15 अगस्त 2026
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मध्य प्रदेश 35 साल बाद नक्सल मुक्त, सीएम मोहन यादव ने पुलिस को बताया सुशासन की रीढ़

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मध्य प्रदेश 35 साल बाद नक्सल मुक्त, सीएम मोहन यादव ने पुलिस को बताया सुशासन की रीढ़

सारांश

35 साल की नक्सल छाया से बाहर निकला मध्य प्रदेश — सीएम मोहन यादव ने स्वाधीनता दिवस पर इसे प्रदेशवासियों को सबसे बड़ा तोहफा बताया। 47 पुलिसकर्मी सम्मानित, 27,534 का प्रमोशन और 9,751 नई भर्तियों की मंजूरी — यह सिर्फ जश्न नहीं, पुलिस बल के कायाकल्प का संकेत है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश करीब 35 वर्षों बाद नक्सल मुक्त घोषित, सीएम मोहन यादव ने 15 अगस्त 2026 को की घोषणा।
स्वाधीनता दिवस समारोह में पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रीय पदकों से सम्मानित किया गया।
प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक वर्ष में 27,534 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई।
वर्ष 2023 से अब तक 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का पुलिस में चयन; इस वर्ष 9,751 नई भर्तियों को मंजूरी।
हॉक फोर्स और एमपी पुलिस की नक्सल विरोधी अभियानों में भूमिका को अहम बताया गया।
थाने और वरिष्ठ पुलिस कार्यालय डिजिटल सेवाओं से जोड़े गए।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 अगस्त 2026 को स्वाधीनता दिवस समारोह में घोषणा की कि मध्य प्रदेश करीब 35 वर्षों के बाद पूरी तरह नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने प्रदेश की पुलिस को सेवा, सुरक्षा और सुशासन की असली रीढ़ बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को मिला सबसे अनमोल तोहफा है।

समारोह और सम्मान

मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आयोजित स्वाधीनता दिवस समारोह में पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक, राष्ट्रपति के होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा पदक और सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक शामिल रहे। मुख्यमंत्री यादव ने पदक विजेताओं के साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।

नक्सल मुक्ति का ऐतिहासिक मील का पत्थर

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद मुक्त भारत का संकल्प लिया था और मध्य प्रदेश सरकार ने उस संकल्प के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 'लाल सलाम को आखिरी सलाम' करने वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है। इस अभियान में मध्य प्रदेश पुलिस के जवानों और हॉक फोर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के बालाघाट और मंडला जैसे जिले दशकों तक नक्सल प्रभावित रहे। यादव के अनुसार, कई नक्सलियों का सफाया किया गया जबकि अनेक ने सरकार और पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। अब ये पूर्व नक्सली विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

जनजातीय क्षेत्रों के विकास का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार उन जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए संकल्पित है जो लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे। उन्होंने पुलिस और होमगार्ड्स की विषम परिस्थितियों में भी नागरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता की सराहना की।

पुलिस बल में बड़े सुधार

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस वर्ष अब तक 27,534 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। वर्ष 2023 से अब तक 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का पुलिस में चयन किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त इस वर्ष 9,751 नए पुलिस कर्मियों की भर्ती को मंजूरी दी गई है। थानों और वरिष्ठ पुलिस कार्यालयों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का काम भी पूरा किया जा चुका है।

आगे की राह

नक्सल मुक्ति के बाद प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति और पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास की प्रक्रिया अगले चरण की प्राथमिकता होगी। पुलिस बल में जारी भर्तियाँ और डिजिटलीकरण प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या दशकों से वंचित जनजातीय क्षेत्रों में विकास की रफ्तार उतनी ही तेज होगी जितनी नक्सल उन्मूलन अभियान की थी? पूर्व नक्सलियों का पुनर्वास और उनका मुख्यधारा में स्थायी समावेश महज घोषणाओं से नहीं होगा। 27,534 पदोन्नतियाँ और 9,751 नई भर्तियाँ बल का मनोबल बढ़ाने के लिए जरूरी कदम हैं, पर जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक असमानता दूर किए बिना यह जीत अधूरी रहेगी।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश नक्सल मुक्त कब और कैसे हुआ?
मध्य प्रदेश को 15 अगस्त 2026 को करीब 35 वर्षों बाद नक्सल मुक्त घोषित किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस और हॉक फोर्स के संयुक्त अभियानों के जरिए नक्सलियों का सफाया किया गया और कई ने आत्मसमर्पण कर हथियार डाल दिए।
स्वाधीनता दिवस समारोह में किन पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया?
भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समारोह में पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा पदक और सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया।
मध्य प्रदेश पुलिस में कितनी नई भर्तियाँ और पदोन्नतियाँ हुई हैं?
इस वर्ष प्रदेश में 27,534 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई, जो प्रदेश के इतिहास में एक वर्ष में सर्वाधिक है। वर्ष 2023 से अब तक 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है और इस वर्ष 9,751 नई भर्तियों को मंजूरी दी गई है।
नक्सल मुक्ति के बाद पूर्व नक्सलियों का क्या होगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार जो नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, वे अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार लंबे समय से वंचित जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
हॉक फोर्स की नक्सल विरोधी अभियान में क्या भूमिका रही?
हॉक फोर्स मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष इकाई है जिसने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियानों का नेतृत्व किया। सीएम यादव ने हॉक फोर्स और पुलिस जवानों की भूमिका को नक्सल मुक्ति में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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