21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मणिपुर: कांगपोकपी में तीन ग्रामीणों की हत्या-आगजनी, सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मणिपुर: कांगपोकपी में तीन ग्रामीणों की हत्या-आगजनी, सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए

सारांश

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में कथित उग्रवादियों ने तीन ग्रामीणों की हत्या कर सात घर जला दिए। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इसे 'जघन्य कृत्य' बताकर तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए। कुकी-जो संगठनों ने केंद्र से राजनीतिक मांगों पर त्वरित समाधान की अपील की।

मुख्य बातें

कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में शुक्रवार को हुए हमले में एक महिला समेत तीन ग्रामीणों — लेतखोंगम हाओकिप , टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप — की हत्या कर दी गई।
हमले में सात घर जलाए गए; केजेडसी ने कथित तौर पर एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (कामसन) उग्रवादियों पर आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने घटना को 'जघन्य और कायरतापूर्ण' बताते हुए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
3 जून को थौबल जिले में ड्रग-रोधी अभियान के दौरान हवलदार सुरेश सिंह की चाकू हमले में हत्या; आरोपी मोहम्मद नौबी उर्फ माहिल (25) गिरफ्तार।
कुकी-जो काउंसिल और कुकी इनपी मणिपुर ने हिंसा की निंदा करते हुए केंद्र सरकार से लंबित राजनीतिक मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में हुए सशस्त्र हमले में एक महिला समेत तीन ग्रामीणों की हत्या और सात घरों में आगजनी की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को हमले में शामिल अपराधियों की तत्काल पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

कुकी-जो काउंसिल (केजेडसी) के अनुसार, शुक्रवार को हुए इस हमले में लेतखोंगम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप की हत्या कर दी गई। आगजनी में सात घर जलाए गए, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। केजेडसी ने आरोप लगाया है कि इस हमले में कथित तौर पर एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (कामसन) से जुड़े उग्रवादी शामिल थे।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना को 'जघन्य और कायरतापूर्ण कृत्य' करार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निहत्थे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव राहत व सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

पुलिसकर्मी की हत्या: एक और घटना

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने 3 जून की रात थौबल जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के दौरान ड्यूटी पर तैनात मणिपुर पुलिस के हवलदार सुरेश सिंह की हत्या की भी कड़ी निंदा की। पुलिस के अनुसार, तस्करी की खुफिया सूचना पर कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपी मोहम्मद नौबी उर्फ माहिल (25) ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर हवलदार को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री ने थौबल जिला पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की सराहना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

आदिवासी संगठनों का विरोध और व्यापक संदर्भ

कुकी-ज़ो काउंसिल और कुकी इनपी मणिपुर ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। केजेडसी ने कहा कि हाल के महीनों में कूकी-जो समुदाय के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं — जिनमें उखरूल जिले के थावाई कूकी गांव में दो किशोरों की हत्या, तीन पादरियों की हत्या और कांगपोकपी जिले के खराम वैफेई गांव में आगजनी शामिल हैं। संगठन ने कहा कि लगातार हो रही हिंसा से समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

केंद्र सरकार से अपील और आगे की राह

केजेडसी ने केंद्र सरकार से लंबे समय से लंबित राजनीतिक मांगों के समाधान में तेजी लाने की अपील की है, ताकि समुदाय के लोग शांति, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि कूकी-जो समुदाय गृह मंत्रालय के साथ संवाद जारी रखे हुए है और लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक तरीकों से स्थायी समाधान चाहता है। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय हिंसा के दो वर्षों से अधिक बाद भी स्थायी शांति की राह अनिश्चित बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पादरियों और अब आम ग्रामीणों को निशाना बनाए जाने का सिलसिला गिनाया है। मुख्यमंत्री की 'कड़ी कार्रवाई' की घोषणाएं मणिपुर संकट में नई नहीं हैं, लेकिन दो वर्षों से अधिक की जातीय हिंसा के बाद भी गिरफ्तारियाँ और जवाबदेही अपर्याप्त रही हैं। असली सवाल यह है कि केंद्र सरकार के साथ कूकी-जो समुदाय की 'लंबित राजनीतिक मांगें' कितनी और देर तक अनुत्तरित रहेंगी — क्योंकि बिना राजनीतिक समाधान के केवल सुरक्षा बल तैनाती इस चक्र को नहीं तोड़ पाएगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के लोइबोल खुल्लेन गांव में क्या हुआ?
कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में शुक्रवार को हुए सशस्त्र हमले में एक महिला समेत तीन ग्रामीणों — लेतखोंगम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप — की हत्या कर दी गई और सात घरों में आग लगा दी गई। कुकी-जो काउंसिल ने कथित तौर पर एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (कामसन) उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने इस हमले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हमले को 'जघन्य और कायरतापूर्ण कृत्य' बताया और राज्य पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को दोषियों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत व सहायता देने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के भी आदेश दिए।
हवलदार सुरेश सिंह की हत्या किस घटना में हुई?
3 जून की रात थौबल जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपी मोहम्मद नौबी उर्फ माहिल (25) ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर हवलदार सुरेश सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिनकी बाद में अस्पताल में मृत्यु हो गई। थौबल जिला पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
कुकी-जो काउंसिल ने केंद्र सरकार से क्या मांग की है?
कुकी-जो काउंसिल ने केंद्र सरकार से लंबे समय से लंबित राजनीतिक मांगों के समाधान में तेजी लाने की अपील की है। संगठन ने कहा कि वह गृह मंत्रालय के साथ संवाद जारी रखे हुए है और लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक तरीकों से स्थायी समाधान चाहता है।
हाल के महीनों में मणिपुर में कूकी-जो समुदाय के खिलाफ कौन-सी हिंसक घटनाएं हुई हैं?
कुकी-जो काउंसिल के अनुसार, हाल के महीनों में उखरूल जिले के थावाई कूकी गांव में दो किशोरों की हत्या, तीन पादरियों की हत्या और कांगपोकपी जिले के खराम वैफेई गांव में आगजनी जैसी घटनाएं हुई हैं। संगठन का कहना है कि लगातार हो रही इस हिंसा से समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले