31 अगस्त 2026
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मणिपुर: कांगपोकपी में कुकी गांव पर उग्रवादी हमला, तीन की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

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मणिपुर: कांगपोकपी में कुकी गांव पर उग्रवादी हमला, तीन की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

सारांश

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में कुकी गांव एन. तेइखांग पर संदिग्ध उग्रवादियों का बर्बर हमला — दो महिलाओं समेत तीन की मौत, चार गंभीर। एनएससीएन-आईएम पर आरोप। फरवरी से अब तक 20 से अधिक मारे जा चुके हैं।

मुख्य बातें

31 अगस्त को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के एन.
तेइखांग गांव पर संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया।
पुलिस के अनुसार 2 ग्रामीणों की मौत ; कुकी संगठन के दावे के अनुसार दो महिलाओं समेत 3 निर्दोष ग्रामीण मारे गए।
घायलों में नेमनेइचोंग ल्होजेम (50) , सेलुन ल्होजेम (70) , डेलहिंग हाओकिप (55) और कामतिनसेई चोंगलोई (38) शामिल हैं।
ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी ने एनएससीएन-आईएम के लगभग 50 हथियारबंद कैडरों पर हमले का आरोप लगाया।
हमले के दौरान कई घरों में आग लगाई गई; महिलाएँ और बच्चे जंगलों में शरण लेने पर मजबूर।
फरवरी 2026 से अब तक नागा-कुकी हिंसा में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के कुकी समुदाय के गांव एन. तेइखांग पर सोमवार, 31 अगस्त को संदिग्ध उग्रवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें पुलिस के अनुसार दो ग्रामीणों की मौत हो गई और एक घायल हुआ। वहीं, ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी का दावा है कि इस हमले में दो महिलाओं समेत तीन निर्दोष ग्रामीण मारे गए और चार अन्य गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हैं।

हमले का घटनाक्रम

इंफाल में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हथियारबंद उग्रवादियों के एक संदिग्ध समूह ने पहाड़ी कांगपोकपी जिले के एन. तेइखांग गांव में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की। हमले के दौरान कई घरों में भी आग लगा दी गई।

भारी गोलीबारी के बीच महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर पास के जंगलों में शरण लेनी पड़ी। मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की टुकड़ियाँ तत्काल इलाके में पहुँचीं और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अभियान शुरू कर दिया।

मृतकों और घायलों की पहचान

ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी के बयान के अनुसार, मारे गए तीन ग्रामीणों की पहचान टिंगनेइचिन ल्होवम (40 वर्ष), होइनेइनेंग ल्होजेम (21 वर्ष) और लामतिनथांग ल्होजेम (36 वर्ष) के रूप में हुई है।

गंभीर रूप से घायल चार ग्रामीणों की पहचान नेमनेइचोंग ल्होजेम (50 वर्ष), सेलुन ल्होजेम (70 वर्ष), डेलहिंग हाओकिप (55 वर्ष) और कामतिनसेई चोंगलोई (38 वर्ष) के रूप में की गई है।

कुकी संगठनों की प्रतिक्रिया

ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि एनएससीएन-आईएम के लगभग 50 भारी हथियारों से लैस कैडरों और उनके कथित प्रॉक्सी बल — जेलियांगग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (कामसन/कैंसन गुट) — ने बिना किसी उकसावे के बेगुनाह नागरिकों पर यह हमला किया। संगठन ने इसे 'बर्बर हमला' करार दिया।

कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की।

पृष्ठभूमि: बढ़ती जातीय हिंसा

यह हमला उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ है जब संदिग्ध उग्रवादियों ने कांगपोकपी जिले में ही एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें चार नागा नागरिकों की मौत हो गई थी और एक अन्य घायल हुआ था।

गौरतलब है कि इस वर्ष फरवरी में राज्य में नागा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से गोलीबारी की विभिन्न घटनाओं में दोनों समुदायों के 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और कई घर जला दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही लंबे समय से चल रहे जातीय तनाव से जूझ रहा है।

सुरक्षा बलों की स्थिति

पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाके और उसके आसपास सुरक्षा बलों का अभियान जारी है और अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है। मृतकों की संख्या और घटना के अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रक्रिया में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह संगठन केंद्र सरकार के साथ दशकों पुरानी शांति वार्ता में शामिल रहा है — यह विरोधाभास सीधा सवाल खड़ा करता है। जब तक पीड़ित समुदायों की मृतक-गणना और आधिकारिक आँकड़ों में अंतर बना रहेगा, तब तक जवाबदेही की कोई भी कोशिश अधूरी रहेगी।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के एन. तेइखांग गांव पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 31 अगस्त 2026 को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के कुकी समुदाय के गांव एन. तेइखांग में हुआ। संदिग्ध उग्रवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की और कई घरों में आग लगा दी।
इस हमले में कितने लोग मारे गए और कितने घायल हैं?
पुलिस के अनुसार दो ग्रामीणों की मौत हुई और एक घायल हुआ। वहीं, ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी का दावा है कि दो महिलाओं समेत तीन निर्दोष ग्रामीण मारे गए और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
इस हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया है?
ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी ने एनएससीएन-आईएम के लगभग 50 हथियारबंद कैडरों और उनके कथित प्रॉक्सी बल जेलियांगग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (कामसन/कैंसन गुट) पर आरोप लगाया है। पुलिस ने इसे 'संदिग्ध उग्रवादी समूह' बताया है और जाँच जारी है।
मणिपुर में नागा-कुकी हिंसा की पृष्ठभूमि क्या है?
इस वर्ष फरवरी में नागा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से गोलीबारी की विभिन्न घटनाओं में दोनों समुदायों के 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और कई घर जला दिए गए हैं। इसी जिले में कुछ दिन पहले एक वाहन पर घात लगाकर किए गए हमले में चार नागा नागरिकों की भी मौत हुई थी।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए?
मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की टुकड़ियाँ हमले के बाद तत्काल इलाके में पहुँचीं। सुरक्षा बल प्रभावित इलाके और उसके आसपास अभियान जारी रखे हुए हैं और अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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