26 जुलाई 2026
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मणिपुर: कांगपोकपी जंगल में मिले छह अगवा नागा ग्रामीणों के शव, 28 दिन बाद हुई बरामदगी

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मणिपुर: कांगपोकपी जंगल में मिले छह अगवा नागा ग्रामीणों के शव, 28 दिन बाद हुई बरामदगी

सारांश

मणिपुर में 28 दिन बाद आई सबसे दर्दनाक खबर — छह नागा ग्रामीण जिंदा नहीं लौटे। कांगपोकपी के जंगल में मिले उनके शव, और यह तब जब एक दिन पहले ही 14 कुकी बंधकों को रिहा किया गया था। नेफियू रियो की अपील देर हो चुकी थी।

मुख्य बातें

13 मई 2026 को कांगपोकपी जिले से अगवा किए गए छह नागा समुदाय के सदस्यों के शव 10 जून को जंगल से बरामद हुए।
450 जवानों — मणिपुर पुलिस, CRPF और असम राइफल्स — के 24 घंटे के संयुक्त अभियान के बाद शव मिले।
शव खारम वैफेई गांव (सैतु-गाम्फाजोल उपमंडल) के पास मिले; पोस्टमार्टम के लिए RIMS इम्फाल भेजे गए।
बरामदगी से एक दिन पहले UNC और NPO ने 14 कुकी बंधकों को सेनापति जिले के पुलिस स्टेशन को सौंपा था।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने नागा बंधकों की सुरक्षित रिहाई की अपील की थी, लेकिन शव मिलने से वह अपील निरर्थक हो गई।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार, 10 जून 2026 को एक वन क्षेत्र से छह नागा समुदाय के सदस्यों के शव बरामद किए गए, जिन्हें 13 मई को विभिन्न आदिवासी समुदायों से जुड़े सशस्त्र समूहों ने अगवा किया था। पुलिस के अनुसार, शव सैतु-गाम्फाजोल उपमंडल के खारम वैफेई गांव के निकट जंगल में मिले, जो मुख्यतः कुकी-जो आदिवासी बस्ती है।

तलाशी अभियान और बरामदगी

शवों की बरामदगी लगभग 24 घंटे तक चले व्यापक संयुक्त तलाशी अभियान के बाद हुई। इस अभियान में मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और असम राइफल्स के कुल लगभग 450 जवान शामिल थे। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए खोजी कुत्तों और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी तैनात किया गया था।

मणिपुर पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, माना जा रहा है कि ये मृतक वही लोग हैं जिन्हें 13 मई को लेइलोन वाइफेई क्षेत्र (कांगपोकपी जिला) से बंधक बनाया गया था। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और आगे की जांच जारी है।

पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया

सभी छह शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए इम्फाल स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (RIMS) भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृत्यु के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

कुकी बंधकों की रिहाई और नागा बंधकों की मौत

यह दुखद बरामदगी उस घटनाक्रम के कुछ ही घंटों बाद हुई, जब मंगलवार को कुकी समुदाय के 14 बंधकों को लगभग चार सप्ताह की कैद के बाद रिहा किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) और नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO) ने मंगलवार दोपहर सेनापति जिले के एक पुलिस स्टेशन में इन 14 कुकी ग्रामीणों को सौंप दिया था।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दोनों समुदायों के बीच बंधकों की अदला-बदली की उम्मीदें बंधी हुई थीं। नागा बंधकों की मौत की खबर ने इस नाजुक स्थिति को और जटिल बना दिया है।

नागालैंड के मुख्यमंत्री की अपील और प्रतिक्रिया

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने मंगलवार शाम एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर संबंधित समूहों से छह नागा ग्रामीणों की सुरक्षित रिहाई की पारस्परिक और मानवीय दृष्टिकोण से अपील की थी। उन्होंने लिखा कि ऐसे प्रयास समुदायों के बीच 'वास्तविक शांति, सुलह और सद्भाव के लिए विश्वास, समझ और संवाद का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।' रियो ने यह भी आशा जताई थी कि इस घटनाक्रम से मणिपुर में विश्वास बहाल करने और स्थायी शांति का रास्ता खुलेगा — लेकिन शवों की बरामदगी ने उनकी उस अपील को निरर्थक साबित कर दिया।

आगे की स्थिति

मणिपुर में जातीय हिंसा की यह घटना उस दीर्घकालीन संघर्ष की कड़ी है जो मई 2023 से मेइतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी है और जिसमें नागा समुदाय भी प्रभावित हुआ है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि किस सशस्त्र समूह ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। इस घटना के बाद राज्य में तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी त्रासदियां दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में छह नागा ग्रामीणों के शव कहाँ और कब मिले?
शव 10 जून 2026 को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के सैतु-गाम्फाजोल उपमंडल स्थित खारम वैफेई गांव के पास एक वन क्षेत्र में मिले। इन्हें 13 मई को सशस्त्र समूहों द्वारा अगवा किया गया था।
तलाशी अभियान में कौन-कौन सी सुरक्षा एजेंसियां शामिल थीं?
24 घंटे के संयुक्त अभियान में मणिपुर पुलिस, CRPF और असम राइफल्स के लगभग 450 जवान शामिल थे। अभियान में खोजी कुत्ते और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी तैनात किए गए थे।
कुकी बंधकों की रिहाई और नागा शवों की बरामदगी में क्या संबंध है?
मंगलवार दोपहर UNC और NPO ने 14 कुकी ग्रामीणों को सेनापति जिले के एक पुलिस स्टेशन को सौंपा। इसके कुछ ही घंटों बाद बुधवार को छह नागा ग्रामीणों के शव बरामद हुए, जो लगभग चार सप्ताह से लापता थे।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने क्या कहा था?
मुख्यमंत्री रियो ने मंगलवार शाम एक्स पर पोस्ट कर संबंधित समूहों से छह नागा बंधकों की सुरक्षित रिहाई की पारस्परिक और मानवीय आधार पर अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे प्रयास समुदायों के बीच विश्वास, समझ और संवाद का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
शवों की आगे की जांच कैसे होगी?
सभी छह शवों को पोस्टमार्टम और कानूनी औपचारिकताओं के लिए इम्फाल स्थित RIMS भेजा जा रहा है। मणिपुर पुलिस ने कहा है कि आगे की जांच जारी है और मृत्यु के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
राष्ट्र प्रेस
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