1 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मंगलुरु में भारी बारिश के दौरान मलबे में दबा मकान, दो बच्चियों समेत तीन की मौत; तीन घायल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मंगलुरु में भारी बारिश के दौरान मलबे में दबा मकान, दो बच्चियों समेत तीन की मौत; तीन घायल

सारांश

मंगलुरु में भोर के अँधेरे में जब परिवार सो रहा था, ऊँचाई पर बनी कंपाउंड वॉल ढह गई और नीचे के मकान को अपने मलबे में दफन कर गई। एक महिला और दो बच्चियों की जान गई, तीन अन्य बाल-बाल बचे। NDRF की टीम ने घंटों चले अभियान में सभी को मलबे से निकाला।

मुख्य बातें

1 जुलाई 2026 की सुबह 4.30 बजे मंगलुरु के नागोरी इलाके में भारी बारिश के दौरान कंपाउंड वॉल ढहने से मकान का पिछला हिस्सा ध्वस्त हुआ।
एक महिला और दो बच्चियों की मलबे में दबने से मौके पर ही मौत हो गई।
एक पुरुष और दो लड़कियाँ घायल अवस्था में जीवित निकाले गए; अधिकारियों के अनुसार खतरे से बाहर हैं।
NDRF , स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दल ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया; सभी को मलबे से निकाला गया।
घटना कंकनाडी पुलिस स्टेशन के पीछे हुई; मलबा चार इमारतों पर गिरा।

कर्नाटक के मंगलुरु में 1 जुलाई 2026 की सुबह करीब 4.30 बजे भारी बारिश के बीच एक ऊँचाई पर बने घर की कंपाउंड वॉल ढहने से नीचे बने टाइल-छत वाले मकान का पिछला हिस्सा पूरी तरह से बैठ गया, जिसमें एक महिला और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य लोग — एक पुरुष और दो लड़कियाँ — घायल अवस्था में मलबे से जीवित निकाले गए और अस्पताल में उनका उपचार जारी है; अधिकारियों के अनुसार वे खतरे से बाहर हैं।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

यह दुर्घटना मंगलुरु के नागोरी इलाके में कंकनाडी पुलिस स्टेशन के पीछे हुई। रात भर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण ऊँचाई पर स्थित एक मकान की कंपाउंड वॉल कमज़ोर पड़ गई और भोर में अचानक ढह गई। इसका मलबा नीचे बनी चार अलग-अलग इमारतों पर जा गिरा, जिनमें से एक टाइल-छत वाले घर का पिछला हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।

घर में सो रहे परिवार के सदस्य मलबे में दब गए। एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'सुबह लगभग 4.30 बजे का समय था और लोग घरों में सो रहे थे। अचानक मैंने एक तेज़ आवाज़ सुनी। उठकर देखा तो बच्चे मलबे में दबे हुए थे। बाहर आकर देखा तो कोई नज़र नहीं आया — सभी लोग अंदर मलबे में दबे थे।'

बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासी और कंकनाडी पुलिस मौके पर पहुँचे। इसके बाद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के कर्मी भी तैनात किए गए। स्थानीय निवासी के अनुसार, घटना के लगभग एक घंटे बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुँची, जिसके बाद बचाव कार्य में तेज़ी आई।

लगातार चले बचाव अभियान में एक पुरुष और दो लड़कियों को जीवित मलबे से बाहर निकाला गया और उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया। हालाँकि, एक महिला और दो बच्चियों को मलबे से जीवित नहीं निकाला जा सका — उनके शव बरामद किए गए। अधिकारियों ने पुष्टि की कि मलबे में दबे सभी लोगों का पता लगा लिया गया है और अभियान आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया गया।

आम जनता पर असर

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब कर्नाटक के तटीय ज़िलों में मानसून की भारी बारिश जारी है और मंगलुरु समेत कई इलाकों में जलभराव तथा भूस्खलन की चेतावनियाँ जारी की गई हैं। गौरतलब है कि पुरानी और कमज़ोर इमारतें, खासकर टाइल-छत वाले पारंपरिक घर, भारी बारिश में अतिरिक्त जोखिम में रहते हैं।

स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक मुआवज़े या पुनर्वास की कोई घोषणा नहीं की गई है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत की माँग उठ रही है।

क्या होगा आगे

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कंपाउंड वॉल की संरचनात्मक स्थिति पहले से कमज़ोर थी या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, आसपास की इमारतों का सर्वेक्षण भी किया जाएगा ताकि आगे किसी और हादसे से बचा जा सके। मानसून के मौसम में ऐसी जर्जर संरचनाओं की पहचान और उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया तेज़ किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तटीय कर्नाटक में पुरानी इमारतों और अनियोजित निर्माण की एक बड़ी समस्या का प्रतिबिंब है। हर मानसून में इसी तरह की घटनाएँ सामने आती हैं, फिर भी जर्जर संरचनाओं की पहचान और उन्हें खाली कराने की व्यवस्था प्रतिक्रियात्मक बनी रहती है — सक्रिय नहीं। सवाल यह है कि क्या स्थानीय नगर निकाय ने मानसून-पूर्व सर्वेक्षण किया था और अगर किया, तो इस मकान को चिह्नित क्यों नहीं किया गया। दो बच्चियों की मौत यह याद दिलाती है कि आपदा-प्रबंधन की चूक का सबसे भारी बोझ अक्सर सबसे कमज़ोर वर्ग उठाता है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगलुरु में मकान पर मलबा गिरने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 1 जुलाई 2026 की सुबह करीब 4.30 बजे मंगलुरु के नागोरी इलाके में कंकनाडी पुलिस स्टेशन के पीछे हुई। भारी बारिश के कारण ऊँचाई पर बने एक घर की कंपाउंड वॉल ढह गई और नीचे बनी इमारतों पर गिर गई।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
हादसे में एक महिला और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य — एक पुरुष और दो लड़कियाँ — घायल हुईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है; अधिकारियों के अनुसार वे खतरे से बाहर हैं।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
बचाव अभियान में स्थानीय पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम शामिल थी। NDRF घटना के लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुँची, जिसके बाद राहत कार्य में तेज़ी आई।
क्या मलबे में दबे सभी लोगों को निकाल लिया गया?
हाँ, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मलबे में दबे सभी लोगों का पता लगाकर उन्हें बाहर निकाल लिया गया — तीन को जीवित और तीन के शव बरामद किए गए। बचाव अभियान आधिकारिक तौर पर समाप्त घोषित कर दिया गया है।
मानसून में मंगलुरु जैसे तटीय शहरों में इस तरह के हादसे क्यों होते हैं?
मंगलुरु समेत कर्नाटक के तटीय ज़िलों में मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा होती है, जिससे पुरानी और कमज़ोर इमारतों — विशेषकर टाइल-छत वाले पारंपरिक घरों — की नींव और दीवारें कमज़ोर पड़ जाती हैं। अनियोजित निर्माण और ढलानदार ज़मीन पर बनी संरचनाएँ इस जोखिम को और बढ़ा देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले