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दिल्ली में खुलेंगे 2 AI उत्कृष्टता केंद्र, 7000 युवाओं को ट्रेनिंग और 1000 नए रोजगार का लक्ष्य

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दिल्ली में खुलेंगे 2 AI उत्कृष्टता केंद्र, 7000 युवाओं को ट्रेनिंग और 1000 नए रोजगार का लक्ष्य

सारांश

दिल्ली सरकार इंडिया AI मिशन के तहत ₹40 करोड़ की लागत से 2 AI उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगी। 4 वर्षों में 100 स्टार्टअप, 7000+ युवाओं को प्रशिक्षण और 1000+ रोजगार का लक्ष्य। NSUT और GGSIPU होंगे शैक्षणिक भागीदार।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने इंडिया AI मिशन के तहत राजधानी में 2 AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है।
प्रत्येक केंद्र के लिए ₹20 करोड़ यानी कुल ₹40 करोड़ का निवेश होगा, जो 40:40:20 फंडिंग मॉडल पर आधारित है।
अगले 4 वर्षों में 7,000+ युवाओं को AI प्रशिक्षण, 90-100 स्टार्टअप को सहयोग और 1,000+ नए रोजगार का लक्ष्य है।
NSUT और GGSIPU द्वारका इन केंद्रों के प्रमुख शैक्षणिक भागीदार होंगे।
पहल को MeitY से प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और IT मंत्री डॉ.
पंकज कुमार सिंह इसका नेतृत्व कर रहे हैं।
इन केंद्रों का उद्देश्य डिजिटल गवर्नेंस में AI समाधान लागू कर सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और दक्ष बनाना भी है।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2025दिल्ली सरकार ने राजधानी में दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह पहल केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के इंडिया AI मिशन के अंतर्गत लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य दिल्ली को देश के प्रमुख AI नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करना, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है।

क्या है पूरी योजना और वित्तीय ढांचा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने यह महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार की है। प्रत्येक AI उत्कृष्टता केंद्र को ₹20 करोड़ की वित्तीय सहायता से विकसित किया जाएगा, यानी दोनों केंद्रों पर कुल ₹40 करोड़ का निवेश होगा।

यह फंडिंग 40:40:20 के योगदान मॉडल पर आधारित होगी जिसमें MeitY 40%, दिल्ली सरकार 40% और इंडस्ट्री/शैक्षणिक भागीदार 20% का योगदान देंगे। इस मॉडल को पहले ही MeitY से प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।

कौन से संस्थान बनेंगे भागीदार

इन केंद्रों को नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU), द्वारका जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से संचालित किया जाएगा। सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग तीनों की साझेदारी से यह एक समग्र AI इनोवेशन प्लेटफॉर्म बनेगा।

इन संस्थानों का चयन रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। NSUT और GGSIPU दोनों ही दिल्ली के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी हैं और इनके पास पहले से ही अनुसंधान एवं इंडस्ट्री लिंकेज का मजबूत नेटवर्क है।

रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास के लक्ष्य

अगले चार वर्षों में इन केंद्रों के माध्यम से 90 से 100 स्टार्टअप को सीधा सहयोग दिया जाएगा। इसके अलावा 7,000 से अधिक युवाओं को AI और संबंधित प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षण, कौशल विकास और प्रमाणन कार्यक्रमों के जरिए तैयार किया जाएगा।

साथ ही 1,000 से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टार्टअप्स को उनके विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए मेंटरशिप, फंडिंग सपोर्ट और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

आईटी मंत्री पंकज कुमार सिंह का बयान

दिल्ली के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ये AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस न केवल अत्याधुनिक रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देंगे, बल्कि यह सुनिश्चित करेंगे कि टेक्नोलॉजी का लाभ सीधे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के जरिए कुशल AI पेशेवरों की एक मजबूत पीढ़ी तैयार की जाएगी जो वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने में सक्षम होगी। उनका स्पष्ट लक्ष्य है एक ऐसा इकोसिस्टम जहां विचार प्रभावी समाधानों में बदल सकें।

डिजिटल गवर्नेंस और व्यापक प्रभाव

इन केंद्रों का एक प्रमुख उद्देश्य गवर्नेंस में AI-आधारित समाधान लागू करना है। इससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी और दिल्ली में डिजिटल गवर्नेंस की नींव और मजबूत होगी।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने 2023 में इंडिया AI मिशन की शुरुआत की थी, जिसके तहत देशभर में AI अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की योजना है। तुलनात्मक रूप से देखें तो तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र पहले से ही AI हब के रूप में उभर रहे हैं और दिल्ली का यह कदम उत्तर भारत में AI इकोसिस्टम की नींव रखने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।

आने वाले महीनों में इन केंद्रों के लिए स्थल चयन, इंडस्ट्री पार्टनर्स की अंतिम सूची और पहले बैच के स्टार्टअप के चयन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। दिल्ली के युवा उद्यमियों और तकनीकी प्रतिभाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर बनकर उभर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई से देखें तो यह उत्तर भारत में AI नेतृत्व की लड़ाई में दिल्ली की एंट्री है जहां दक्षिण के राज्य पहले से मैदान मार चुके हैं। 40:40:20 का फंडिंग मॉडल केंद्र-राज्य सहयोग का एक परिपक्व उदाहरण है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी क्योंकि भारत में ऐसे कई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषणाओं के बाद कागजों तक सिमट जाते हैं। NSUT और GGSIPU जैसे संस्थानों की साझेदारी भरोसेमंद है, पर इंडस्ट्री पार्टनर्स की पहचान और स्टार्टअप चयन की पारदर्शी प्रक्रिया ही तय करेगी कि यह पहल वाकई परिवर्तनकारी बनेगी या सिर्फ एक और सरकारी प्रेस रिलीज।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कहां खुलेंगे और कब तक तैयार होंगे?
दिल्ली सरकार ने नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, द्वारका के सहयोग से ये केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। MeitY से प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही क्रियान्वयन प्रक्रिया शुरू होगी।
इन AI केंद्रों में युवाओं को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इन केंद्रों में युवाओं को AI, मशीन लर्निंग और संबंधित तकनीकों में प्रशिक्षण, कौशल विकास और प्रमाणन कार्यक्रम मिलेंगे। अगले 4 वर्षों में 7,000 से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिलेगा।
दिल्ली AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए फंडिंग कहां से आएगी?
प्रत्येक केंद्र को ₹20 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा। फंडिंग 40:40:20 मॉडल पर आधारित होगी जिसमें MeitY 40% , दिल्ली सरकार 40% और इंडस्ट्री/एकेडमिक पार्टनर 20% योगदान देंगे।
इंडिया AI मिशन क्या है और दिल्ली इससे कैसे जुड़ी है?
इंडिया AI मिशन केंद्र सरकार की एक राष्ट्रीय पहल है जिसे MeitY संचालित करता है और इसका उद्देश्य देशभर में AI अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देना है। दिल्ली के ये दो AI उत्कृष्टता केंद्र इसी मिशन के अंतर्गत स्थापित किए जाएंगे।
क्या इन AI केंद्रों से स्टार्टअप को सीधा फायदा मिलेगा?
हां, इन केंद्रों का प्रमुख उद्देश्य 90 से 100 स्टार्टअप को सीधा सहयोग देना है। स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, तकनीकी संसाधन और अपने विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने की सुविधा मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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