बेंगलुरु दीवार हादसा: 7 की मौत, केरल के 2 पर्यटक और एक बच्चा शामिल; डीके शिवकुमार ने बोवरिंग अस्पताल में घायलों से की मुलाकात
सारांश
Key Takeaways
- बेंगलुरु के कमर्शियल स्ट्रीट पर 29 अप्रैल को दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हुई।
- मृतकों में केरल के 2 पर्यटक, 1 बच्चा और 4 सड़क विक्रेता शामिल; एक की पहचान अभी बाकी।
- उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार रात बोवरिंग अस्पताल का दौरा कर घायलों से मुलाकात की।
- मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की; केरल सरकार को सूचित करने का आश्वासन।
- शहर में 100 से अधिक पेड़ गिरे; अधिकारियों को खतरनाक पेड़ हटाने के निर्देश जारी।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार रात बेंगलुरु के बोवरिंग अस्पताल का दौरा किया, जहाँ कमर्शियल स्ट्रीट पर दीवार गिरने की घटना में घायल हुए लोगों का इलाज चल रहा है। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें केरल से आए 2 पर्यटक, एक बच्चा, और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले 4 विक्रेता शामिल हैं। एक मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, केरल के 56 लोगों का एक समूह एक संगठन से जुड़ा था और बेंगलुरु के कमर्शियल स्ट्रीट पर खरीदारी कर रहा था। इसी दौरान अचानक भारी बारिश शुरू हो गई। चेतावनी के बावजूद कुछ लोग एक पुरानी दीवार के पास जाकर खड़े हो गए, जिसके बाद वह दीवार ढह गई। शिवकुमार ने बताया कि गिरी हुई दीवार एक बहुत पुरानी संरचना का हिस्सा थी।
मृतकों और घायलों की स्थिति
मृतकों में चप्पल और कपड़ों के विक्रेता के साथ-साथ केरल से यात्रा पर आए लोग शामिल हैं। मृतकों में लता और श्रुति भी शामिल हैं, जो पोषण से जुड़े एक संगठन में काम करती थीं। घटना के समय सरकारी अधिकारी भी इस समूह के साथ मौजूद थे। घायलों में प्रीति, शैजा और शिजू का इलाज बोवरिंग अस्पताल में जारी है और वे धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवजा
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''दीवार गिरने से सात लोगों की मौत होना अत्यंत दुखद है। ऐसी घटनाएँ नहीं होनी चाहिए थीं। मैं इस घटना से बहुत आहत हूँ।'' उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पहले ही पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भी मौके का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। शिवकुमार ने यह भी कहा कि केरल सरकार को इस बारे में सूचित किया जाएगा और शवों का पोस्टमार्टम कर सम्मानपूर्वक उन्हें भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
शहर में बारिश से व्यापक नुकसान
शिवकुमार ने बताया कि भारी बारिश के कारण बेंगलुरु में 100 से अधिक पेड़ गिरने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कल से ही कमजोर और खतरनाक पेड़ों और टहनियों को हटाने का काम शुरू किया जाए।'' उन्हें इस घटना की जानकारी पुलिस आयुक्त और नगर निकाय अधिकारियों से तब मिली जब वे कनकपुरा में एक बैठक में थे।
विपक्ष की आलोचना पर पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा, ''वे सिर्फ मीडिया में बयान देने और आलोचना करने में लगे हैं, हम समाधान पर काम कर रहे हैं।'' यह हादसा ऐसे समय में आया है जब बेंगलुरु में मानसून-पूर्व बारिश ने शहर के बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। आगे नगर निकाय द्वारा शहर में जर्जर इमारतों और पुरानी दीवारों की जाँच की जाने की संभावना है।