आईआईटी हैदराबाद में एआई डेटा ट्रस्ट पायलट पर विचार, अश्विनी वैष्णव ने उद्योग जगत को दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार, 11 जुलाई को हैदराबाद में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान बताया कि केंद्र सरकार आईआईटी हैदराबाद में सेक्टर-विशिष्ट एआई डेटा ट्रस्ट का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्तावित पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय डेटा सेट को सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से एआई विकास के लिए उपलब्ध कराना है।
प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
वैष्णव ने बताया कि उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यह सुझाव दिया था कि भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में डेटा ट्रस्ट स्थापित किए जाएं, जिससे एआई विकास के लिए भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण घरेलू डेटा सुलभ हो सके। मंत्री ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार उद्योग के सहयोग से आईआईटी हैदराबाद में इसे पायलट आधार पर लागू करने की संभावना तलाश रही है।
प्रस्तावित व्यवस्था कैसे काम करेगी
प्रस्तावित ढाँचे के तहत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े भारतीय डेटा सेट को सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाएगा और उनके उपयोग के लिए स्पष्ट नियम व नीतियाँ तय की जाएंगी। ये डेटा सेट स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और एआई-आधारित तकनीक विकसित करने वाली कंपनियों को उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे भारतीय जरूरतों के अनुरूप एआई मॉडल और एप्लिकेशन तैयार कर सकें। डेटा के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।
भारतीय एआई इकोसिस्टम पर असर
वैष्णव ने जोर देकर कहा कि भरोसेमंद घरेलू डेटा की उपलब्धता बढ़ाना देश के लिए बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, इससे भारत में विकसित होने वाले एआई मॉडल अधिक सटीक, स्थानीय जरूरतों के अनुकूल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। यह पहल स्वदेशी एआई तकनीकों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की बढ़ती ताकत
मंत्री ने बताया कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और इसका उत्पादन ₹13 लाख करोड़ का आँकड़ा पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन चुका है, जबकि मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा एकल निर्यात उत्पाद बन गया है। गौरतलब है कि पिछले महीने वैष्णव ने महाराष्ट्र में वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जैबिल की एक नई अत्याधुनिक उत्पादन यूनिट का उद्घाटन किया था, जो एआई डेटा सेंटर के लिए आवश्यक उपकरणों का निर्माण करेगी।
आगे की राह
यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और इसे अंतिम रूप दिए जाने की कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है। यदि पायलट सफल रहा, तो इसे देश के अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थानों तक विस्तारित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' विजन के अनुरूप भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम मानी जा रही है।