11 जुलाई 2026
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मणिपुर: कांगपोकपी में 6 नागा नागरिकों की हत्या, CM सिंह ने न्याय का दिया भरोसा, 2 गिरफ्तार

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मणिपुर: कांगपोकपी में 6 नागा नागरिकों की हत्या, CM सिंह ने न्याय का दिया भरोसा, 2 गिरफ्तार

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 13 मई को कांगपोकपी जिले में छह नागा नागरिकों की अपहरण के बाद हत्या के मामले में न्याय का भरोसा दोहराया है। NIA, CRPF और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने अब तक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

13 मई को कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइफेई गांव में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने 18 लोगों को बंधक बनाया; 6 का अपहरण कर हत्या की गई, 3 पादरी भी मारे गए।
पीड़ित परिवारों की पहचान के आधार पर NIA, CRPF और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 2 संदिग्धों (एक दंपति) को गिरफ्तार किया।
परिवारों ने कथित तौर पर शामिल 5 व्यक्तियों की पहचान की है; शेष 3 संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश जारी।
मामला व्यापक जाँच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा जा चुका है।
CM युमनाम खेमचंद सिंह ने मैतेई और नागा विधायकों के साथ माखन गांव में शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 11 जुलाई को स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली राज्य सरकार कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइफेई गांव में छह नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या के मामले में न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवारों की ओर से दी गई पहचान के आधार पर अब तक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुख्य घटनाक्रम

13 मई को कांगपोकपी जिले में अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर तीन पादरियों की हत्या कर दी। इसके बाद संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने लेइलोन वाइफेई गांव में करीब 18 लोगों को बंधक बना लिया। इनमें से 12 को बाद में रिहा कर दिया गया, जबकि छह का अपहरण कर लिया गया। बाद में इन छहों के शव बरामद हुए।

मुख्यमंत्री सिंह ने यह जानकारी इंफाल पश्चिम जिले के ओलंपियन पार्क स्थित सामाजिक-आर्थिक एवं पर्यावरण विकास समिति (SEED) परिसर में 'उनिंगथौ उयोक' वृक्षारोपण अभियान के शुभारंभ के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए दी।

गिरफ्तारी और जाँच की स्थिति

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को लेइलोन वाइफेई गांव से एक दंपति को इस मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया। पीड़ित परिवारों ने घटना में कथित तौर पर शामिल पाँच व्यक्तियों की पहचान की है।

मुख्यमंत्री सिंह ने बताया कि शेष संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि बाकी आरोपी भी कानून की गिरफ्त में आएं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सिंह ने मैतेई और नागा विधायकों के साथ माखन गांव का दौरा कर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने घोषणा की थी कि 13 मई की घटना — जिसमें छह नागा ग्रामीणों का अपहरण एवं हत्या और तीन चर्च नेताओं की हत्या शामिल है — से जुड़े मामलों को व्यापक जाँच के लिए NIA को सौंप दिया गया है।

आम जनता और समुदाय पर असर

यह घटना पहले से तनावग्रस्त मणिपुर में नागा और कुकी समुदायों के बीच गहरी खाई को और उजागर करती है। गौरतलब है कि मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है, और इस ताज़ा घटना ने पहाड़ी जिलों में रहने वाले नागा नागरिकों में असुरक्षा की भावना को और बढ़ाया है।

क्या होगा आगे

NIA, CRPF और मणिपुर पुलिस की संयुक्त जाँच जारी है। शेष तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी पर राज्य सरकार की साख दाँव पर है। न्याय की माँग को लेकर नागा संगठनों का दबाव बना हुआ है, और आने वाले हफ्तों में इस मामले की प्रगति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पाँच में से केवल दो संदिग्धों तक पहुँचना — घटना के करीब दो महीने बाद — जाँच की गति पर सवाल खड़े करता है। NIA को मामला सौंपना सकारात्मक कदम है, परंतु नागा संगठन जब तक सभी आरोपियों पर मुकदमा नहीं चलता, तब तक संतुष्ट नहीं होंगे। मणिपुर में स्थायी शांति के लिए केवल गिरफ्तारियाँ नहीं, बल्कि समुदायों के बीच भरोसे की बहाली भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के कांगपोकपी में 6 नागा नागरिकों की हत्या कब और कैसे हुई?
13 मई को कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइफेई गांव में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने करीब 18 लोगों को बंधक बनाया। 12 को रिहा कर दिया गया, जबकि 6 का अपहरण कर हत्या कर दी गई; उसी दिन अज्ञात हमलावरों ने 3 पादरियों को भी मार डाला।
इस मामले में अब तक कितने संदिग्ध गिरफ्तार हुए हैं?
NIA, CRPF और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने अब तक 2 संदिग्धों — एक दंपति — को गिरफ्तार किया है। पीड़ित परिवारों ने कुल 5 व्यक्तियों की पहचान की है और शेष 3 की गिरफ्तारी के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
क्या इस मामले की जाँच NIA कर रही है?
हाँ, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पहले ही घोषणा की थी कि 13 मई की घटना — जिसमें 6 नागा ग्रामीणों की हत्या और 3 चर्च नेताओं की हत्या शामिल है — से जुड़े मामले व्यापक जाँच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे जा चुके हैं।
मणिपुर सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सिंह ने मैतेई और नागा विधायकों के साथ माखन गांव का दौरा कर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। परिवारों द्वारा दी गई संदिग्धों की पहचान के आधार पर गिरफ्तारियाँ की गई हैं और शेष आरोपियों को पकड़ने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह घटना मणिपुर की चल रही जातीय हिंसा से कैसे जुड़ी है?
मणिपुर मई 2023 से मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष की चपेट में है। कांगपोकपी जिले की यह घटना उसी व्यापक हिंसा का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें नागा नागरिक भी प्रभावित हुए हैं और पहाड़ी इलाकों में असुरक्षा की भावना गहरी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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