कर्नाटक के बल्लारी आवासीय विद्यालय में छात्र ने साथी छात्रों पर किया जानलेवा हमला, एक की जान गई
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक के बल्लारी में एक छात्र ने अपने सहपाठियों पर लोहे की छड़ से हमला किया।
- हमले में एक छात्र की मौत हुई और अन्य सात घायल हुए।
- पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया।
- परिजनों ने गंभीर जांच की मांग की है।
बल्लारी, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के बल्लारी जिले के एक आवासीय गुरुकुल विद्यालय में शनिवार रात एक चौंकाने वाली घटना घटी। यहां कक्षा-9 के एक छात्र ने अपने ही सहपाठियों पर लोहे की छड़ से हमला किया।
इस हमले में एक छात्र की मौत हो गई और सात अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
बल्लारी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पीएस हर्ष के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र रात का भोजन करने के बाद छात्रावास में सो रहे थे। अचानक एक छात्र ने अपने साथियों पर लोहे की छड़ से हमला कर दिया।
उन्होंने कहा, “यह घटना बल्लारी के बाहरी क्षेत्र में एक गुरुकुल विद्यालय में हुई, जहां नौ बच्चों पर उनके परिचित लड़के ने हमला किया। दुर्भाग्यवश, इस घटना में एक बच्चे की मौत हो गई।” हमले में हॉस्टल के वार्डन पर भी हमला किया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं जबकि स्कूल का एक ड्राइवर भी घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्र और पीड़ित सभी एक-दूसरे को जानते थे। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी और अन्य छात्रों के बीच किसी मामूली विवाद के बाद यह हिंसक घटना हुई।
विवाद के बाद आरोपी छात्र ने लोहे की रॉड उठाकर हॉस्टल में सो रहे छात्रों पर हमला कर दिया। हमले में एक छात्र को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उसकी मौत हो गई जबकि अन्य सात छात्र घायल हुए।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम सीन ऑफिसर्स (एसओसीओ) और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीमों को बुलाया।
इस बीच, मृतक छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रशासन के बयान पर सवाल उठाए हैं। स्कूल अधिकारियों ने घटना को लोहे की छड़ से किया गया हमला बताया है, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि बच्चे पर चाकू से भी हमला किया गया हो सकता है। उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।
अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी छात्र नशे का आदी हो सकता है। उन्होंने इस घटना के लिए स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है और सवाल उठाया है कि छात्रावास जैसे नियंत्रित परिसर में इस तरह की हिंसक घटना कैसे हो सकती है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।