मणिपुर: कांगपोकपी में तीन ग्रामीणों की हत्या-आगजनी, सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में हुए सशस्त्र हमले में एक महिला समेत तीन ग्रामीणों की हत्या और सात घरों में आगजनी की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को हमले में शामिल अपराधियों की तत्काल पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कुकी-जो काउंसिल (केजेडसी) के अनुसार, शुक्रवार को हुए इस हमले में लेतखोंगम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप की हत्या कर दी गई। आगजनी में सात घर जलाए गए, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। केजेडसी ने आरोप लगाया है कि इस हमले में कथित तौर पर एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (कामसन) से जुड़े उग्रवादी शामिल थे।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना को 'जघन्य और कायरतापूर्ण कृत्य' करार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निहत्थे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव राहत व सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
पुलिसकर्मी की हत्या: एक और घटना
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने 3 जून की रात थौबल जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के दौरान ड्यूटी पर तैनात मणिपुर पुलिस के हवलदार सुरेश सिंह की हत्या की भी कड़ी निंदा की। पुलिस के अनुसार, तस्करी की खुफिया सूचना पर कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपी मोहम्मद नौबी उर्फ माहिल (25) ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर हवलदार को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री ने थौबल जिला पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की सराहना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
आदिवासी संगठनों का विरोध और व्यापक संदर्भ
कुकी-ज़ो काउंसिल और कुकी इनपी मणिपुर ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। केजेडसी ने कहा कि हाल के महीनों में कूकी-जो समुदाय के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं — जिनमें उखरूल जिले के थावाई कूकी गांव में दो किशोरों की हत्या, तीन पादरियों की हत्या और कांगपोकपी जिले के खराम वैफेई गांव में आगजनी शामिल हैं। संगठन ने कहा कि लगातार हो रही हिंसा से समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
केंद्र सरकार से अपील और आगे की राह
केजेडसी ने केंद्र सरकार से लंबे समय से लंबित राजनीतिक मांगों के समाधान में तेजी लाने की अपील की है, ताकि समुदाय के लोग शांति, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि कूकी-जो समुदाय गृह मंत्रालय के साथ संवाद जारी रखे हुए है और लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक तरीकों से स्थायी समाधान चाहता है। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय हिंसा के दो वर्षों से अधिक बाद भी स्थायी शांति की राह अनिश्चित बनी हुई है।