मणिपुर: 26 दिन के तलाशी अभियान के बाद भी 20 नागा-कुकी बंधक लापता, NIA जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के पहाड़ी जिलों में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों का गहन संयुक्त तलाशी अभियान लगातार 26 दिनों से चल रहा है, फिर भी सशस्त्र समूहों द्वारा कथित तौर पर अपहृत नागा और कुकी समुदायों के 20 सदस्य अब तक नहीं मिले हैं। 13 मई 2026 को कांगपोकपी जिले में भड़की हिंसा के बाद से यह संकट गहराता जा रहा है और दोनों समुदायों के संगठन लगातार आंदोलन कर बंधकों की सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 13 मई को हुई हिंसक घटनाओं के बाद कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिले और नागा बहुल सेनापति जिले में विभिन्न सशस्त्र समूहों ने कम से कम 50 लोगों को कथित तौर पर बंधक बना लिया था। अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं और नागरिक समाज संगठनों के प्रयासों से 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के लगभग 30 लोगों को रिहा करा लिया गया। अब भी 6 नागा और 14 कुकी समुदाय के सदस्य लापता बताए जा रहे हैं।
तलाशी अभियान का विस्तार
सुरक्षा बलों ने इंफाल-दिमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) पर स्थित लिटान, महादेव और सिनाकेथेल गांवों के आसपास अचानक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दोनों समुदायों के गांवों में संयुक्त गश्त की गई और कई अवैध बंकरों का पता लगाकर उन्हें नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कांगपोकपी, सेनापति और आसपास के जिलों में शेष बंधकों की तलाश के लिए अभियान जारी रहेगा।
ग्राम अधिकारियों और नागरिक समाज संगठनों से भी सहयोग माँगा गया है। उनसे अनुरोध किया गया है कि वे स्थानीय युवाओं को जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि वे हिंसक घटनाओं में शामिल न हों।
NIA जांच और सरकार की प्रतिक्रिया
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पहले बताया था कि 13 मई को कांगपोकपी जिले में छह नागा ग्रामीणों के अपहरण और तीन चर्च नेताओं की हत्या से जुड़े मामलों को विस्तृत जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार इस संकट को गंभीरता से ले रही है।
उग्रवादी गिरफ्तारियाँ और हथियार बरामदगी
एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने थौबल जिले के वैथौ संगोमसांग इलाके से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और उसके राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान सनसम सनमतुम मेइतेई उर्फ टॉमपोक उर्फ ओनेमन (32 वर्ष) और येंगकोकपाम प्रेमचंद सिंह उर्फ चिंगसांगलाकपा (26 वर्ष) के रूप में हुई है।
इसके अतिरिक्त, तेंगनुपाल जिले के भारत-म्यांमार सीमावर्ती क्षेत्रों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इनमें एक देसी बंदूक, एक 9 मिमी पिस्तौल (मैगजीन सहित), एक .22 अमेरिकी पिस्तौल (मैगजीन सहित), चार रेडियो सेट और चार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) शामिल हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय तनाव 2023 से लगातार बना हुआ है और यह ताज़ा संकट उसी की एक और कड़ी है। नागा और कुकी दोनों समुदायों के संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपहृत परिजनों की सुरक्षित वापसी की माँग कर रहे हैं। सुरक्षा बलों की निरंतर मौजूदगी और NIA जांच से उम्मीद है कि शेष बंधकों की जल्द रिहाई संभव होगी, लेकिन क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए राजनीतिक समाधान अभी भी अपेक्षित है।