11 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी का आदेश: 2 सप्ताह में ध्वस्त हों सभी अवैध शराब-गांजा अड्डे

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पश्चिम बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी का आदेश: 2 सप्ताह में ध्वस्त हों सभी अवैध शराब-गांजा अड्डे

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म-हत्या की घटना का हवाला देते हुए डीजीपी को राज्यव्यापी विशेष अभियान का आदेश दिया — दो सप्ताह में सभी अवैध शराब और गांजा अड्डे ध्वस्त हों।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 11 जुलाई को डीजीपी को राज्यभर में अवैध शराब-गांजा अड्डों के विरुद्ध दो सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया।
बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना में आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में था — इसे इस आदेश की तात्कालिक पृष्ठभूमि बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले शासनकाल में राज्यभर में अवैध नशा-अड्डों की संख्या बढ़ी और महिला सुरक्षा प्रभावित हुई।
बांग्लादेश सीमा से लगे क्षेत्रों की तर्ज पर अब ग्रामीण इलाकों में भी नियमित छापेमारी का निर्देश दिया गया।
नागरिकों से अपील — अपने क्षेत्र में अवैध अड्डों की जानकारी स्थानीय पुलिस थाने को तुरंत दें।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 11 जुलाई को राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया कि अगले दो सप्ताह के भीतर पूरे राज्य में संचालित सभी अवैध शराब और गांजा अड्डों की पहचान कर उन्हें तत्काल ध्वस्त किया जाए। दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर क्षेत्र में एक नए पुलिस थाने का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने यह सख्त आदेश जारी किया।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछले शासनकाल के दौरान राज्यभर में अवैध शराब और गांजा के अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिसके कारण कई इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित हुई। उन्होंने बारुईपुर में पिछले सप्ताह एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना का हवाला दिया, जिसमें आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाके में संचालित किसी अवैध शराब के अड्डे की इस अपराध में अप्रत्यक्ष भूमिका हो सकती है।

डीजीपी को विशेष अभियान के आदेश

मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले दो सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर पूरे राज्य में अवैध ठिकानों की पहचान की जाए और उन्हें ध्वस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सीमा से लगे इलाकों में इस तरह की तलाशी और छापेमारी नियमित रूप से होती है, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी उसी तरह का अभियान चलाना आवश्यक है।

जनता से अपील

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं अवैध शराब या गांजा का अड्डा संचालित हो रहा हो, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों के पीछे कई बार ऐसे अड्डे बड़ी वजह बनते हैं।

सामाजिक प्रदूषण से मुक्ति का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों से भी अवैध शराब और गांजा के अड्डों का पूरी तरह सफाया किया जाना चाहिए, तभी समाज को इस 'सामाजिक प्रदूषण' से मुक्ति मिल सकेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। गौरतलब है कि नई सरकार के गठन के बाद यह अवैध नशा-तंत्र के विरुद्ध सबसे बड़ा राज्यव्यापी अभियान होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीर्घकालिक परिणाम सीमित रहे हैं। जब तक छापेमारी को स्वतंत्र निगरानी और जवाबदेही तंत्र से नहीं जोड़ा जाता, तब तक यह 'सामाजिक प्रदूषण' मिटाने का वादा अधूरा रहेगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध शराब-गांजा अड्डों पर कार्रवाई का आदेश क्यों दिया?
मुख्यमंत्री ने बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना का हवाला देते हुए यह आदेश दिया, जिसमें आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में था। उनका कहना था कि अवैध नशा-अड्डे महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की एक बड़ी वजह बनते हैं।
पश्चिम बंगाल में यह अभियान कितने समय तक चलेगा और इसका दायरा क्या होगा?
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार यह विशेष अभियान अगले दो सप्ताह तक चलेगा और इसका दायरा पूरे राज्य — विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों — में होगा। डीजीपी को अवैध अड्डों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है।
बारुईपुर में क्या घटना हुई जिसका जिक्र मुख्यमंत्री ने किया?
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में पिछले सप्ताह एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में था और इलाके के किसी अवैध शराब अड्डे की इसमें अप्रत्यक्ष भूमिका हो सकती है।
क्या नागरिक भी इस अभियान में भाग ले सकते हैं?
हाँ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई अवैध शराब या गांजा का अड्डा संचालित हो रहा हो, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को दें।
बांग्लादेश सीमावर्ती क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में अभियान में क्या अंतर है?
मुख्यमंत्री के अनुसार बांग्लादेश सीमा से लगे इलाकों में तलाशी और छापेमारी पहले से नियमित रूप से होती है। अब इसी तर्ज पर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है, ताकि वहाँ से भी अवैध अड्डों का पूरी तरह सफाया हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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