BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम को मिली खिलाड़ियों की मंजूरी, 17 अगस्त से आगाज़
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का आगाज़ 17 अगस्त से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने जा रहा है, और दुनिया की शीर्ष टीमों ने शनिवार को यहाँ अभ्यास सत्र के बाद स्टेडियम को अपनी मंजूरी दे दी है। चीन समेत अन्य टॉप टीमों ने मेन हॉल में प्रैक्टिस की और स्टेडियम में हुए बदलावों की सराहना की। भारत 17 साल के लंबे अंतराल के बाद इस प्रतिष्ठित बैडमिंटन टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है।
स्टेडियम सुधार पर ₹20 करोड़ से अधिक का खर्च
इस साल की शुरुआत में इंडिया ओपन के दौरान कई खिलाड़ियों ने स्टेडियम की स्थितियों को लेकर चिंता जताई थी। उस टूर्नामेंट को वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए एक परीक्षण आयोजन के रूप में देखा गया था। इसके बाद बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने तत्परता दिखाते हुए स्टेडियम के उन्नयन पर ₹20 करोड़ से अधिक खर्च किए।
शनिवार को अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने बताया कि मेन हॉल के सभी कोर्ट पर हवा का हल्का साइड ड्रिफ्ट महसूस हुआ, लेकिन उनका ध्यान इन परिस्थितियों को समझकर उसके अनुसार खेल को ढालने पर था।
चीनी खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
चीन की वर्ल्ड नंबर 3 खिलाड़ी वांग झी यी ने स्टेडियम में हुए बदलावों की तारीफ करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि स्टेडियम में काफी बदलाव हुए हैं; यह बहुत अच्छी बात है। मैंने अभी अपनी ट्रेनिंग पूरी की है। मुझे लगा कि कोर्ट पर थोड़ी हवा चल रही थी, इसलिए हमें वहाँ के हालात के हिसाब से ढलना होगा।'
2020 टोक्यो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट चेन युफेई ने भी सुधरी हुई स्थितियों की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'पिछली बार जब हम यहाँ खेले थे, उसकी तुलना में हालात काफी अच्छे हैं। मैं मौसम के हिसाब से ढल रही हूँ, लेकिन इसके अलावा, मेरा पूरा ध्यान टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।'
टूर्नामेंट का प्रारूप और प्रमुख मुकाबले
इंडिया ओपन में मुकाबले आमतौर पर मंगलवार से शुरू होते हैं, जबकि इस बार वर्ल्ड चैंपियनशिप की शुरुआत सोमवार 17 अगस्त से ही होगी। पहले दिन मेंस सिंगल्स और विमेंस सिंगल्स ड्रॉ के टॉप हाफ के मुकाबले खेले जाएंगे।
विमेंस सिंगल्स में सबसे प्रतीक्षित मुकाबलों में से एक प्री-क्वार्टर फाइनल में वांग झी यी और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु के बीच हो सकता है। चीन की हान युए (वर्ल्ड नंबर 5) और चेन युफेई पर विमेंस सिंगल्स में 15 साल से चले आ रहे गोल्ड मेडल के सूखे को खत्म करने की उम्मीदें टिकी हैं।
खिलाड़ियों की सुविधाओं में बड़ा सुधार
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने खिलाड़ियों के लिए एक विशेष लाउंज बनाया है, जहाँ चौबीसों घंटे खाने-पीने की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त, महिला खिलाड़ियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए सैनिटरी पैड मशीन भी लगाई गई है — जो भारत में किसी बड़े बैडमिंटन टूर्नामेंट में इस तरह की पहली व्यवस्थाओं में से एक मानी जा रही है।
गौरतलब है कि यह आयोजन भारत की बैडमिंटन मेजबानी क्षमता की एक बड़ी परीक्षा है, और शुरुआती प्रतिक्रियाएँ उत्साहजनक हैं। अब सभी की निगाहें 17 अगस्त से शुरू होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं।