14 अगस्त 2026
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मणिपुर: लांगका गांव में दो नागा वॉलंटियर्स की हत्या, कुकी उग्रवादियों पर आरोप — बंद का ऐलान

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मणिपुर: लांगका गांव में दो नागा वॉलंटियर्स की हत्या, कुकी उग्रवादियों पर आरोप — बंद का ऐलान

सारांश

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लांगका गांव में दो नागा किसान-वॉलंटियर्स की हत्या ने नागा-कुकी तनाव को नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया। SoO समझौते के तहत होने के बावजूद KNF-KRA पर हमले का आरोप, और LNC-M का अनिश्चितकालीन बंद — मणिपुर में जातीय हिंसा का दायरा और फैल रहा है।

मुख्य बातें

14 अगस्त 2026 को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लांगका गांव में दो नागा विलेज वॉलंटियर्स की हत्या और दो घायल।
मृतकों की पहचान: विरिलियांगबो चावांग (35) और काविदिनांग अबोनमाई (54) ; दोनों किसान भी थे।
तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने KNF नेता जांगबोई किपजेन के नेतृत्व में लगभग 50 KRA कैडरों पर हमले का आरोप लगाया।
KNF और KRA दोनों केंद्र सरकार के साथ SoO समझौते के तहत हैं — फिर भी हिंसा का आरोप।
LNC-M ने लियांगमाई नागा-बहुल इलाकों में अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद का ऐलान किया।
हमला मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की हथियार सरेंडर की 15 दिन की समय-सीमा के बीच हुआ।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लांगका गांव में 14 अगस्त 2026 को भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों ने दो नागा विलेज वॉलंटियर्स की हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया। नागा आदिवासी संगठनों ने इस हमले के लिए कुकी उग्रवादी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।

मृतकों और घायलों की पहचान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले में मारे गए दोनों नागा विलेज वॉलंटियर्स — जो किसान भी थे — की पहचान विरिलियांगबो चावांग (35 वर्ष) और काविदिनांग अबोनमाई (54 वर्ष) के रूप में हुई है। घायलों में मालियांगजिनांग अबोनमाई (50 वर्ष) और नामथियुलुंगबो प्रिनमाई (45 वर्ष) शामिल हैं।

नागा संगठनों के आरोप

तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) की वर्किंग कमेटी ने अपने बयान में दावा किया कि कुकी नेशनल फ्रंट (KNF) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (KRA) समर्थित लगभग 50 हथियारबंद कैडरों ने, KNF नेता जांगबोई किपजेन के नेतृत्व में, घात लगाकर गांव पर हमला किया। गौरतलब है कि TNL ने यह भी आरोप लगाया कि यह हमला 10 अगस्त को काइलेनजांग में खाली पड़े घरों में आग लगाने और उसका झूठा आरोप नागाओं पर मढ़ने की घटना के कुछ दिनों बाद हुआ।

लियांगमाई नागा काउंसिल, मणिपुर (LNC-M) ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कुकी उग्रवादियों पर आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि KNF और KRA — दोनों समूह केंद्र सरकार के साथ 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' (SoO) समझौते के तहत हैं — के कैडर नागाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हथियारबंद हिंसा कर रहे हैं।

बंद का ऐलान और उसका असर

हत्याओं के विरोध में LNC-M ने मणिपुर के सभी लियांगमाई नागा-बहुल इलाकों में तत्काल प्रभाव से और अनिश्चित काल के लिए पूर्ण बंद की घोषणा की। बंद के दौरान सभी दुकानें, बाजार, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय तथा संस्थान बंद रहेंगे। हालांकि, मेडिकल, फायर और अन्य आपातकालीन सेवाओं को इस बंद से छूट दी गई है।

व्यापक संदर्भ: मणिपुर में जारी तनाव

यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हथियारबंद वॉलंटियर्स को अपने हथियार सरेंडर करने के लिए 15 दिन की समय-सीमा दी थी। TNL ने आरोप लगाया कि हथियारबंद कुकी समूह जानबूझकर और रणनीतिक रूप से इस स्थिति का फायदा उठाकर नागाओं को निशाना बना रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही जातीय हिंसा की लंबी छाया में है, और नागा-कुकी तनाव एक नया मोर्चा बनता दिख रहा है। SoO समझौते के तहत होने के बावजूद इन समूहों पर हिंसा के आरोप केंद्र सरकार की शांति प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करते हैं।

आगे क्या होगा

सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया है। नागा संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की माँग की है। बंद से प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो शांति प्रक्रिया की नींव खोखली दिखती है। मणिपुर में मैतेई-कुकी संघर्ष के बाद अब नागा-कुकी तनाव एक नया मोर्चा बना रहा है, जो दर्शाता है कि राज्य में जातीय हिंसा का दायरा सिकुड़ने की बजाय फैल रहा है। मुख्यमंत्री की हथियार सरेंडर की समय-सीमा के ठीक बीच इस हमले का होना — और TNL का इसे 'रणनीतिक' बताना — यह सवाल उठाता है कि क्या यह हिंसा सुरक्षा नीति की खामियों का फायदा उठाने की कोशिश है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के लांगका गांव में क्या हुआ?
14 अगस्त 2026 को कांगपोकपी जिले के लांगका गांव में भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों ने दो नागा विलेज वॉलंटियर्स — विरिलियांगबो चावांग और काविदिनांग अबोनमाई — की हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया। नागा आदिवासी संगठनों ने इस हमले के लिए KNF और KRA के कैडरों को जिम्मेदार ठहराया है।
KNF और KRA क्या हैं, और SoO समझौता क्या है?
कुकी नेशनल फ्रंट (KNF) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (KRA) मणिपुर के सशस्त्र कुकी समूह हैं जो केंद्र सरकार के साथ 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' (SoO) समझौते के तहत हैं — यानी उन्होंने सक्रिय सशस्त्र अभियान रोकने पर सहमति जताई है। नागा संगठनों का आरोप है कि इन समझौते के बावजूद इन समूहों के कैडर हिंसा में लिप्त हैं।
LNC-M ने बंद क्यों बुलाया और इसका असर क्या होगा?
लियांगमाई नागा काउंसिल, मणिपुर (LNC-M) ने पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाते हुए और हत्याओं के विरोध में मणिपुर के सभी लियांगमाई नागा-बहुल इलाकों में अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद का ऐलान किया। बंद के दौरान दुकानें, बाजार, सरकारी-गैर-सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे; केवल आपातकालीन सेवाओं को छूट है।
यह हमला मणिपुर के मौजूदा हालात से कैसे जुड़ा है?
यह हमला मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह द्वारा हथियारबंद वॉलंटियर्स को हथियार सरेंडर करने की 15 दिन की समय-सीमा देने के बीच हुआ। TNL का आरोप है कि कुकी समूह जानबूझकर इस अनिश्चितता का फायदा उठाकर नागाओं को निशाना बना रहे हैं। यह मणिपुर में जातीय संघर्ष के एक नए आयाम — नागा-कुकी तनाव — को उजागर करता है।
10 अगस्त की काइलेनजांग घटना का इस हमले से क्या संबंध है?
TNL के अनुसार, 10 अगस्त को काइलेनजांग में खाली पड़े घरों को कुकी लोगों ने खुद आग लगाई और इसका झूठा आरोप नागाओं पर मढ़ा। लांगका का हमला इस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ। नागा संगठनों का मानना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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