मणिपुर: इंफाल वेस्ट के कांटो सबल में मैतेई घरों में आगजनी, सुरक्षा बलों ने 600 की भीड़ रोककर बड़ा टकराव टाला
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले के कांटो सबल इलाके में 11 जुलाई को उपद्रवियों ने कथित तौर पर मैतेई समुदाय के कई घरों में आग लगा दी, जिससे पहले से ही अशांत क्षेत्र में एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव भड़क उठा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़े टकराव को टाल दिया गया, हालाँकि स्थानीय निवासियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव बना रहा।
घटनाक्रम: कैसे भड़की आगजनी
स्थानीय लोगों के अनुसार, पड़ोसी पहाड़ी कांगपोकपी जिले से बड़ी संख्या में लोग कांटो सबल पहुँचे और मैतेई समुदाय के सदस्यों के कई घरों को आग के हवाले कर दिया। ये घर मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से खाली पड़े थे। आग की लपटें देख आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आगजनी की सूचना मिलते ही केंद्रीय सुरक्षा बल तत्काल हरकत में आए। लगभग 600 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ को प्रभावित इलाके की ओर बढ़ने से रोका गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े गए। उपद्रवियों द्वारा और खाली घरों में आग लगाने की कोशिशों को भी समय रहते विफल कर दिया गया। अधिकारी ने पुष्टि की कि इस पूरी घटना में किसी की जान नहीं गई।
स्थानीय निवासियों के आरोप
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद घरों को आग से नहीं बचाया जा सका। उनका कहना है कि कथित तौर पर कुकी उपद्रवियों के हमले से घरों की रक्षा करने में सुरक्षा बल विफल रहे। इस आरोप-प्रत्यारोप ने स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।
संवेदनशील भूगोल और पृष्ठभूमि
यह इलाका इंफाल घाटी के किनारे और कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले से सटा हुआ है, जिससे यह सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। मई 2023 से मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष में मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच टकराव में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हज़ारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। गौरतलब है कि कांटो सबल जैसे बफर ज़ोन इलाके बार-बार हिंसा की चपेट में आते रहे हैं।
मामला दर्ज, सुरक्षा अलर्ट जारी
पुलिस ने आगजनी की घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। सुरक्षा बल इलाके में हाई अलर्ट पर हैं और भारी तैनाती जारी है। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कड़ी निगरानी इस इलाके की शांति की कसौटी होगी।