11 जुलाई 2026
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मणिपुर: इंफाल वेस्ट के कांटो सबल में मैतेई घरों में आगजनी, सुरक्षा बलों ने 600 की भीड़ रोककर बड़ा टकराव टाला

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मणिपुर: इंफाल वेस्ट के कांटो सबल में मैतेई घरों में आगजनी, सुरक्षा बलों ने 600 की भीड़ रोककर बड़ा टकराव टाला

सारांश

मणिपुर के इंफाल वेस्ट में एक बार फिर आग और तनाव — कांटो सबल में मैतेई समुदाय के खाली घर जलाए गए, 600 की भीड़ उमड़ी, आँसू गैस छोड़ी गई। मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष की यह ताज़ा कड़ी बताती है कि घाटी और पहाड़ी जिलों के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है।

मुख्य बातें

11 जुलाई को इंफाल वेस्ट के कांटो सबल में उपद्रवियों ने कथित तौर पर मैतेई समुदाय के कई घरों में आग लगाई।
आगजनी के बाद लगभग 600 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ घटनास्थल की ओर बढ़ी, जिसे केंद्रीय सुरक्षा बलों ने रोका।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े गए; किसी की जान नहीं गई।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद घरों को नहीं बचाया जा सका।
प्रभावित घर मई 2023 से जातीय हिंसा के कारण खाली पड़े थे; इलाका कांगपोकपी जिले से सटा है।
पुलिस ने मामला दर्ज किया; सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर, भारी तैनाती जारी।

मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले के कांटो सबल इलाके में 11 जुलाई को उपद्रवियों ने कथित तौर पर मैतेई समुदाय के कई घरों में आग लगा दी, जिससे पहले से ही अशांत क्षेत्र में एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव भड़क उठा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़े टकराव को टाल दिया गया, हालाँकि स्थानीय निवासियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव बना रहा।

घटनाक्रम: कैसे भड़की आगजनी

स्थानीय लोगों के अनुसार, पड़ोसी पहाड़ी कांगपोकपी जिले से बड़ी संख्या में लोग कांटो सबल पहुँचे और मैतेई समुदाय के सदस्यों के कई घरों को आग के हवाले कर दिया। ये घर मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से खाली पड़े थे। आग की लपटें देख आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आगजनी की सूचना मिलते ही केंद्रीय सुरक्षा बल तत्काल हरकत में आए। लगभग 600 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ को प्रभावित इलाके की ओर बढ़ने से रोका गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े गए। उपद्रवियों द्वारा और खाली घरों में आग लगाने की कोशिशों को भी समय रहते विफल कर दिया गया। अधिकारी ने पुष्टि की कि इस पूरी घटना में किसी की जान नहीं गई।

स्थानीय निवासियों के आरोप

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद घरों को आग से नहीं बचाया जा सका। उनका कहना है कि कथित तौर पर कुकी उपद्रवियों के हमले से घरों की रक्षा करने में सुरक्षा बल विफल रहे। इस आरोप-प्रत्यारोप ने स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।

संवेदनशील भूगोल और पृष्ठभूमि

यह इलाका इंफाल घाटी के किनारे और कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले से सटा हुआ है, जिससे यह सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। मई 2023 से मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष में मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच टकराव में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हज़ारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। गौरतलब है कि कांटो सबल जैसे बफर ज़ोन इलाके बार-बार हिंसा की चपेट में आते रहे हैं।

मामला दर्ज, सुरक्षा अलर्ट जारी

पुलिस ने आगजनी की घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। सुरक्षा बल इलाके में हाई अलर्ट पर हैं और भारी तैनाती जारी है। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कड़ी निगरानी इस इलाके की शांति की कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बताता है कि राज्य और केंद्र की पुनर्वास और विश्वास-निर्माण की कोशिशें ज़मीन पर कितनी नाकाफी रही हैं। सुरक्षा बलों ने भीड़ रोककर तात्कालिक टकराव तो टाल दिया, लेकिन स्थानीय निवासियों का यह आरोप कि घर बचाए नहीं जा सके, सुरक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है। घाटी और पहाड़ी जिलों के बीच बफर ज़ोन बार-बार हिंसा की प्रयोगशाला बन रहे हैं — जब तक राजनीतिक समाधान की ठोस रूपरेखा नहीं बनती, सुरक्षा तैनाती महज़ लक्षण-प्रबंधन बनी रहेगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के कांटो सबल में 11 जुलाई को क्या हुआ?
11 जुलाई को इंफाल वेस्ट जिले के कांटो सबल इलाके में उपद्रवियों ने कथित तौर पर मैतेई समुदाय के कई घरों में आग लगा दी। ये घर मई 2023 से जातीय हिंसा के कारण खाली पड़े थे। सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप कर बड़े टकराव को टाल दिया।
सुरक्षा बलों ने स्थिति को कैसे संभाला?
केंद्रीय सुरक्षा बलों ने आगजनी की सूचना मिलते ही करीब 600 लोगों की भीड़ को घटनास्थल की ओर बढ़ने से रोका और आँसू गैस के गोले छोड़े। उपद्रवियों की और घर जलाने की कोशिशें भी विफल की गईं। पुलिस ने पुष्टि की कि किसी की जान नहीं गई।
स्थानीय निवासियों ने क्या आरोप लगाए?
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद कथित कुकी उपद्रवियों को घरों में आग लगाने से नहीं रोका जा सका। उनका कहना है कि सुरक्षा बल घरों की रक्षा करने में विफल रहे, जिससे स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव और बढ़ गया।
कांटो सबल इलाका इतना संवेदनशील क्यों है?
कांटो सबल इंफाल घाटी के किनारे और कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले से सटा हुआ है, जिससे यह दो समुदायों के बीच एक संवेदनशील बफर ज़ोन बन जाता है। मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष में यह इलाका बार-बार हिंसा की चपेट में आया है।
मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि क्या है?
मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष भड़का था, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई और हज़ारों लोग विस्थापित हुए। तब से घाटी और पहाड़ी जिलों के बीच तनाव बना हुआ है और खाली पड़े घर बार-बार हिंसा का निशाना बनते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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