पश्चिम बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी का आदेश: 2 सप्ताह में ध्वस्त हों सभी अवैध शराब-गांजा अड्डे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 11 जुलाई को राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया कि अगले दो सप्ताह के भीतर पूरे राज्य में संचालित सभी अवैध शराब और गांजा अड्डों की पहचान कर उन्हें तत्काल ध्वस्त किया जाए। दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर क्षेत्र में एक नए पुलिस थाने का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने यह सख्त आदेश जारी किया।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछले शासनकाल के दौरान राज्यभर में अवैध शराब और गांजा के अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिसके कारण कई इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित हुई। उन्होंने बारुईपुर में पिछले सप्ताह एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना का हवाला दिया, जिसमें आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाके में संचालित किसी अवैध शराब के अड्डे की इस अपराध में अप्रत्यक्ष भूमिका हो सकती है।
डीजीपी को विशेष अभियान के आदेश
मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले दो सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर पूरे राज्य में अवैध ठिकानों की पहचान की जाए और उन्हें ध्वस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सीमा से लगे इलाकों में इस तरह की तलाशी और छापेमारी नियमित रूप से होती है, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी उसी तरह का अभियान चलाना आवश्यक है।
जनता से अपील
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं अवैध शराब या गांजा का अड्डा संचालित हो रहा हो, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों के पीछे कई बार ऐसे अड्डे बड़ी वजह बनते हैं।
सामाजिक प्रदूषण से मुक्ति का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों से भी अवैध शराब और गांजा के अड्डों का पूरी तरह सफाया किया जाना चाहिए, तभी समाज को इस 'सामाजिक प्रदूषण' से मुक्ति मिल सकेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। गौरतलब है कि नई सरकार के गठन के बाद यह अवैध नशा-तंत्र के विरुद्ध सबसे बड़ा राज्यव्यापी अभियान होगा।