28 अगस्त 2026
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कांगपोकपी हमला: नागा समुदाय के 4 लोगों की हत्या, मणिपुर के गृह मंत्री ने दोषियों को कड़ी सज़ा का वादा किया

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कांगपोकपी हमला: नागा समुदाय के 4 लोगों की हत्या, मणिपुर के गृह मंत्री ने दोषियों को कड़ी सज़ा का वादा किया

सारांश

कांगपोकपी की आईटी रोड पर घात लगाकर हुए इस हमले ने मणिपुर की नाज़ुक शांति प्रक्रिया को एक और झटका दिया है। चार निर्दोष नागा नागरिकों की हत्या — जिनमें एक स्कूल प्राचार्य भी शामिल हैं — के बाद गृह मंत्री ने कड़ी कार्रवाई का वादा किया है और सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया है।

मुख्य बातें

कांगपोकपी जिले में 27 अगस्त 2026 को हथियारबंद उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें लियांगमाई नागा समुदाय के 4 लोगों की मौत हुई और 1 घायल हुआ।
मारे गए लोगों में 'राइट पाथ स्कूल' के संस्थापक और प्राचार्य टैडसोंगबू रिंगकांगमाई और ग्राम प्राधिकरण अध्यक्ष विसोबू चारेनामाई शामिल हैं।
मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने दोषियों के विरुद्ध कानून की पूरी सख्ती बरतने और शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वालों को न बख्शने की घोषणा की।
यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) सहित नागा संगठनों ने दो से तीन हथियारबंद कुकी उग्रवादियों पर हमले का आरोप लगाया।
घटना के बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने संदिग्धों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 27 अगस्त 2026 को हथियारबंद उग्रवादियों ने आईटी रोड पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें लियांगमाई नागा समुदाय के कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। मारे गए लोगों में एक निजी विद्यालय के संस्थापक और प्राचार्य भी शामिल हैं। इस घटना के बाद मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने दोषियों के विरुद्ध कानून की पूरी सख्ती बरतने की घोषणा की है।

हमले का घटनाक्रम

हमला मकुई अशांग और थानंबा नागा के बीच आईटी रोड पर हुआ, जो इस इलाके में नागा समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) सहित विभिन्न नागा संगठनों ने दावा किया कि दो से तीन हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने निर्दोष नागा नागरिकों पर यह हमला किया।

मारे गए लोगों की पहचान विसोबू चारेनामाई, टैडसोंगबू रिंगकांगमाई, मारियाकदिबू विजुनामाई और अनिल विजुनामाई के रूप में की गई है। टैडसोंगबू रिंगकांगमाई 'राइट पाथ स्कूल' नामक निजी शैक्षणिक संस्था के संस्थापक और प्राचार्य थे, जबकि विसोबू चारेनामाई चावांगकिनिंग ग्राम प्राधिकरण के अध्यक्ष और एक स्थानीय संगठन के पूर्व उपाध्यक्ष थे।

गृह मंत्री की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने एक आधिकारिक बयान में इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस 'बेमतलब की हिंसा' से नागा समुदाय और मणिपुर के शांतिप्रिय नागरिकों को गहरा आघात पहुँचा है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून का पूरा सामना करना पड़ेगा। शांति प्रक्रिया में बाधा डालने या उसे पटरी से उतारने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।'

गृह मंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और घायल व्यक्ति के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने सभी समुदायों के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों और नागा भाई-बहनों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील भी की।

सुरक्षा बलों का अभियान

घटना के तुरंत बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी के पहाड़ी इलाकों में संदिग्ध उग्रवादियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह अभियान अभी जारी है।

गौरतलब है कि कांगपोकपी मुख्यतः कुकी-जो समुदाय का बहुल जिला है, हालाँकि इसके विभिन्न हिस्सों में नागा समुदाय के लोग भी निवास करते हैं। यह क्षेत्र मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है।

नागा संगठनों की माँग

यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) सहित अन्य नागा संगठनों ने इस हमले की कड़ी भर्त्सना की और हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की। संगठनों ने इस घटना को क्षेत्र में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए गंभीर खतरा करार दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में दीर्घकालिक जातीय संघर्ष के बीच शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं। आने वाले दिनों में सरकार की कार्रवाई और जाँच की दिशा यह तय करेगी कि इस हिंसाग्रस्त राज्य में स्थायी शांति की राह कितनी कठिन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही और न्याय की गति अब तक संतोषजनक नहीं रही। असली सवाल यह है कि जब तक कुकी-जो और नागा समुदायों के बीच राजनीतिक संवाद की ठोस प्रक्रिया नहीं बनती, तब तक केवल सुरक्षा अभियान स्थायी शांति की गारंटी नहीं दे सकते। आईटी रोड जैसे संवेदनशील गलियारों पर बार-बार होने वाली हिंसा यह भी बताती है कि ज़मीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियाँ बनी हुई हैं।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांगपोकपी हमले में कितने लोग मारे गए और कौन थे?
कांगपोकपी जिले में 27 अगस्त 2026 को हुए घात लगाकर हमले में लियांगमाई नागा समुदाय के 4 लोगों की मौत हुई और 1 घायल हुआ। मारे गए लोगों में 'राइट पाथ स्कूल' के संस्थापक-प्राचार्य टैडसोंगबू रिंगकांगमाई और चावांगकिनिंग ग्राम प्राधिकरण के अध्यक्ष विसोबू चारेनामाई शामिल हैं।
मणिपुर के गृह मंत्री ने कांगपोकपी हमले पर क्या कहा?
गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने घोषणा की कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून का पूरा सामना करना पड़ेगा और शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वाले किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं और सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की।
कांगपोकपी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए?
घटना के तुरंत बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी के पहाड़ी इलाकों में संदिग्ध उग्रवादियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह अभियान अभी जारी है।
यूनाइटेड नागा काउंसिल ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया?
यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) सहित विभिन्न नागा संगठनों ने हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की। संगठनों ने दावा किया कि दो से तीन हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने आईटी रोड पर निर्दोष नागा नागरिकों को निशाना बनाया।
कांगपोकपी जिले की सांप्रदायिक स्थिति कैसी है?
कांगपोकपी मुख्यतः कुकी-जो समुदाय का बहुल जिला है, लेकिन इसके विभिन्न हिस्सों में नागा समुदाय के लोग भी निवास करते हैं। मई 2023 से यह जिला मणिपुर की व्यापक जातीय हिंसा से प्रभावित है और आईटी रोड जैसे गलियारे दोनों समुदायों के बीच तनाव के केंद्र बने हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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