बेंगलुरु दीवार हादसा: बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी गिरने से 7 की मौत, CM सिद्धारमैया ने किया मुआवजे का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- 29 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु के शिवाजीनगर में बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी गिरने से तीन बच्चों सहित 7 लोगों की मौत हुई।
- दीवार उन लोगों पर गिरी जो कथित तौर पर भारी बारिश से बचने के लिए वहाँ शरण लिए हुए थे।
- CM सिद्धारमैया ने मृतकों के परिवारों को ₹5 लाख मुआवजे और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की।
- केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने हादसे की गहन जाँच और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और सवाल किया कि दीवार की स्थिति का पहले निरीक्षण क्यों नहीं किया गया।
बेंगलुरु के शिवाजीनगर में 29 अप्रैल 2026 को भारी बारिश के दौरान सरकारी बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी अचानक ढह गई, जिसमें तीन बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, दीवार उन सड़क विक्रेताओं और अन्य लोगों पर गिरी जो कथित तौर पर बारिश से बचने के लिए वहाँ शरण लिए हुए थे।
मुख्य घटनाक्रम
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का दौरा किया और ढहने वाली जगह का मुआयना किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर उपस्थित होने का निर्देश दिया और हादसे की तत्काल जाँच के आदेश दिए। इसके बाद उन्होंने बोरिंग अस्पताल के आपातकालीन वार्ड का भी दौरा किया और डॉक्टरों को घायलों को उचित चिकित्सा देखभाल प्रदान करने का निर्देश दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवजा
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को ₹5 लाख मुआवजे की घोषणा की और अधिकारियों को घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सिद्धारमैया ने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या पुरानी दीवार की स्थिति का पहले से निरीक्षण किया गया था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त सावधानी बरती गई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी की माँग
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिल दहला देने वाली घटना ने उन्हें बहुत विचलित कर दिया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार से घायलों को आवश्यक आपातकालीन उपचार तथा उनके परिवारों को पर्याप्त सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बारिश के मौसम में बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से कोई सबक नहीं सीखा है। उन्होंने बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी गिरने की गहन जाँच की माँग करते हुए यह भी जानना चाहा कि इस दीवार का निर्माण कब हुआ था। उन्होंने जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब बेंगलुरु में मानसून-पूर्व भारी वर्षा का दौर जारी है। गौरतलब है कि शहर में जर्जर सरकारी इमारतों और चारदीवारियों की स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। सड़क विक्रेताओं और आम नागरिकों की जान जाने से यह मामला शहरी बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
क्या होगा आगे
मुख्यमंत्री के जाँच के आदेश के बाद संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की गई है। कुमारस्वामी ने शहर में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता पर बल दिया है। आने वाले दिनों में जाँच रिपोर्ट और जवाबदेही तय होने की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी हैं।