24 जुलाई 2026
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मणिपुर: कांगपोकपी में नागा ग्राम रक्षक चुंजंगलुंग पानमेई की गोली मारकर हत्या, मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए

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मणिपुर: कांगपोकपी में नागा ग्राम रक्षक चुंजंगलुंग पानमेई की गोली मारकर हत्या, मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए

सारांश

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में जलाऊ लकड़ी लेने गए नागा ग्राम रक्षक चुंजंगलुंग पानमेई की गोली मारकर हत्या — तीन दिन में दूसरी बड़ी वारदात। NPO का आरोप: नागा पहचान के कारण बनाए निशाना। मुख्यमंत्री ने जाँच के आदेश दिए।

मुख्य बातें

चुंजंगलुंग पानमेई (58) , नागा ग्राम रक्षक, की 8 जून 2026 को कांगपोकपी जिले के जंगल में गोली मारकर हत्या।
शव में सिर सहित कई जगह गोलियाँ लगी थीं; पानमेई जलाऊ लकड़ी लेने गए थे।
मात्र 3 दिन पहले — 5 जून को — लोइबोल खुल्लेन के पास एक महिला सहित 3 नागरिकों की हत्या हो चुकी थी।
नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO) ने आरोप लगाया कि हत्या 'नागा पहचान' के कारण की गई।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हत्या की निंदा की; मणिपुर पुलिस और CAPF को दोषियों को पकड़ने के निर्देश।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 8 जून 2026 को एक 58 वर्षीय नागा ग्राम रक्षक की जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान चुंजंगलुंग पानमेई के रूप में हुई है, जो जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गए थे और कुछ ही घंटों बाद उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ। यह घटना उस इलाके में हुई जो पहले से ही जातीय हिंसा की आग में झुलस रहा है।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

चुंजंगलुंग पानमेई सोमवार को घरेलू उपयोग के लिए जलाऊ लकड़ी लेने कांगपोकपी जिले के जंगल में गए थे। कुछ समय बाद इलाके में गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास की बस्तियों के ग्रामीण सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी तलाश में जंगल पहुँचे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाद में उनका शव बरामद किया गया जिसमें सिर सहित कई जगह गोलियाँ लगी थीं।

पृष्ठभूमि: बढ़ती हिंसा का सिलसिला

यह हत्या उस गाँव के निकट हुई जो लोइबोल खुल्लेन के पास स्थित है। गौरतलब है कि केवल तीन दिन पहले — 5 जून को — इसी इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक महिला सहित तीन नागरिकों की हत्या कर दी थी। इस प्रकार यह घटना क्षेत्र में हिंसा की बढ़ती श्रृंखला की कड़ी बनती है, जो 2023 से जारी जातीय संघर्ष की निरंतरता को दर्शाती है।

नागा संगठनों की प्रतिक्रिया

नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO) ने दावा किया कि पानमेई एक स्वयंसेवी ग्राम रक्षक के रूप में सेवारत थे। संगठन ने अपने बयान में आरोप लगाया कि उन्हें किसी गलत काम के लिए नहीं, बल्कि केवल उनकी नागा पहचान के कारण निशाना बनाया गया। NPO ने इसे 'निर्दयी हत्या' बताते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल, गहन और समयबद्ध जाँच की माँग की तथा दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह किया। एक अन्य स्थानीय संगठन पोंगरिंगलोंग यूथ क्लब ने भी इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए त्वरित कार्रवाई की माँग की।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और सरकारी कदम

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने चुंजंगलुंग पानमेई की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे 'एक निर्दोष नागरिक के खिलाफ जघन्य और कायरतापूर्ण हिंसा का कृत्य' बताया। उन्होंने कहा कि मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए अभियान चला रहे हैं।

आगे की राह

यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशें जारी हैं और केंद्र सरकार पर दबाव बना हुआ है। सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद पहाड़ी जिलों में नागरिकों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जातीय समूहों के बीच विश्वास बहाली के ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक इस तरह की घटनाएँ रुकना मुश्किल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तीन साल से जारी संघर्ष के बावजूद। 5 जून की तिहरी हत्या के ठीक तीन दिन बाद एक ग्राम रक्षक की हत्या यह बताती है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी अभी भी निवारक नहीं बन पाई है। मुख्यमंत्री के 'जाँच के आदेश' हर बार दोहराए जाते हैं — सवाल यह है कि पिछली जाँचों के नतीजे कहाँ हैं। जब तक जवाबदेही की कोई ठोस मिसाल नहीं बनती, ये बयान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुंजंगलुंग पानमेई कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
चुंजंगलुंग पानमेई मणिपुर के कांगपोकपी जिले के 58 वर्षीय नागा निवासी थे, जो स्वयंसेवी ग्राम रक्षक के रूप में भी कार्यरत थे। 8 जून 2026 को वे जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गए थे, जहाँ उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और सिर सहित कई जगह गोलियाँ लगने के बाद उनका शव बरामद हुआ।
NPO ने इस हत्या पर क्या कहा?
नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO) ने दावा किया कि पानमेई को किसी गलत काम के लिए नहीं, बल्कि केवल उनकी नागा पहचान के कारण निशाना बनाया गया। संगठन ने इसे 'निर्दयी हत्या' बताते हुए तत्काल जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग की।
कांगपोकपी में हाल ही में और कौन-सी हिंसक घटनाएँ हुई हैं?
5 जून 2026 को लोइबोल खुल्लेन के पास अज्ञात बंदूकधारियों ने एक महिला सहित तीन नागरिकों की हत्या की थी। पानमेई की हत्या उसी इलाके में महज तीन दिन बाद हुई, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ और गहरी हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने इस हत्या पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हत्या को 'जघन्य और कायरतापूर्ण' बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) को दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के निर्देश दिए हैं।
मणिपुर में नागा समुदाय पर हमले क्यों हो रहे हैं?
मणिपुर 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बना हुआ है। NPO के अनुसार, नागा समुदाय के सदस्यों को उनकी जातीय पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है, हालाँकि जाँच अभी जारी है और आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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