मणिपुर शांति मिशन: नागा-कुकी तनाव के बीच चर्च नेताओं का सेनापति दौरा, बंधकों की रिहाई की अपील
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर में नागा और कुकी समुदायों के बीच गहराते जातीय संकट को थामने के लिए चर्च नेताओं ने अपना शांति अभियान और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात के ठीक एक दिन बाद, मंगलवार 20 मई को 10 सदस्यीय चर्च प्रतिनिधिमंडल नागा बहुल सेनापति जिले पहुँचा और वहाँ सामाजिक संगठनों व समुदाय प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत की। यह दौरा 13 मई को कांगपोकपी जिले में तीन बैपटिस्ट चर्च नेताओं की हत्या के बाद उपजे संकट की पृष्ठभूमि में हुआ।
सेनापति में यूएनसी से अहम बैठक
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, चर्च प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) के कार्यालय में नागा पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन और अन्य सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में दोनों समुदायों के बीच जारी तनावपूर्ण स्थिति, 13 मई की हत्याओं के बाद पैदा हुए संकट और बंधक बनाए गए लोगों के मामले पर केंद्रित चर्चा हुई।
चर्च नेताओं ने दोनों समुदायों से मानवीय आधार पर सभी बंधकों को बिना किसी शर्त के रिहा करने की अपील की। गौरतलब है कि 13 मई की हिंसा के बाद कुकी और नागा समुदायों के 40 से अधिक लोगों को विभिन्न समूहों ने बंधक बना लिया था। प्रशासन और सामाजिक संगठनों के प्रयासों से 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के 30 लोगों को रिहा किया जा चुका है।
चर्च नेताओं की अपील — संयम, माफी और भाईचारा
काउंसिल ऑफ बैपटिस्ट चर्चेज इन नॉर्थईस्ट इंडिया के महासचिव रेव. डॉ. नामसेंग आर. मराक ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'यह पीड़ित परिवारों के लिए बेहद कठिन समय है।' उन्होंने सभी समुदायों से संयम बरतने, धैर्य बनाए रखने और माफी व शांति की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
मराक ने यह भी कहा कि चर्च नेताओं ने नागा और कुकी दोनों समुदायों से पहले ही शांति बनाए रखने की अपील की है और उन्हें उम्मीद है कि यूएनसी नेताओं के साथ हुई चर्चा से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने लोगों से अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की भी अपील की।
यूएनसी का रुख और संयुक्त अपील
यूनाइटेड नागा काउंसिल की वर्किंग कमेटी के सदस्य सचिव ए.सी. थोत्सो ने बताया कि बैपटिस्ट नेताओं ने बैपटिस्ट वर्ल्ड अलायंस, एशिया पैसिफिक बैपटिस्ट फेडरेशन, काउंसिल ऑफ बैपटिस्ट चर्चेज इन नॉर्थ ईस्ट इंडिया और मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन की ओर से एक संयुक्त अपील सौंपी है। थोत्सो ने इस शांति पहल का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन के निर्णय लेने वाले मंचों पर इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि स्थायी शांति तभी संभव है, जब सच्चाई को स्वीकार किया जाए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात और कांगपोकपी दौरा
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री सचिवालय में चर्च नेताओं से मुलाकात की थी और राज्य में सौहार्द कायम करने की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की थी। इसी बीच चर्च नेताओं का एक अन्य दल कांगपोकपी जिले के केइथेलमनबी और दामदेई गाँवों पहुँचा, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
यह ऐसे समय में आया है जब 13 मई को कांगपोकपी में तीन बैपटिस्ट चर्च नेताओं की हत्या और चार अन्य के घायल होने के बाद मणिपुर में सांप्रदायिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया था। चर्च नेताओं की यह सक्रिय भूमिका राज्य में नागरिक समाज की उस कोशिश का हिस्सा है जो सरकारी तंत्र के समानांतर शांति स्थापित करने में जुटी है।