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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025: गोपीचंद बोले — '17 साल बाद भारत की मेजबानी, यह ऐतिहासिक पल'

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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025: गोपीचंद बोले — '17 साल बाद भारत की मेजबानी, यह ऐतिहासिक पल'

सारांश

17 साल के इंतज़ार के बाद भारत फिर BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेज़बानी करने जा रहा है — और गोपीचंद का मानना है कि सिंधु, सात्विक-चिराग और आयुष जैसे दावेदारों के साथ घरेलू समर्थन इस टूर्नामेंट को भारतीय बैडमिंटन का सबसे बड़ा मौका बना सकता है।

मुख्य बातें

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का 30वाँ संस्करण 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली में आयोजित होगा — 17 साल बाद भारत को यह मेज़बानी मिली है।
कोच पुलेला गोपीचंद ने इसे बैडमिंटन और भारतीय खेल दोनों के लिए 'शानदार पल' करार दिया।
BAI अध्यक्ष एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ऑफिशियल मैस्कॉट और एंथम लॉन्च इवेंट में भाग लिया।
गोपीचंद ने सिंधु, सात्विक-चिराग और आयुष को पदक के प्रमुख दावेदार बताया।
वर्ल्ड चैंपियनशिप के तुरंत बाद एशियन गेम्स होने से अगले दो महीने भारतीय बैडमिंटन के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं।

भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच और ऑल इंग्लैंड चैंपियन पुलेला गोपीचंद ने 18 जुलाई को नई दिल्ली में कहा कि BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी 17 साल बाद भारत को मिलना न केवल बैडमिंटन, बल्कि समूचे भारतीय खेल जगत के लिए एक शानदार उपलब्धि है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) द्वारा आयोजित ऑफिशियल मैस्कॉट और एंथम लॉन्च इवेंट में गोपीचंद ने मीडिया से खुलकर बातचीत की।

मेजबानी का महत्व

गोपीचंद ने कहा, 'देश को फिर से वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करते देखना बहुत अच्छा है। यह न सिर्फ बैडमिंटन के लिए बल्कि भारतीय खेल के लिए भी एक शानदार पल है।' उन्होंने जोड़ा कि बैडमिंटन एक खेल के रूप में वर्षों में निरंतर बढ़ा है और यह सही समय है कि भारत ऐसे बड़े वैश्विक आयोजन की मेज़बानी करे।

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का 30वाँ संस्करण 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली में आयोजित होगा। लॉन्च इवेंट में BAI के अध्यक्ष एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, BAI के महासचिव संजय मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भारतीय खिलाड़ियों की दावेदारी

गोपीचंद ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर आशावाद जताया। उन्होंने कहा, 'सिंधु का जापान में फाइनल में पहुँचना, आयुष का होना, सात्विक और चिराग — कुछ बहुत अच्छे पदक के दावेदार हैं। ऐसे दावेदारों के साथ बड़े गेम्स में जाना बहुत अच्छा है।' उन्होंने यह भी कहा कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद एशियन गेम्स होने से अगले दो महीने भारतीय बैडमिंटन के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

गोपीचंद के अनुसार, घरेलू दर्शकों का समर्थन और परिचित परिस्थितियाँ भारतीय खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त लाभ साबित होंगी। उन्होंने कहा, 'मुझे यकीन है कि घरेलू हालात, घरेलू भीड़ और समर्थन खिलाड़ियों के लिए मददगार होंगे।'

व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर नज़रिया

व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल के बारे में पूछे जाने पर गोपीचंद ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी सीजन के दौरान कई बड़े इवेंट्स में संतुलन बनाने में परिपक्व हो चुके हैं। उनके अनुसार, स्थानीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भारतीय खिलाड़ियों को दूसरे देशों के मुकाबले बढ़त देता है।

बुनियादी ढाँचे में सुधार

गोपीचंद ने स्टेडियम और आयोजन की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा, 'सरकार ने स्टेडियम को नए सिरे से तैयार करने की पूरी कोशिश की है। स्टेडियम बहुत अच्छा लग रहा है और आयोजन भी बेहतर हो गई है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार खिलाड़ियों का अनुभव पहले से कहीं बेहतर होगा और यह टूर्नामेंट भारतीय प्रशंसकों के लिए यादगार बनेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत की है और घरेलू मेज़बानी से इस गति को और आगे ले जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मेज़बानी और पदक के बीच का फ़ासला अक्सर अपेक्षाओं से बड़ा साबित होता है। घरेलू भीड़ का दबाव प्रेरणा और बोझ — दोनों हो सकता है, जैसा 2011 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कई खिलाड़ियों ने महसूस किया था। सात्विक-चिराग की जोड़ी और सिंधु निश्चित रूप से मज़बूत दावेदार हैं, पर BWF सर्किट पर चीन और दक्षिण कोरिया की गहराई को नज़रअंदाज़ करना जोखिम भरा होगा। असली परीक्षा यह है कि क्या भारतीय खिलाड़ी घरेलू माहौल को रणनीतिक बढ़त में बदल पाते हैं — या यह अवसर महज़ एक शानदार आयोजन बनकर रह जाता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 कहाँ और कब होगी?
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का 30वाँ संस्करण 17 से 23 अगस्त 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह 17 साल बाद पहली बार है जब भारत इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेज़बानी कर रहा है।
गोपीचंद ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेज़बानी को लेकर क्या कहा?
पुलेला गोपीचंद ने इसे बैडमिंटन और भारतीय खेल दोनों के लिए 'शानदार पल' बताया। उन्होंने कहा कि यह सही समय है जब भारत ऐसे बड़े वैश्विक इवेंट की मेज़बानी करे और घरेलू दर्शकों का समर्थन खिलाड़ियों के लिए मददगार साबित होगा।
इस टूर्नामेंट में भारत के प्रमुख पदक दावेदार कौन हैं?
गोपीचंद ने पीवी सिंधु, सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी, तथा आयुष को भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में गिनाया। उन्होंने जापान में सिंधु के फाइनल में पहुँचने का भी उल्लेख किया।
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के मैस्कॉट और एंथम लॉन्च में कौन शामिल हुए?
लॉन्च इवेंट में BAI के अध्यक्ष एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, BAI के महासचिव संजय मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कोच पुलेला गोपीचंद ने भी इस अवसर पर मीडिया से बातचीत की।
वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद भारतीय खिलाड़ियों का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के तुरंत बाद एशियन गेम्स होने वाले हैं, जिससे अगले दो महीने भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद अहम हैं। गोपीचंद ने कहा कि इस व्यस्त कैलेंडर में भारतीय खिलाड़ी संतुलन बनाने में परिपक्व हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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