IIT मद्रास स्टार्टअप्स को IPO तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका : केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने मंगलवार, 5 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित आईआईटी मद्रास के एक कार्यक्रम में कहा कि संस्थान छात्रों के विचारों को बाज़ार तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि आईआईटी मद्रास के समर्थन और फंडिंग से पोषित कई स्टार्टअप इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने में सफल हो चुके हैं।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
यह आयोजन 'बिल्डिंग्स फॉर भारत' थीम पर केंद्रित था, जिसमें उद्योग जगत के दानदाताओं और शिक्षा प्रणाली से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आईआईटी में समाज के हित के लिए विकसित हो रही तकनीक को वैश्विक स्तर पर पहुँचाना था। चौधरी ने बताया कि इनोवेशन को वैश्विक मंच देने के लिए भारत इनोवेट्स 2026 नामक एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान सर्कुलर इकोनॉमी और हेल्थ सेक्टर से जुड़े दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में ब्रेन मैपिंग, मॉलिक्यूलर टेस्टिंग और स्पोर्ट्स साइंस तक के अनुप्रयोग प्रदर्शित किए गए, जो संस्थान की बहुआयामी शोध क्षमता को दर्शाते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का संदेश
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि अनुसंधान केवल पीएचडी शोध प्रबंधों और अकादमिक प्रकाशनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे ऐसे ठोस नवाचार उत्पन्न होने चाहिए जिनसे समाज को वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्योग, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों को सहयोग देने के लिए अनुसंधान एवं विकास हेतु ₹1 लाख करोड़ आवंटित किए हैं।
भारत इनोवेट्स 2026 : वैश्विक मंच
भारत इनोवेट्स 2026 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) कार्यालय के रणनीतिक मार्गदर्शन में शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों में विकसित हो रही अनुसंधान-समर्थित तकनीकी नवाचार क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है। आने वाले दिनों में फ्रांस में एक बड़े आयोजन की योजना है, जिसमें विकास के विभिन्न चरणों में लगभग 100 अभूतपूर्व तकनीकी नवाचारों को उद्योग जगत के लोगों, निवेशकों, नीति निर्माताओं और वैश्विक तकनीकी भागीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत सरकार अपनी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों को उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने पर ज़ोर दे रही है। आईआईटी मद्रास के इस प्रयास से भारत के इनोवेशन परिदृश्य को नई ऊँचाई मिलने की उम्मीद है।