स अपार्टमेंट की दीवार ढहने से रायचूर के एक 17 वर्षीय किशोर की जान चली गई। यह हादसा तब आया जब शहर में दीवार गिरने की घटनाएँ पहले से ही लोकायुक्त की जाँच के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

26 मई को बेंगलुरु के चिक्कबनासवाड़ी स्थित प्रूडेंट होम्स अपार्टमेंट की दीवार गिरने से 17 वर्षीय किशोर की मौत हुई।
घायल 32 वर्षीय दूलय्या का अस्पताल में उपचार जारी है।
पुलिस ने अपार्टमेंट मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू की।
29 अप्रैल को बोरिंग अस्पताल की दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो चुकी है; उस मामले में लोकायुक्त जाँच जारी है।
लोकायुक्त रिपोर्ट में बोरिंग अस्पताल की दीवार की ऊँचाई मानक 1.5–2.4 मीटर के बजाय 2.8 मीटर पाई गई।
GBA और BBMP पर लापरवाही का आरोप; ठेकेदार पर आपराधिक मामला दर्ज, इंजीनियरों को नोटिस।

बेंगलुरु के चिक्कबनासवाड़ी इलाके में मंगलवार, 26 मई को एक अपार्टमेंट की चारदीवारी अचानक ढह जाने से 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई और 32 वर्षीय दूलय्या घायल हो गए। यह हादसा 5वें क्रॉस, चिक्कबनासवाड़ी स्थित प्रूडेंट होम्स अपार्टमेंट में हुआ। मृतक किशोर की पहचान रायचूर जिले के निवासी के रूप में हुई है।

घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, परिसर की दीवार अचानक गिर जाने से किशोर मलबे के नीचे दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घायल दूलय्या को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। संबंधित पुलिस ने अपार्टमेंट मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जाँच जारी है।

बेंगलुरु में दीवार हादसों का पैटर्न

यह घटना ऐसे समय में आई है जब बेंगलुरु में दीवार गिरने की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। इससे पहले 29 अप्रैल को भारी बारिश, ओलावृष्टि और आँधी के बाद बोरिंग अस्पताल के परिसर की दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। उस त्रासदी को लेकर जाँच अभी भी जारी है।

लोकायुक्त जाँच की रिपोर्ट

कर्नाटक लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित जाँच दल ने लोकायुक्त न्यायमूर्ति बी.एस. पाटिल को अपनी रिपोर्ट सौंपी। सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव शालिनी रजनीश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि बोरिंग अस्पताल की दीवार की ऊँचाई 2.8 मीटर थी, जबकि मानक के अनुसार यह 1.5 से 2.4 मीटर के बीच होनी चाहिए थी। इसके अलावा, दीवार में मिट्टी रोकने की कोई संरचना नहीं थी और बारिश के पानी की निकासी के लिए छेद भी नहीं थे।

प्रशासन की जवाबदेही

रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यदि ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) ने फुटपाथ से अतिक्रमण समय पर हटाया होता और तत्कालीन बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत कराई होती, तो अप्रैल की त्रासदी टाली जा सकती थी। मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने लोकायुक्त को सूचित किया कि ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है और संबंधित इंजीनियरों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

आगे क्या होगा

चिक्कबनासवाड़ी हादसे में पुलिस जाँच जारी है और अधिक विवरण सामने आने की प्रतीक्षा है। लोकायुक्त रिपोर्ट की सिफारिशों के आलोक में GBA पर शहर भर की जर्जर इमारतों और खतरनाक दीवारों की पहचान कर उचित कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और लोकायुक्त की रिपोर्ट पहले ही GBA व BBMP की लापरवाही को रेखांकित कर चुकी है। सवाल यह है कि जब प्रशासन को जर्जर दीवारों की जानकारी थी, तो निवारक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ठेकेदार पर मामला और इंजीनियरों को नोटिस प्रतीकात्मक कदम लग सकते हैं जब तक शहर भर में संरचनात्मक ऑडिट की व्यवस्थित प्रक्रिया नहीं बनती। बेंगलुरु की तेज़ शहरी वृद्धि और मानसून का दबाव मिलकर एक ऐसा संकट बना रहे हैं जिसे केवल एफआईआर से नहीं, नीतिगत जवाबदेही से ही रोका जा सकता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु चिक्कबनासवाड़ी दीवार हादसे में क्या हुआ?
26 मई को चिक्कबनासवाड़ी के 5वें क्रॉस स्थित प्रूडेंट होम्स अपार्टमेंट की चारदीवारी अचानक ढह गई, जिससे रायचूर जिले के 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई और 32 वर्षीय दूलय्या घायल हो गए। पुलिस ने अपार्टमेंट मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बेंगलुरु में इससे पहले कब दीवार गिरने की बड़ी घटना हुई थी?
29 अप्रैल को भारी बारिश और आँधी के बाद बोरिंग अस्पताल के परिसर की दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना की जाँच कर्नाटक लोकायुक्त कर रहे हैं।
लोकायुक्त रिपोर्ट में बोरिंग अस्पताल हादसे को लेकर क्या कहा गया?
लोकायुक्त न्यायमूर्ति बी.एस. पाटिल को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि दीवार की ऊँचाई मानक 1.5–2.4 मीटर के बजाय 2.8 मीटर थी, मिट्टी रोकने की संरचना नहीं थी और जल निकासी छेद भी नहीं थे। GBA व BBMP की समय पर कार्रवाई न करने को भी ज़िम्मेदार ठहराया गया है।
इन हादसों में किसके खिलाफ कार्रवाई हुई है?
चिक्कबनासवाड़ी हादसे में अपार्टमेंट मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। बोरिंग अस्पताल मामले में ठेकेदार पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और संबंधित इंजीनियरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जैसा कि मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने लोकायुक्त को सूचित किया।
बेंगलुरु में दीवार गिरने के हादसे रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए था?
लोकायुक्त रिपोर्ट के अनुसार, यदि GBA ने शहर में जर्जर इमारतों और दीवारों की पहचान कर समय पर कार्रवाई की होती और BBMP ने क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत कराई होती, तो बोरिंग अस्पताल की त्रासदी टाली जा सकती थी।
राष्ट्र प्रेस
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